करीना कपूर बचपन से ही जेह-तैमूर को सिखा रही हैं ये 3 आदतें, हर माता-पिता को लेनी चाहिए सीख
करीना कपूर एक्टिंग करियर के साथ मां का रोल बखूबी निभा रही हैं। वह अपने दोनों बेटों तैमूर-जेह की परवरिश अच्छे से करती हैं। हाल ही में उन्होंने बताया कि वह बेटों को कुछ बातें बचपन से सिखा रही हैं, जो हर पैरेंट्स को अपनानी चाहिए।

एक्ट्रेस करीना कपूर की दमदार एक्टिंग के लोग कायल हैं और आज भी वह फिल्मी दुनिया में एक्टिव हैं। करीना एक्टिंग करियर के साथ दो बेटों की परवरिश भी कर रही हैं और मां का रोल भी बखूबी निभा रही हैं। तैमूर-जेह बचपन से ही लाइमलाइट का हिस्सा रहे हैं लेकिन करीना ने उन्हें कभी किसी चीज पर इतराने की सीख नहीं दी है। करीना ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वह अपने बेटों को बचपन से ही कुछ जरूरी बातें सिखा रही हैं, जिससे वह भविष्य में अच्छे इंसान बन सकें। एक्ट्रेस ने कहा बेटों की मांओं को ये टिप्स जरूर अपनाने चाहिए।
करीना कपूर का पैरेंटिंग स्टाइल क्या है?
करीना कपूर अपने बेटों को बांधकर नहीं रखती हैं और ना ही उन पर सोसायटी का प्रेशर क्रिएट करती हैं। वह उन्हें अपने हिसाब से जीने देती हैं लेकिन कुछ ऐसी आदतें हैं, जिन्हें करीना बचपन से जेह-तैमूर के अंदर डाल रही हैं। आपने देखा-सुना होगा कि हमेशा लोग कहते हैं कि मर्द रोते नहीं है या मर्द को दर्द नहीं होता...इन रूल्स को तोड़ते हुए करीना अपने बेटों को इमोशनल रहना भी सिखा रही हैं। चलिए बताते हैं उनकी 3 बातें क्या हैं।
पैरेंट्स गांठ बांध लें ये बातें
1. बेटों को बनाना चाहती हूं दयालु
करीना कपूर ने कहा कि मैं दो बेटों की मां हूं और काफी डरी हुई हूं। एक मां के तौर पर आप अपना बेस्ट करना चाहती हैं। आप उन्हें सुरक्षित रखना चाहती हैं और उन्हें यह भी सिखाना चाहती हैं कि वे जिम्मेदार बनें। मैं बस उनके लिए दयालु बनने की दुआ करती रहती हूं और मैं मानती हूं कि पुरुषों को ज्यादा दयालु होना चाहिए। मैं हमेशा बेटों को सभी के प्रति दयालुता का भाव रखने की सीख देती हूं।
2. रोने पर नहीं है कोई रोक
करीना ने बताया कि वह बेटों से कहती हैं कि अगर रोना आ रहा है, तो खुलकर रो लो। रोना कोई पाप नहीं है और ऐसा कही नहीं लिखा कि लड़के रो नहीं सकते। सिर्फ लड़कियां ही नहीं लड़के भी सेंसिटिव होते हैं और अगर आपको किसी बात पर रोना आ रहा है, तो उसे जाहिर करते हुए रोकर मन हल्का कर लो। करीना जेह-तैमूर से कहती हैं कि किसी भी लड़की या अपनी मां के सामने रो सकते हैं और ये बिल्कुल गलत नहीं है।
3. फीलिंग्स को जाहिर करें और दुखी होना है नॉर्मल
करीना कपूर का मानना है कि बेटों को अपने इमोशन्स को जाहिर करना सिखाना चाहिए और उन्हें ये आना चाहिए। अपनी फीलिंग्स को दबाकर रखने से न सिर्फ उस व्यक्ति को बल्कि सामने वाले को भी परेशानी होती है। इसके अलावा बेटों के दुखी होने, रोने, डर लगने जैसी चीजों पर रिएक्ट न करें। उन्हें समझाएं कि ये सबकुछ नॉर्मल है।


