बच्चे की एक्सट्रा उछल-कूद से हैं परेशान? डॉक्टर ने बताईं हाइपरएक्टिव बच्चों को हैंडल करने की 6 टिप्स

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हर बच्चे का स्वभाव अलग होता है। कुछ बहुत शांत होते हैं तो वहीं कुछ बहुत ज्यादा एक्टिव होते हैं, जिन्हें हैंडल करना काफी मुश्किल होता है। ऐसे में डॉक्टर ने 6 टिप्स शेयर की हैं जिन्हें अपनाकर हाइपरएक्टिव बच्चों को हैंडल किया जा सकता है।

Doctor shares 6 tips for handling a hyperactive child.
हाइपरएक्टिव बच्चे को हैंडल करने के लिए डॉक्टर ने बताई 6 टिप्स

हर बच्चा एक अलग स्वभाव का होता है और उनका स्वभाव उम्र, परवरिश, वातावरण और जन्मजात इन सबके मेल से बनता है। कुछ बच्चे बहुत ज्यादा शांत होते हैं और नए लोगों या नई जगहों में खुलने में समय लेते हैं, लेकिन परिचित वातावरण में सहज हो जाते हैं। वहीं कुछ बच्चे जरूरत से ज्यादा एक्टिव होते हैं और लगातार एक्टिव रहना चाहते हैं और उन्हें लंबे समय तक एक जगह बैठना मुश्किल लग सकता है। इस तरह के हाइपरएक्टिव बच्चे अपनी उम्र के दूसरे बच्चों की तुलना में ज्यादा चंचल, बेचैन या लगातार एक्टिविटी में रहने वाला होते हैं। इस तरह के स्वभाव वाले बच्चों को हैंडल कर पाना थोड़ा मुश्किल होता है। ऐसे में पीडियाट्रीशियन डॉ. शगुफ्ता इकबाल ने 6 टिप्स शेयर की हैं जिन्हें अपनाकर एक हाइपरएक्टिव बच्चे को संभालना आसान हो जाएगा।

हाइपरएक्टिव बच्चे को कैसे हैंडल करें

1) मीठी चीजें कम खिलाएं

एक्सपर्ट कहती हैं कि अगर बच्चा हाइपरएक्टिव है तो उसे मीठा देना बंद करें। चॉकलेट,टॉफी और मिठाई जैसी चीजें बच्चे में ग्लूकोज स्पाइक बढ़ाने का काम करते हैं। जिसकी वजह से बच्चा हाइपरएक्टिव हो सकता है।

2) चाय-कॉफी से दूरी बनाएं

चाय-कॉफी जैसी कैफिनेटेड ड्रिंक्स बच्चों को नहीं देनी चाहिए।डॉक्टर कहती हैं कि 12 साल तक के बच्चों को इन ड्रिंक्स से दूर रखना चाहिए।

3) स्क्रीन टाइम कम करें

आजकल बच्चे बहुत ज्यादा फोन का इस्तेमाल करते हैं। कुछ पेरेंट्स भी बच्चे को मूवी दिखाते हैं या फिर बच्चा जब ज्यादा परेशान करता है तो उसे फोन दे देते हैं। ये गलत है, फोन किसी भी उम्र के बच्चे के लिए सही नहीं है।

4) एनर्जी को सही आउटलेट दें

जिन बच्चों में बहुत ज्यादा एनर्जी होती है तो पेरेंट्स को बच्चे की एनर्जी को सही जगह पर काम में लाना चाहिए। जैसे आप बच्चे को किसी स्पोर्ट्स एक्टिविटी में एडमिशन दिलवाएं या फिर उन्हें उनकी पसंदीदा एक्टिविटी सिखाएं। आप उन्हें ऐसी इंडोर या आउटडोर एक्टिविटी में शामिल करें, जिससे ब्रेन डेवलप हो सके।

5) रूटीन सेट करें

बच्चे का रूटीन सेट करें। जैसे बच्चा कब उठेगा, उसके खाना का समय, सोने का समय सब पहले से तय करें जिससे बच्चे को पता हो कि उसे अब क्या करना है।

6) अच्छे व्यवहार की तारीफ करें

बच्चा जब भी गलती करता है तो पेरेंट्स अक्सर उसे डांट देते हैं लेकिन जब आप हाइपरएक्टिव बच्चे के साथ ऐसा करते हैं तो वह उन चीजों को और ज्यादा करता है जिसके लिए आप उसे डांट रहे हैं। इसलिए जब भी बच्चा कुछ ऐसा करे जो आपने उसे करने के लिए कहा है तब उसकी तारीफ करें।

नोट- डॉक्टर कहती हैं कि हर एक्टिव या हाइपरएक्टिव बच्चा एडीएचडी नहीं होता। अगर ध्यान, आवेग और सक्रियता घर और स्कूल दोनों जगह कामकाज को प्रभावित कर रही है, तो एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।

Avantika Jain

लेखक के बारे में

Avantika Jain
अवंतिका जैन ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री ली है। फिलहाल वह बतौर सीनियर कॉन्टेंट प्रोड्यूसर लाइव हिंदुस्तान में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। एंटरटेनमेंट से जुड़ी खबरों को लिखने और वीडियोज बनाने में भी इनकी रुचि है। 5 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहीं अवंतिका लाइव हिन्दुस्तान से पहले ईटीवी भारत के दिल्ली डेस्क पर काम कर चुकी हैं। नई जगहों को एक्सप्लोर करना, नए लोगों से जुड़ना और फिल्में/वेब सीरीज देखने की शौकीन हैं। और पढ़ें

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