क्या स्क्रीन देखने से बच्चे की आंखें हो रही हैं कमजोर? पीडियाट्रिशियन के बताए इन संकेतों से करें चेक

लाइव हिन्दुस्तान
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क्या आपका बच्चा लंबे समय तक मोबाइल की स्क्रीन से चिपका रहता है? कहीं उसकी आंखें कमजोर तो नहीं हो रही हैं, ये जानने के लिए आप कुछ लक्षणों पर ध्यान जरूर दें। पीडियाट्रिशियन ने कुछ जरूरी चीजें बताई हैं।

long screen time can affect eyesight in children

आजकल बच्चे बिना मोबाइल के खाना भी नहीं खाते और ऐसे में मजबूरन माता-पिता को उन्हें थोड़ी देर के लिए स्क्रीन टाइम देना पड़ता है। खाना खिलाने को लेकर शुरू हुई ये मजबूरी कब पेरेंट्स और बच्चों की आदत बन जाती है, पता भी नहीं चलता। साथ ही इससे बच्चों की आंखों पर बुरा असर पड़ता है। काफी देर तक लगातार स्क्रीन देखने के कारण ब्लू लाइट से बच्चों की आंखें कमजोर होने लगती हैं लेकिन बच्चे इसे माता-पिता को बता नहीं पाते। कई पेरेंट्स भी समझ नहीं पाते कि बच्चों की आंखों पर क्या असर हो रहा है, इसका पता तब चलता है जब बच्चे को पढ़ाई के दौरान धुंधला या देखने में दर्द महसूस होने लगता है। अगर आप भी बच्चे को स्क्रीन टाइम देती हैं, तो उसकी आंखों का ख्याल भी रखें। नोएडा के पीडियाट्रिशियन डॉक्टर सौरभ गुप्ता से हमने इस बारे में बात की। उन्होंने बताया कि बच्चों की आंखें नाजुक होती हैं और अगर लंबे समय तक मोबाइल या टीवी देखते हैं तो वह लगातार मिल रही तेज रौशनी की आदि हो जाती हैं। ऐसे में जरूरी है कि पेरेंट्स समय रहते बच्चों पर ध्यान दें और आंखों की जांच करवाएं।

मोबाइल या टीवी से कैसे कमजोर हो रही आंखें

मोबाइल या टीवी में बच्चा अगर लंबे समय तक कार्टून देखता है, तो उसकी आंखें उसी चकाचौंध को अब्जॉर्ब कर लेती हैं। स्क्रीन देखने के दौरान ब्लू लाइट और लगातार स्क्रीन पर नजर टिकाए रखने की वजह से आंखों में थकान, सूखापन हो सकता है।

बच्चे की आंख कमजोर होने के लक्षण जानिए

  • पलक झपकाना- बच्चा जब भी टीवी-मोबाइल देखता है तो गौर करिए क्या वह बीच-बीच में लगातार पलकें झपकाने लगता है। अगर ऐसा कर रहा है, तो मतलब साफ है कि उसकी आंखों पर प्रेशर पड़ रहा है। ऐसे में बच्चे पलकें झपकाने लगते हैं।
  • आंखों से पानी या मलना- कुछ केसेस में देखा गया है कि स्क्रीन देखते समय बच्चे की आंख से पानी आने लगता है। अगर ऐसा हो रहा है, तो आंख कमजोर होने का संकेत हो सकता है। बच्चा आंख बार-बार मल रहा है, तो उससे जानने की कोशिश करें ऐसा क्यों कर रहा है।
  • आंख लाल होना- स्क्रीन देखने के बाद बच्चे की आंखों को चेक करें और देखें कहीं वह लाल तो नहीं। अगर आंखें लाल दिख रही हैं तो स्टेन के कारण ऐसा हो सकता है। साथ ही कुछ मामलों में आंखों के कमजोर होने पर लाल भी हो जाती हैं।
  • आंखों में दर्द या जलन- अगर बच्चा आंखों में दर्द या जलन बता रहा है, तो ये उसकी आंखों के कमजोर होने का कारण हो सकता है। ऐसे में लापरवाही न करें और डॉक्टर से जांच करवाएं।
  • दूर का साफ नहीं दिख रहा- बच्चे को दूर की चीजें देखने में तकलीफ हो रही है। किताब या किसी भी चीज को वह आंख के पास लाकर देख रहा है। धुंधला दिख रहा है, ऐसा बता रहा है।

चेक करने के तरीके

बच्चे के बताए इन संकेतों पर गौर करें और उससे पूछे कि आंखों में क्या समस्या महसूस हो रही है। इसके अलावा उससे दूर करके कलर या अल्फाबेट कौन सा है पूछें। अगर बच्चा सबकुछ सही से बता रहा है, तो उसकी आंखें कमजोर नहीं हो रही है। बस स्क्रीनिंग से आई स्ट्रेन हो रहा है। बच्चे की आंख लाल है, पानी आना, दर्द, जलन हो रही है, तो डॉक्टर से मिलें।

कैसे करें बचाव

डॉक्टर के मुताबिक, बच्चे को मोबाइल से जितना बचा सकते हैं, उतना बचाने की कोशिश करें। टीवी पर आधा या 1 घंटा कार्टून दिखा सकते हैं। सोने से करीब 1-2 घंटे पहले स्क्रीनिंग बिल्कुल बंद करें और अंधेरे में मोबाइल न देखने दें, इससे आंखों पर जोर पड़ता है। कुछ महीनों में आंखों का टेस्ट करवाएं।

Deepali Srivastava

लेखक के बारे में

Deepali Srivastava

दीपाली श्रीवास्तव पिछले 8 वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और 5 सालों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में डेप्युटी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। संस्थान में साल 2021 में वेब स्टोरी से अपने सफर की शुरुआत करने के बाद, वह आज लाइफस्टाइल टीम का अहम हिस्सा हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स, यूजर बिहेवियर और पाठकों की रुचि को समझने में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद और प्रभावशाली कंटेंट प्रोफेशनल बनाती है।


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