Parenting Mistakes: बच्चों को ऐसे मौके पर हरगिज ना डांटे, मासूम दिल पर होता है गहरा असर

Aparajita लाइव हिन्दुस्तान
share

Parenting Mistakes: बच्चों की परवरिश प्यार और डांट दोनों के साथ पैरेंट्स करते हैं। लेकिन दिनभर के कुछ मौके ऐसे होते हैं जब उन्हें डांटने और गुस्सा करने की गलती नहीं करनी चाहिए। बच्चों के मासूम दिल पर गहरा असर होता है और उनकी बॉन्डिंग पैरेंट्स के साथ खत्म होने लगती है।

Parenting Mistakes: बच्चों को ऐसे मौके पर हरगिज ना डांटे, मासूम दिल पर होता है गहरा असर

बच्चे नादान होते हैं और अक्सर ढेर सारी शरारतें करते हैं। अब उन्हें समझाकर सही चीजें सिखानी है या फिर डांटकर इसे तो पैरेंटस ही तय कर सकते हैं। क्योंकि हर बच्चे का मिजाज अलग होता है। लेकिन प्यार से समझाने से जितना समझ जाते हैं उतना डांटने से नहीं। लेकिन फिर भी दिन के कुछ मौके होते हैं जब पैरेंट्स अपने खराब मूड का शिकार बच्चों को बना देते हैं और उन्हें डांट लगाते हैं। लेकिन बच्चों को अगर आप हर वक्त डांटते हैं तो इससे बच्चों की बॉन्डिंग पैरेंट्स के साथ खराब होने लगती है। मासूम दिल पर इन डांट का गहरा असर होता है। बच्चे के साथ अपनी बॉन्डिंग को मजबूत बनाना है और दिल में अपने लिए खास जगह बनाकर रखनी है तो बच्चों को ऐसे मौके पर हरगिज ना डांटे। जबकि ज्यादातर पैरेंट्स इसी वक्त पर उन्हें डांटते चिल्लाते हैं, जिससे बच्चों के माइंड पर बुरा असर पड़ता है।

सुबह उठने के बाद

बच्चों को स्कूल भेजने की जल्दी और कामकाज की जल्दीबाजी में बच्चों को अक्सर पैरेंट्स सुबह उठते ही डांटना शुरू कर देते हैं। जबकि इस वक्त पर बच्चों के साथ प्यार से बोलना उनके साथ कनेक्शन को मजबूत बनाता है। बच्चों का माइंड फ्रेश और पॉजिटिव तरीके से चलता है और वो स्कूल ज्यादा हैप्पी मूड में जाते हैं और उनकी लर्निंग स्किल भी बेहतर होती है।

टीवी या मोबाइल बंद करने के बाद

बच्चा काफी टाइम से स्क्रीन पर बिता रहा था और अचानक से उसने टीवी या मोबाइल, गेम बंद कर दिया और किसी बात पर चिड़चिड़ापन दिखा रहा तो इस वक्त उन्हें डांटे नहीं क्योंकि बच्चा अकेलेपन से जूझ रहा है। ऐसे टाइम पर बच्चे के इमोशन को रेगुलेट करें। इस वक्त टीवी और मोबाइल देखने के लिए डांटने की बजाय उनसे बात करें या कुछ गेम खेलें।

सोने के पहले

बच्चे के सोने का टाइम हो गया तो उसे डांटकर बिस्तर पर भेजने की गलती ना करें। बल्कि इस वक्त उसे प्यार से बातचीत करते हुए बेड पर ले जाएं और दिनभर के बारे में कुछ बात शुरू करें। बच्चे खुद सारी बातें शेयर करेंगे और आपकी बॉन्डिंग बच्चे के साथ मजबूत होगी।

रिसर्च में ये पता चल चुका है कि दिन के इन खास पलों में बच्चों को अगर डांटकर अपनी बात मनवाने की बजाय प्यार से बातचीत करते हुए समझाएं तो उनमे कॉन्फिडेंस और बॉन्डिंग बढ़ती है। साथ ही उनमे बिहेवियरल चेंज भी देखने को मिलता है।

Aparajita

लेखक के बारे में

Aparajita

अपराजिता शुक्ला पिछले छह सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर कंटेट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।


परिचय एवं अनुभव


अपराजिता शुक्ला पिछले छह से अधिक सालों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती आ रही हैं। करियर की शुरुआत अमर उजाला डिजिटल में इंटर्नशिप और फिर बतौर जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में की। जहां पर उन्हें मिसेज इंडिया 2021 की रनर अप के इंटरव्यू को भी कवर करने का मौका मिला। वहीं अब लाइव हिन्दुस्तान में कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम कर रही हैं। अपराजिता शुक्ला ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से बी.कॉम के साथ मास कम्यूनिकेशन की डिग्री ली है।


लेखन शैली और दृष्टिकोण


सरल और बेहद सामान्य भाषा में सेहत, फिटनेस और खान-पान के विषय में जानकारी देने के साथ बॉलीवुड फैशन पर निगाह रखती हैं। एक्टर-एक्ट्रेसेज के फैशन सेंस को आम लड़के-लड़कियों की पसंद-नापसंद के साथ कंफर्ट से जोड़कर टिप्स देना खासियत है। वहीं ट्रेंड में चल रहे विषयों के साथ रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाले हैक्स और टिप्स को अपने पाठकों तक पहुंचाना पसंद करती हैं।


विशेषताएं:
सेहत और फिटनेस से जुड़ी समस्याओं के निदान और कारण पर विशेषज्ञों की तथ्यपरक जानकारी
बॉलीवुड फैशन और आम लोगों की स्टाइल से जुड़ी जानकारी
ट्रैवल, रिलेशनशिप, कुकिंग टिप्स एंड हैक्स के साथ लाइफ की समस्याओं के निदान पर सरल भाषा में लिखना

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।