
डिलीवरी के बाद सेहत पर नहीं दिया ध्यान तो होंगे ये हैं 5 बड़े नुकसान, हर महिला पढ़ें ये सलाह
Disadvantages of not resting after delivery : प्रेग्नेंट महिला का स्वास्थ्य बेहतर बना रहे इसके लिए उसे डिलीवरी के बाद भी कुछ दिन तक रेस्ट करना चाहिए। आइए जानते हैं डिलीवरी के बाद रेस्ट ना लेने वाली महिलाओं को सेहत से जुड़ी क्या-क्या परेशानियां हो सकती हैं।
प्रेग्नेंसी के दौरान मां और बच्चे की सेहत को अच्छा बनाए रखने के लिए डॉक्टर और परिवार से महिला को सेहत का खास ख्याल रखने की सलाह हर समय मिलती रहती है। इस सलाह को मानने से ना सिर्फ मां की सेहत बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु का विकास भी अच्छी तरह होता है। हालांकि अकसर देखा जाता है कि कई महिलाएं न्यूक्लियर फैमिली या फिर परिवार में अनबन की वजह सेडिलीवरी के बाद बच्चे का तो ख्याल रखती हैं लेकिन खुद पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाती हैं। जिसकी वजह से उसे सेहत से जुड़ी कई बड़ी परेशानियां समय के साथ घेरने लगती हैं। प्रेग्नेंट महिला का स्वास्थ्य बेहतर बना रहे इसके लिए उसे डिलीवरी के बाद भी कुछ दिन तक रेस्ट करना चाहिए। आइए जानते हैं डिलीवरी के बाद रेस्ट ना लेने वाली महिलाओं को सेहत से जुड़ी क्या-क्या परेशानियां हो सकती हैं।
डिलीवरी के बाद आराम नहीं करने वाली महिलाओं को होते हैं ये 5 नुकसान
अत्यधिक ब्लीडिंग
डिलीवरी के बाद आराम न करने से महिला का गर्भाशय ठीक से नहीं सिकुड़ने या संक्रमण (प्लेसेंटा का टुकड़ा रह जाने पर) के कारण गंभीर रक्तस्राव की समस्या हो सकती है।
संक्रमण का खतरा
गर्भाशय और जननांग के रास्ते में बैक्टीरिया से इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है, जिससे बुखार, पेट दर्द और दुर्गंधयुक्त डिस्चार्ज की समस्या परेशान कर सकती है। इसके अलावा रेस्ट नहीं करने से शरीर की हीलिंग पॉवर भी कमजोर हो जाती है। जिसकी वजह से खासतौर पर सी-सेक्शन डिलीवरी करवाने वाली महिलाओं के टांकों की रिकवरी नहीं होती है और एक समय बाद वहां इंफेक्शन होने का रिस्क भी बढ़ जाता है।
गर्भाशय नीचे आना
लंबे समय में, गर्भाशय को सहारा देने वाली पेल्विक मांसपेशियां और लिगामेंट्स कमजोर पड़ जाते हैं या खिंच जाते हैं। इससे गर्भाशय नीचे खिसकने लगता है।
कमजोरी
डिलीवरी के बाद अगर महिलाएं अच्छी तरह अपना ध्यान नहीं रखती हैं तो उन्हें थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है। जिसकी वजह से महिलाओं की इम्यूनिटी भी कमजोर हो जाती है और वो जल्दी-जल्दी बीमार पड़ सकती हैं।
खून की कमी
डिलीवरी के बाद शरीर में बहुत कमजोरी आ जाती है और कई तरह के पोषक तत्व भी कम हो जाते हैं। इस समय अपनी सेहत का ध्यान नहीं रखने पर कई महिलाओं को एनीमिया की शिकायत भी हो जाती है।
महिला को पूरी तरह रिकवर होने के लिए कितना रेस्ट लेना चाहिए
एक्सपर्ट के अनुसार, डिलीवरी के बाद महिला का रेस्ट उसकी डिलीवरी किस तरह से हुई है, इस बात पर निर्भर करता है। इसके अलावा महिला की ओवरऑल हेल्थ,सेहत से जुड़ी समस्याओं का भी पूरा ख्याल रखना चाहिए।
वजाइनल डिलीवरी
अगर महिला की वजाइनल डिलीवरी हुई है, तो डिलीवरी के लिए बाद कम से कम 4 से 6 सप्ताह का समय लग सकता है। लेकिन, पूरी तरह रिकवर में ज्यादा समय भी लग सकता है।
सीजेरियन डिलीवरी
सीजेरियन डिलीवरी में महिला को ज्यादा देखभाल की जरूरत हो सकती है। सीजेरियन सेक्शन डिलीवरी होने के बाद शुरुआत में दो सप्ताह रेस्ट जरूर करना चाहिए। पूरी तरह रिकवर होने में 3 महीने तक का समय भी लग सकता है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
-नॉर्मल और सीजेरियन दोनों ही तरह की डिलीवरी में डाइट और लाइफस्टाइल दोनों को मेंटेन रखना चाहिए। जिसमें न्यूट्रिशन और स्लीप दोनों को वैल्यू देनी चाहिए।
-शुरुआत के कुछ सप्ताह शरीर पर जोर न डालें। इस दौरान ज्यादा से ज्यादा आराम करें जिससे भविष्य में परेशानी न हो।
-शरीर में दर्द, ब्लीडिंग या थकावट रहती है, तो चेकअप जरूर कराएं।

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Manju Mamgainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




