रात के समय ब्रेस्टफीडिंग की आदत छुड़ाने के लिए महिला ने अपनाए खास तरीके, 2 दिन में छोड़ दिया दूध, नुस्खे हुए फेल!

Avantika Jain लाइव हिन्दुस्तान
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बच्चा जब 2 साल को हो जाता है ज्यादातर मां ब्रेस्टफीडिंग की आदत छुड़वाने की कोशिश में लग जाती हैं। अगर बहुत सरल तरीके से इस प्रोसेस से गुजरना चाहती हैं तो 2 दिन में ब्रेस्टफीडिंग छुड़ा चुकी महिला की टिप्स आपके काम आएंगी।

रात के समय ब्रेस्टफीडिंग की आदत छुड़ाने के लिए महिला ने अपनाए खास तरीके, 2 दिन में छोड़ दिया दूध, नुस्खे हुए फेल!

जब भी बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग छुड़ाने की बात आती है, तो दादी-नानी अलग-अलग तरह की सलाह देने लगती हैं। कुछ का कहना होता है कि बच्चे को खुद से दूर कर दो। तो कुछ अलग-अलग तरह के नुस्खे बताती हैं, जैसे निप्पल पर नीम या मिर्ची लगा लेना। लेकिन इन सभी नुस्खों से परे सैसी साक्षी नाम की महिला ने फेसबुक पर बच्चे की ब्रेस्टफीडिंग की आदत को छुड़ाने के तरीके शेयर किए हैं जो उन्होंने खुद आजमाए। यहां उन तरीकों को शेयर कर रहे हैं जिनकी मदद से उन्हें रात के समय दूध पीने की आदत छुड़ाने में मदद मिली।

रात के समय दूध छुड़ाना

1) पहले दिन में दूध छुड़ाना शुरू किया

महिला ने बताया कि उन्होंने एक दम से सीखे रात में दूध छुड़ाना शुरू नहीं किया। बल्कि उन्होंने पहले दिन के समय ऐसा करना शुरू किया। इसके लिए उन्होंने पहले धीरे-धीरे दूध की मात्रा कम की और फिर दूध की जगह खाना देना शुरू किया। उन्होंने बच्चे का ध्यान भटकाने की कोशिश की और उसे समझाती रही कि दूध रात के लिए है।

2) फिर उन्होंने रात में दूध छुड़ाना शुरू किया

इस स्टेप में उन्होंने बच्चे को अलग सुलाना या किसी और को संभालने नहीं दिया। बल्कि वह उसे उस समय अकेला नहीं छोड़ना चाहती थी जब उसे सबसे ज़्यादा आराम की जरूरत थी।

3) रात का रूटीन बनाया

उन्होंने बच्चे की रात के समय मालिश करना और नहलाना शुरू किया। इसके अलावा वह सिर्फ रात के समय बच्चे को थोड़ा सा पतला गाय का दूध दिया करती थीं। फिर ब्रश करवाती थीं। इसके बाद हल्की रोशनी, शांत माहौल और खाना। धीरे-धीरे वह इसे समझने लगी और कहने लगी की ये सोने का समय है।

4) बातचीत

उन्होंने बताया की उनकी बच्ची पहले से ही चोट लगना या दर्द होने को समझती है। ऐसे में उन्होंने अपनी बच्ची को 10 मिनट के लिए बिठाया और शांति से समझाया। उन्होंने अपने निपल्स पर एक छोटी पट्टी लगाई और कहा, मम्मा को चोट लगी है,दर्द है और दूध खत्म हो गया है। उन्होंने बच्ची को बताया कि वह अभी भी उन्हें गले लगा सकती है और प्यार कर सकती है।

5) बार-बार याद दिलाई ये बात

महिला बताकी हैं कि वह धीरे से वही बात दोहराती रहीं कि 'मम्मा को चोट लगी है, दर्द है'ताकि यह बात उसके दिमाग में बनी रहे। इस दौरान उन्होंने बच्ची को अकेला नहीं छोड़ा और हमेशा उसके साथ रही, उसे गोद में लेकर हनुमान चालीसा, कविताएं, भजन गाए और उसे दिलासा दिया।

6) कैसा था बच्ची का रिएक्शन

महिला बताती हैं कि पहले दिन वह रोई लेकिन सिर्फ 5 मिनट के लिए। दूसरे दिन तक उसने दूध नहीं मांगा वह बस चोट देखना चाहती थी, उसे छूती, दर्द कहती इसे बंद करो कहती और सो जाती दो दिन में उसे कभी-कभी याद आता था लेकिन पांचवें दिन तक वह इसके बारे में भूल गई। महिला बताती हैं कि अब वह बस गले लगती है, भजन सुनती है और सो जाती है।

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लेखक के बारे में

Avantika Jain
अवंतिका जैन ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री ली है। फिलहाल वह बतौर सीनियर कॉन्टेंट प्रोड्यूसर लाइव हिंदुस्तान में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। एंटरटेनमेंट से जुड़ी खबरों को लिखने और वीडियोज बनाने में भी इनकी रुचि है। 5 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहीं अवंतिका लाइव हिन्दुस्तान से पहले ईटीवी भारत के दिल्ली डेस्क पर काम कर चुकी हैं। नई जगहों को एक्सप्लोर करना, नए लोगों से जुड़ना और फिल्में/वेब सीरीज देखने की शौकीन हैं। और पढ़ें

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