छोटी सी उम्र से ही बच्चे को सिखाने है गुड मैनर्स? फॉलो करवाएं ये 10 रूल
हर माता-पिता यही चाहते हैं कि उनके बच्चे में गुड मैनर्स हो। अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा लोगों के सामने हमेशा अच्छी तरह से पेश आए और बिना मोबाइल देखे खाना खाए तो आप घर में 10 रूल सेट कर सकते हैं।

पहले के समय के मुताबिक बच्चे आजकल बहुत ज्यादा अकेले रहते हैं। जिसकी वजह से बच्चे जिद्दी, चिड़चिड़े और संस्कारों से दूर होते जा रहे हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा सभी के सामने अच्छे से पेश आए तो आपको बचपन से ही उन्हें कुछ आदतों को सिखाना चाहिए। यहां 10 रुल्स बता रहे हैं जो आपको अपने बच्चे को बताने चाहिए।
1) बिना स्क्रीन के खाना
आजकल बच्चे खाना खाने बाद में बैठते हैं और फोन या टीवी की डिमांड पहले करने लगते हैं। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा बिना फोन देखे खाना खाए तो आपको उन्हें बचपन से ये सिखाना होगा कि वह परिवार के साथ टेबल पर खाना खाने के लिए बैठते हैं। इसलिए टेबल पर कोई स्क्रीन नहीं होगी। परिवार के साथ खाना एक-दूसरे से जुड़ने का मौका होता है।
2) गंदी प्लेट खुद सिंक में रखें
बहुत से बच्चे खाना खाने के बाद खेल में लग जाते हैं और उनके खाने की प्लेट अक्सर पेरेंट्स उठाकर रखते हैं। बच्चे को गुड मैनर्स सिखाने हैं तो उन्हें शुरू से सिखाएं कि खाना खाने के बाद उन्हें अपनी प्लेट को सिंक में रखना है।
3) अपनी फैलाई हुई गंदगी खुद साफ करना
कई बार कुछ चीजें गलती से गिर सकती है। बहुत से बच्चे पानी पीते समय पानी फैला देते हैं या फिर, दूध वगैरह गिर जाता है, तो इसे साफ करने के लिए बच्चों की हेल्प लें।
4)'प्लीज' और ‘थैंक यू’ कहना सिखाएं
बच्चे को हमेशा ये दो चीजें सिखाएं। उन्हें बताएं कि जब हमें कुछ चाहिए होता है तो प्लीज कहकर मांगे या कोई हमे कुछ देता है, तो ये थैंक्यू जरूर बोलना चाहिए।
5) नई एक्टिविटी से पहले साफ-सफाई
बच्चे को सिखाएं कि किसी भी नई एक्टिविटी को शुरू करने से पहले पिछली एक्टिविटी का सामान सही जगह पर रख देना चाहिए।
6) बीच में नहीं बोलना
बच्चे नादान होते है और कई बार जब बड़े बैठ कर बात कर रहे होते हैं तब वह बीच में अपनी बात कहना शुरू कर देते हैं। बच्चों की ये आदत पेरेंट्स को बिल्कुल भी पसंद नहीं आती है। इसलिए बच्चे को सिखाएं कि जब ज्यादा लोग बात कर रहे हों तो बोलने से पहले एक्सक्यूज मी कहें और अपनी बारी का इंतजार करें।
7) मदद करनी चाहिए
सामान लाने, टेबल लगाने या सफाई करने में मदद करनी चाहिए। बच्चे को सिखाएं कि हम एक टीम हैं और टीम एक-दूसरे की मदद करती है।
8) चीजों का खुद ध्यान रखें
बच्चे को इस बारे में जरूर सिखाएं, ऐसा इसलिए क्योंकि बच्चे लापरवाह होते हैं और वह कीमती चीजों को भी खो सकते हैं। बच्चे को बताएं कि अगर हमारे पास कोई चीज है, तो उसकी देखभाल करने कि जिम्मेदारी हमारी है।
9) सबसे इज्जत से बात करना
फीलिंग्स को एक्सप्रेस करना अच्छी बात है लेकिन गुस्से में बुरी बातें कहना या चिल्लाना ठीक नहीं है। बच्चे को शुरू से अगर आप ये बात सिखाएंगे तो वह कभी भी गुस्से में बात नहीं करेंगे।
10) हर काम करने की पहले कोशिश करें
बहुत से बच्चों में ये आदत होती है कि वह कुछ करने से पहले ही हार मान लेते हैं। वह पहले से कहने लगते हैं कि उनसे नहीं होगा। बच्चे को सिखाएं कि मदद मांगने से पहले हम अपनी पूरी कोशिश करते हैं।
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