
बेबी गर्ल के प्राइवेट पार्ट्स को साफ करने के 5 सुरक्षित तरीके, इंफेक्शन से बचाएंगे डॉक्टर के क्लीनिंग टिप्स
Tips to clean a baby girls private parts : अगर आप बेबी गर्ल को इंफेक्शन से दूर रखने के लिए उसके प्राइवेट पार्ट्स को साफ करने के सुरक्षित तरीके के बारे में जानना चाहती हैं तो डॉक्टर अनुराधा ने आपकी परेशानी दूर कर दिया है।
न्यू मॉम्स अकसर अपने बच्चे के पालन-पोषण को लेकर कई तरह के सवालों से हमेशा घिरी रहती हैं। ऐसे में बात जब बेबी गर्ल की होती है तो बच्चे की सुरक्षा और स्वच्छता की जिम्मेदारी पेरेंट्स के लिए थोड़ी और ज्यादा बढ़ जाती है। दरअसल, बेबी गर्ल (baby girl) की हाइजीन को लेकर मन में कई तरह के सवाल और थोड़ी घबराहट होना स्वाभाविक है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी त्वचा जितनी नाजुक होती है, इंफेक्शन का खतरा उनके लिए उतना ही ज्यादा बना रहता है। ऐसे में अगर आप बेबी गर्ल को इंफेक्शन से दूर रखने के लिए उसके प्राइवेट पार्ट्स को साफ रखने के सुरक्षित तरीके के बारे में जानना चाहती हैं तो डॉक्टर अनुराधा ने आपकी परेशानी दूर कर दिया है। जी हां, डॉक्टर अनुराधा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करके बेबी गर्ल के प्राइवेट पार्ट्स को साफ करने के 5 सुरक्षित तरीके शेयर किए हैं।
बेबी गर्ल के प्राइवेट पार्ट्स को साफ करने के 5 सुरक्षित तरीके
हाथों को अच्छी तरह साफ करें
बेबी गर्ल के प्राइवेट पार्ट्स को साफ करने से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह साबुन से धो लें। इसके बाद पानी गुनगुना गर्म करके एक सूती कपड़े पास रख लें। आप कपड़े की जगह सिंपल वाटर वाइप्स का भी इस्तेमाल कर सकती हैं। कभी भी अल्कोहल या तेज खुशबू वाले वाइप्स का इस्तेमाल ना करें। वाटर वाइप्स आपकी बच्ची की नाजुक त्वचा को सुरक्षित रखते हैं।
बच्ची की पोजीशन का रखें ख्याल
बच्ची को अच्छी तरह साफ करने के लिए उसे सबसे पहले आराम से लिटाकर डायपर हटा दें। इसके बाद उसके पैरों को ऊपर की ओर उठाएं ताकि आप अच्छी तरह उसकी क्लीनिंग कर सके।
आगे से पीछे की ओर सफाई
बच्ची को साफ करने का यह सबसे जरूरी नियम है। जिसमें आपको उसे आगे से पीछे की ओर साफ करना है। मतलब हमेशा सफाई यूरिन मार्ग से मल मार्ग (पॉटी एरिया) की तरफ करें। ऐसा करने से बच्ची का वजाइनल इंफेक्शन, यूरिन इंफेक्शन और रैशेज से बचाव होता है।
सावधानी से करें फोल्ड्स की सफाई
बच्चियों के प्राइवेट पार्ट के आस-पास की त्वचा में काफी 'फोल्ड्स' होते हैं जहां पसीना या गंदगी जमा हो सकती है। ऐसे में इन 'फोल्ड्स'की सफाई सावधानी से करें। इसके लिए अपनी उंगलियों से धीरे से त्वचा को फैलाकर जमे हुए सफेद पदार्थ (Lentigo) या गंदगी को पोंछें। ध्यान रहे कि अंदरूनी हिस्से को ज्यादा गहराई से रगड़ना नहीं है। याद रखें, बच्ची की सफाई के दौरान केवल दिखाई देने वाले बाहरी हिस्से को ही साफ करें, कभी भी लेबिया को अलग न करें।
आगे-पीछे साफ करें
गुनगुने पानी में सूती कपड़ा डुबोकर उससे बच्ची को आगे-पीछे हर जगह से साफ करते हुए पोंछें। सफाई के बाद एक सूखे और मुलायम तौलिए से थपथपाकर (Dab) सुखाएं। याद रखें, नमी की वजह से रैशेज और फंगल इन्फेक्शन होने का डर बना रहता है। बच्ची को सुखाकर डायपर रेश क्रीम लगाने के बाद ही दोबारा डायपर पहनाएं।
रेडिश डिस्चार्ज नहीं चिंता की वजह
कुछ बच्चों को लाल रंग का पीरियड जैसा डिस्चार्ज या सफेद वेजाइनल डिस्चार्ज होता है। जो कि एक नार्मल बात है। ऐसा मां से बच्चे में होने वाले हार्मोनल ट्रांसफर की वजह से होता है। जो कि 2 हफ्ते में अपने आप ठीक भी हो जाता है।

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Manju Mamgainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




