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छोटे बच्चे के प्राइवेट पार्ट के साथ भूलकर भी ना करें ये गलती, डॉक्टर बता रहे सही देखभाल

छोटे बच्चे के प्राइवेट पार्ट के साथ भूलकर भी ना करें ये गलती, डॉक्टर बता रहे सही देखभाल

संक्षेप:

छोटे बच्चों का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। खासतौर से प्राइवेट पार्ट जैसे हिस्से काफी सेंसेटिव होते हैं। ऐसे में एक गलती भी काफी भारी पड़ सकती हैं। आइए जानते हैं डॉक्टर का क्या कहना है।

Tue, 2 Sep 2025 11:36 AMAnmol Chauhan लाइव हिन्दुस्तान
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छोटे बच्चे बहुत नाजुक होते हैं और उनकी देखभाल में छोटी-सी गलती भी उन्हें तकलीफ दे सकती है। खासकर जब बात छोटे बच्चों के प्राइवेट पार्ट्स की हो, तो और भी सावधानी बरतनी चाहिए। चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर हनीश बजाज बताते हैं कि कई माता-पिता इस बात की शिकायत लेकर आते हैं कि उनके बेटे का प्राइवेट पार्ट पूरी तरह से खुल नहीं रहा है। कई बार कुछ लोग इसे जबरदस्ती खींचकर खोलने की कोशिश भी करते हैं, जिससे बच्चे को तकलीफ सूजन और रेडनेस की समस्या होने लगती है। डॉक्टर हनीश साफ कहते हैं कि यह एक नेचुरल प्रोसेस है, जिसे लेकर माता-पिता को बिल्कुल परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। चलिए जानते एक्सपर्ट के मुताबिक बच्चों के प्राइवेट पार्ट्स को लेकर क्या सावधानी बरतनी चाहिए ।

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फिजियोलॉजिकल फाइमोसिस क्या है?

डॉक्टर हनीश बजाज के अनुसार छोटे बच्चों में प्राइवेट पार्ट का पूरा ना खुलना एक नेचुरल कंडीशन है, जिसे मेडिकल लैंग्वेज में फिजियोलॉजिकल फाइमोसिस कहते हैं। ये सिचुएशन जन्म से लेकर लगभग पाँच से सात साल की उम्र तक रह सकती है और समय के साथ अपने आप ठीक हो जाती है। यानी माता-पिता को इसमें किसी तरह का हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं होती। ये शरीर की एक नैचुरल प्रक्रिया है, जो बिना किसी इलाज के ठीक हो जाती है।

जबरदस्ती खींचने से हो सकता है ये नुकसान

कई बार पेरेंट्स सोचते हैं कि बच्चे का प्राइवेट पार्ट खोलना जरूरी है और वे उसे पीछे खींचने की कोशिश करते हैं। लेकिन डॉक्टर बताते हैं कि ऐसा करने से स्किन पर चोट, सूजन और रेडनेस हो सकती है। बाद में ये स्किन पर स्कारिंग यानी दाग छोड़ सकता है और इससे बच्चे को तकलीफ भी हो सकती है। इतना ही नहीं, इससे इन्फेक्शन और यहां तक कि ज्यादा प्रॉब्लम होने पर सर्जरी की भी जरूरत तक पड़ सकती है।

कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है?

डॉक्टर बजाज का कहना है कि ज्यादातर मामलों में फिजियोलॉजिकल फाइमोसिस अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन अगर बच्चे को टॉयलेट करते समय दिक्कत हो, बार-बार प्राइवेट पार्ट में सूजन दिखे या स्किन में बैलूनिंग जैसी स्थिति बने, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। समय पर सलाह लेने से बड़ी समस्या से बचा जा सकता है।

Anmol Chauhan

लेखक के बारे में

Anmol Chauhan
अनमोल चौहान लाइव हिन्दुस्तान में ट्रेनी कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। यहां वे लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरें लिखती हैं। अनमोल नोएडा की रहने वाली हैं और उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। वे 2024 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी। अनमोल को उपन्यास पढ़ना और कविता लिखना पसंद है। और पढ़ें

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