Parenting Tips: 5 साल का होते-होते बच्चे को जरूर सिखा दें ये बातें

Parenting Tips: बच्चे की उम्र 5 साल की होने वाली है तो उससे पहले बच्चे को इन बातों को जरूर सिखा देना चाहिए।

Aparajita लाइव हिन्दुस्तानFri, 21 June 2024 05:35 PM
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बच्चे पैदा होने के साथ ही कुछ ना कुछ सीखते हैं। हंसने से लेकर बोलना. चलना, दौड़ना। लेकिन जैसे ही बच्चा सालभर में चलने और बोलने लगता है। उसके बाद पैरेंट्स को उसे कुछ ना कुछ सामाजिक चीजों को सिखाना शुरू कर देना चाहिए। अगर आपका बच्चा 5 साल तक भी इन चीजों को नहीं सीख रहा तो मतलब आप पैरेंटिंग के मामले में काफी पीछे हैं क्योंकि 5 साल के बच्चे को इन चीजों को जरूर सिखा देना चाहिए। जानें क्या हैं वो बातें

थैंक्यू जैसे शब्द

बच्चे को 5 साल का होने तक थैंक्यू, प्लीज, एक्यूज मी जैसे गुड मैनर वाले शब्द जरूर सिखा देने चाहिए। बच्चे को इन शब्दों का सही इस्तेमाल आना चाहिए। जिससे कि वो ज्यादा से ज्यादा गुड मैनर सीख सके।

चीजें शेयर करना और देखभाल

बच्चों को ग्रुप में खेलते वक्त एक दूसरे के साथ खिलोने शेयर करना, एक दूसरे की केयर करना सिखाएं। ये बच्चों के अंदर अच्छी आदत की तरह है। शेयर करने की आदत होने से बच्चा सोशल होता है और उसके अंदर गुड मैनर आते हैं।

ब्रश करने जैसे हाइजीन

बच्चे को हर दिन नहाने, ब्रश करने, हाथ गंदे होने पर हैंड वॉश जैसे बेसिक हाइजीन का मैनर जरूर सिखा दें। 5 साल तक के बच्चे से हर किसी की उम्मीद होती है कि वो साफ-सफाई की इतनी बातें जरूर जानता हो।

सॉरी कहना

अपनी गलती मानना, किसी को चोट या दुख पहुंचाने पर माफी मांगना, सॉरी कहना बच्चे को बचपन में ही सिखा दें। बच्चे जब दो से तीन साल के होते हैं तो उन्हें इस तरह के इमोशन पर रिएक्ट करना सिखाना आसान होता है। इससे बच्चे बड़े होकर विनम्र बनते हैं।

सेफ्टी रूल्स

बच्चे को खुद की सुरक्षा से जुड़ी कुछ बातें जरूर सिखा दें। 5 साल तक के बच्चे को जरूर सिखा दें कि अजनबियों से बात करना सही नही है। भीड़भाड़ वाली जगह पर पैरेंट्स के साथ रहें और हाथ छुड़ाकर भागने का प्रयास ना करें। नहीं तो खोने का डर रहता है। बच्चों को धारदार चीजों, नुकीली चीजों से चोट लगने, इलेक्ट्रिसिटी से करंट लगने के खतरे के बारे में बता दें। 3-4 साल तक के बच्चे बखूबी अपने सेफ्टी के नियम समझ जाते हैं।

बच्चे को सुनना सिखाएं

बच्चा दूसरों की बात ध्यान देकर सुने इसकी आदत बचपन में ही डालें। उसे कहानिया और स्टोरी सुनाएं, अपनी बातें बताएं। ऐसा करने से बच्चों के अंदर सुनने की स्किल डेवलप हो जाती है।

धैर्य रखना

फ्रिज में चॉकलेट रखी है लेकिन उसे बिना पूछे नहीं लेना है। बच्चे को धैर्य रखना सिखाएं।

फीलिंग्स को बताना सिखाएं

बच्चे को अगर 2-3 साल में ही सिखाएंगी कि वो अपनी बातों को बोलकर एक्सप्रेस करे तो जल्दी ही बच्चा रोने-चिल्लाने की बजाय आपसे बातों को बोलकर बताएगा। भूख लगी है, प्यास लगी है, दर्द है या फिर तकलीफ है। बच्चा 5 साल का होते-होते बिल्कुल आसानी से सारी बातों को शेयर करना सीख जाएगा।

आसपास की सफाई

4 साल का होते-होते अगर बच्चे को बार-बार अपने खिलौने सही जगह रखने और सामान को वापस उसी जगह रखना सिखा देंगी। तो बड़े-बड़े होने पर बच्चे घर को साफ रखने में आपकी मदद करेंगे। ना कि घर गंदा रखेंगे।

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