बच्चे को हो रहे हैं फोड़े तो ना करें नजरअंदाज, डॉक्टर ने बताया कैसे होते हैं ठीक
फोड़े त्वचा पर होने वाली एक दर्दनाक, लाल और उभरी हुई गांठ होती है, जिसके अंदर मवाद भरा होता है। यह खासतौर से एक तरह का स्किन इंफेक्शन है। अगर बच्चों में ये समस्या दिखे तो इसे नजरअंदाज ना करें। जानिए, क्या कहते हैं डॉक्टर-

बच्चों की स्किन सेंसेटिव होती है इसलिए उन्हें ज्यादा केयर की जरूरत होती है। बच्चों को होने वाली समस्याओं को बढ़ने से रोकने के लिए सही जानकारी होना बहुत जरूरी है। इंस्टाग्राम पर बच्चों के डॉक्टर संतोष यादव ने एक केस शेयर किया है। उन्होंने बताया की एक बच्चा उनके पास तेज बुखार और स्किन पर एक संक्रमित घाव की शिकायत लेकर आया था। ये घाव कुछ दिन पहले एक छोटा सा फोडे के रूप में शुरू हुआ था। पेरेंट्स की नजरअंदाजी की वजह से ये बढ़ गया। जानिए डॉक्टर ने इस मामले में अपनी क्या राय दी है।
पहले जानिए क्यों होते हैं फोड़े?
बच्चों की त्वचा पर फोड़े होना एक आम बात है। ये खासतौर से त्वचा के बालों की जड़ों या तेल ग्रंथियों में बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण होते हैं। इसमें सबसे आम बैक्टीरिया स्टैफिलोकोकस ऑरियस होता है। छोटे बच्चों का इम्यून सिस्टम पूरी तरह विकसित नहीं होता है। इस वजह से उनका शरीर बैक्टीरिया से उतनी मजबूती से नहीं लड़ पाता, जिससे संक्रमण आसानी से फोड़े का रूप ले लेता है।
किन वजहों से हो सकते हैं फोड़े
1) त्वचा की साफ-सफाई में कमी
खेलने-कूदने के दौरान बच्चों के शरीर पर धूल-मिट्टी और पसीना जमा हो जाता है। अगर नियमित रूप से या सही तरह से नहलाया ना जाए, तो त्वचा पर बैक्टीरिया पनपने लगते हैं।
2) छोटी-मोटी चोट या खरोंच
बच्चे अक्सर खेलते चोटिल हो सकते हैं या मच्छर/कीड़े के काटने पर बैक्टीरिया शरीर के अंदर चले जाते हैं, जिनकी वजह से फोड़े होते हैं।
3) बहुत ज्यादा पसीना और गर्मी
गर्मियों या उमस के मौसम में बच्चों को बहुत पसीना आता है। पसीने और रगड़ के कारण त्वचा के पोर्स बंद हो जाते हैं, जिससे वहां बैक्टीरिया जमा होकर फोड़ा बना देते हैं।
4) टाइट कपड़े या डायपर
ज्यादा कसे हुए कपड़े पहनने से त्वचा पर रगड़ लगती है और इसके अलावा गीला डायपर लंबे समय तक छोड़ने या डायपर एरिया की ठीक से सफाई न होने से भी संक्रमण फैल सकता है।
फोड़े से निपटने के लिए क्या कहते हैं डॉक्टर
डॉक्टर कहते हैं कि बच्चों में त्वचा की छोटी-मोटी समस्याएं अगर नजरअंदाज की जाएं तो कभी-कभी गंभीर संक्रमण का रूप ले सकती हैं। कई बार शुरुआती देखभाल से स्किन इंफेक्शन को बिगड़ने से रोका जा सकता है। एक्सपर्ट कहते हैं कि जब फोड़ा छोटा होता है तब ही उस पर एंटीसेप्टिक क्रीम लगा लेनी चाहिए।
क्रीम लगाने के अलावा क्या करें
-प्रभावित जगह को साफ रखें
-सलाहानुसार उचित एंटीसेप्टिक दवा लगाएं
- सूजन, रेडनेस, दर्द या सूजन के आकार पर नजर रखें
-अगर यह बढ़ रहा हो, दर्दनाक हो या बुखार के साथ हो तो डॉक्टर से सलाह लें
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