वायरल फीवर से परेशान बच्चों के लिए डॉक्टर माधवी भारद्वाज की जरूरी सलाह, जानें क्या करें और क्या नहीं

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वायरल इंफेक्शन की चपेट में लगातार बच्चे और बड़े दोनों आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों की डॉक्टर माधवी भारद्वाज ने कुछ टिप्स शेयर की हैं जो आपके लिए मददगार साबित हो सकती है।

The doctor explained what to do and what not to do when a child has a viral fever.
डॉक्टर ने बताया बच्चे को वायरल फीवर होने पर क्या करें और क्या ना करें।

वायरल फीवर बहुत तेजी से फैल रहा है और बच्चे-बड़े सभी इसकी चपेट में आ रहे हैं। इसकी वजह से बच्चों को तेज बुखार समेत कई दूसरे लक्षण जैसे जुकाम, खांसी, शरीर में दर्द महसूस हो रहा है। बच्चे भी वायरल फीवर से परेशान हो रहे हैं। ऐसे में बच्चों की डॉक्टर माधवी भारद्वाज ने वायरल फीवर से जुड़ी एक वीडियो के जरिए कुछ जरूरी बातों को शेयर किया है।

क्या कहती हैं डॉक्टर

डॉक्टर का कहना है कि फीवर लंब चल रहा है और आपको सब्र रखना होगा। शुरू के पहले दो दिनों में फीवर इतनी तेज आता है कि दवाई का भी कुछ खास असर नहीं दिखता। पेरेंट्स शिकायत करते हैं कि दवा देने पर बुखार उतर जाता है लेकिन फिर दोबारा हो जाता है और कई बार दोबार दवाई देने से पहले ही फीवर आने लगता है। फीवर तीसरे दिन से थोड़ा मुरझाना शुरू करता है। कुछ बच्चों का फीवर पूरी तरह से टूट जाता है और कुछ बच्चों में फिर से लक्षण दिखने लगते हैं। कई बार फ्लू, डेंगू जैसी समस्या में लो प्लेटलेट्स हो सकतीहैं। ऐसे में आइब्यूप्रोफेन, मेफ्टाल दोनों ही एनसेड्स हैं जिनकी वजह से ब्लीडिंग हो सकती है। तो इन्हें अवॉइड करें और सिर्फ पैरासिटामोल पर ही रहें।

वायरल के मुख्य लक्षण

-बुखार

-खांसी

-सिर में दर्द

-बदन में दर्द

-लूस मोशन

-उल्टी

-गर्दन में दर्द

-पेट दर्द

-मुंह में छाले

-शरीर पर रैश

फीवर में क्यों बच्चे नहीं खाते खाना

दरअसल बच्चों को फीवर में भूख लगना बंद हो जाती है क्योंकि वही ल्यूकोट्राइन और प्रोस्टाग्लैंडिंस फीवर कर रहे हैं और इंफेक्शन से लड़ रहे होते हैं वहीं भूख लगने को कम कर देते हैं। इसलिए जबरदस्ती ना करें। क्योंकि जबरदस्ती करने से उन बच्चों को भी उल्टी हो सकती है जिनमें ये लक्षण नहीं है। डॉक्टर कहती हैं कि बच्चे की भूख वापिस आने में कम से कम 2 हफ्ते लग सकते हैं।

वायरल फीवर में क्या करें

-बुखार आने पर पंखा और एसी चलाकर रखें और कंभल वगैराह नहीं ओढ़ाने हैं।

-बुखार उतारने के लिए पट्टी करें। इसके लिए पट्टी को एक जगह रखें नहीं बल्की पूरे शरीर को इससे पोंछे।

-पट्टी करने के लिए बहुत ज्यादा ठंडा पानी ना लें बल्कि नल के पानी का इस्तेमाल करें।

-बच्चा अगर खाना नहीं खा रहा है तो उसके साथ जबरदस्ती ना करें।

-बच्चे को खाना खिलाने के लिए जबरदस्ती ना करें। बल्की उन्हें थोड़ा-थोड़ा खिलाते रहें। आलू, केला दही चावल किसी चीज का परहेज नहीं है।

-बच्चा अगर सिर्फ एक या दो चम्मच खा रहा है या नहीं खा रहा है तो चिंता ना करें।

-बच्चे के पानी पीने की मात्रा पर ध्यान दें।

वायरल फीवर में क्या ना करें

डॉक्टर कहती हैं कि जबरदस्ती एंटीबायोटिक ना दें। अगर बुखार नहीं उतर रहा है तो खुद से कोई दवा ना दें सिर्फ डॉक्टर की सलाह लें।

डॉक्टर के पास खुद से टेस्ट करवाकर ना जाएं। क्योंकि कुछ समय तक ब्लड टेस्ट में कुछ भी क्लीयर नहीं होता। जब आपका डॉक्टर कहे तभी टेस्ट करवाएं।

डॉक्टर कहती है कि फीवर ठीक होने में बच्चों को दो हफ्ते तक लग रहे हैं। पहले 7 से 10 दिन में लक्षण गंभीर दिखते हैं। कभी जुकाम खांसी ठीक होता है तो कभी डायरिया हो जाता है। फिर वह ठीक होता है तो कोई और समस्या हो सकती है। ये ऐसे ही चल रहा है जिसमें आखिर के 5 से 7 दिन में बच्चों की रिकवरी होती है। इसलिए सब्र रखें और अपने डॉक्टर की बात सुनें।

Avantika Jain

लेखक के बारे में

Avantika Jain
अवंतिका जैन ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री ली है। फिलहाल वह बतौर सीनियर कॉन्टेंट प्रोड्यूसर लाइव हिंदुस्तान में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। एंटरटेनमेंट से जुड़ी खबरों को लिखने और वीडियोज बनाने में भी इनकी रुचि है। 5 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहीं अवंतिका लाइव हिन्दुस्तान से पहले ईटीवी भारत के दिल्ली डेस्क पर काम कर चुकी हैं। नई जगहों को एक्सप्लोर करना, नए लोगों से जुड़ना और फिल्में/वेब सीरीज देखने की शौकीन हैं। और पढ़ें

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