डरें नहीं, सतर्क रहें ! जब बच्चा अचानक बिस्तर से गिर जाए तो याद रखें डॉक्टर अनुराधा के लाइफ सेविंग टिप्स
घबराहट के उस माहौल में दिमाग जैसे काम करना बंद कर देता है और व्यक्ति को समझ नहीं आता कि वो क्या करें, बच्चे को पहले चुप करवाएं, चोट चेक करें या फिर सीधा डॉक्टर के पास भागें।

किसी भी माता-पिता के लिए वो पल किसी डरावने सपने से कम नहीं होता है, जब उनका बच्चा खेलते-खेलते अचानक बिस्तर से नीचे गिर जाता है। बच्चे के रोने की आवाज पेरेंट्स की दिल की धड़कनों को तेज करने के साथ दिमाग में सौ तरह के सवाल भर देती है। घबराहट के उस माहौल में दिमाग जैसे काम करना बंद कर देता है और व्यक्ति को समझ नहीं आता कि वो क्या करें, बच्चे को पहले चुप करवाएं, चोट चेक करें या फिर सीधा डॉक्टर के पास भागें। अगर आपके घर पर भी छोटे बच्चे हैं तो उनकी सुरक्षा के लिए बच्चों की फेमस डॉक्टर अनुराधा जी ने कुछ ऐसे जरूरी और लाइफ-सेविंग टिप्स शेयर किए हैं, जो परेशानी से निपटने में काम आ सकते हैं।
डॉक्टर अनुराधा के अनुसार, बच्चा जब बिस्तर से गिरता है, तो घबराने की जगह पेरेंट्स को शांति से स्थिति का आकलन करते हुए इन जरूरी टिप्स पर ध्यान देना चाहिए।
1. तुरंत शांत हों और बच्चे को चेक करें
बच्चे के गिरने की आवाज सुनते ही चीखना या घबराना स्वाभाविक है, लेकिन आपकी घबराहट बच्चे को और डरा सकती है। उसे तुरंत उठाने से पहले कुछ सेकेंड रुककर यह चेक करें कि क्या वह होश में है और हिल-डुल रहा है या नहीं। अगर बच्चा गिरने के बाद बेहोश हो जाए। भले ही चाहे वो कुछ सेकेंड के लिए बेहोश हुआ हो, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
2. चोट का बारीकी से निरीक्षण करें
बच्चे के गिरने पर सबसे पहले उसके सिर की जांच करके देखें कि कहीं कोई सूजन (नील), कट या खून तो नहीं निकल रहा है। अगर गिरने के बाद बच्चे के सिर पर किसी तरह की कोई बड़ी सूजन दिखाई दे तो भी तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। कई बार ऐसा अंडर लाइन फ्रेक्चर की वजह से भी होता है।
3. अगले 24 घंटों तक इन 'डेंजर साइन्स' पर नजर रखें
डॉक्टर अनुराधा का कहना है कि गिरने के तुरंत बाद बच्चा ठीक लग सकता है, लेकिन अगले 24 घंटे बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। अगर इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो बिना देरी किए अस्पताल भागें- अगर बच्चा गिरने के बाद दवा लेने के बाद भी बार-बार उल्टी करें, जरूरत से ज्यादा सुस्ती महसूस करना या जगाने पर भी न जागना, अगर आपको महसूस हो रहा हो कि बच्चे को अस्वाभाविक तरीके से दौरे जैसे पड़ रहे हैं, नाक या कान से किसी भी तरह का तरल पदार्थ या खून निकलना, लगातार रोना और चुप न होना।
सलाह- ऊपर बताए गए सभी लक्षण बताते हैं कि आपको तुरंत बच्चे को डॉक्टर को दिखाना चाहिए। लेकिन इसके विपरीत अगर आपका बच्चा गिरने के तुंरत बाद नॉर्मल बिहेव करता है, पहले की तरह उठकर खेलने लगता है, दूध पीता है, उल्टी नहीं करता तो आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। आपको बस 24 से 48 घंटों तक बच्चे में इन लक्षणों को बारीकी से नोटिस करना है।

लेखक के बारे में
Manju Mamgain
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मंजू ममगाईं पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।
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मंजू ममगाईं वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिख रही हैं। बीते साढ़े 6 वर्षों से इस महत्वपूर्ण भूमिका में रहते हुए उन्होंने न केवल डिजिटल कंटेंट के बदलते स्वरूप को करीब से देखा है, बल्कि यूजर बिहेवियर और पाठकों की बदलती रुचि को समझते हुए कंटेंट को नई ऊंचाइयों तक भी पहुंचाया है। पत्रकारिता के तीनों मुख्य स्तंभों— टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल 18 वर्षों का लंबा अनुभव उनकी पेशेवर परिपक्वता का प्रमाण है।
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