बच्चों के नाखून काटते समय बरतें एहतियात, डॉक्टर से जान लें सही तरीका

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बच्चों की स्किन काफी नाजुक होती है, ऐसे में उनके नाखून काटना सबसे मुश्किल लगता है।  वहीं अगर सही तरहसे नेल्स कटिंग न की जाए तो इंफेक्शन भी हो सकता है। ऐसे में बच्चों के डॉक्टर से जानें बच्चों के नेल्स काटते समय किन बातों का ख्याल रखें।

बच्चों के नाखून काटते समय बरतें एहतियात, डॉक्टर से जान लें सही तरीका

बच्चों के नाखून काटना काफी चुनौतीभरा हो सकता है। क्योंकि उनके हाथ-पैर काफी नाजुक होते हैं और वे अक्सर हिलते रहते हैं। छोटे बच्चे अक्सर अपने चेहरे और आंखों के पास हाथ ले जाते हैं और उनके नाखून बहुत पतले और तेज होते हैं। ऐसे में नाखून लंबे या नुकीले होंगे, तो बच्चा खेलते समय या सोते समय अपने चेहरे पर गहरे निशान बना सकता है। इसलिए समय-समय पर नाखूनों की कटिंग करते रहना जरूरी है। हालांकि, ऐसा करते समय कुछ बातों का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। इंस्टाग्राम पर बच्चों के डॉक्टर संतोष यादव ने बच्चों के नाखूनों को कटने के लिए कुछ टिप्स अपनाने के बारे में कहा है। ये टिप्स आसानी से फॉलो कर सकते हैं और इनकी मदद से स्किन को कटने से बचाया जा सकता है।

क्या कहते हैं डॉक्टर

डॉक्टर बताते हैं कि उनके पास एक पेरेंट्स आए, जिन्होंने अपने बच्चे के नेल्स दो दिन पहले ही काटे थे। नाखून काटते समय बच्चे की थोड़ी स्किन भी कट गई थी, जिसकी वजह से पहले हल्की रेडनेस हुई और फिर पस हो गई और बच्चे को थोड़ा बुखार भी आने लगा। ऐसे में डॉक्टर ने बच्चे के नेल्स काटते समय कुछ बातों का ध्यान रखने के बारे में कहा है।

बच्चों के नेल्स काटते समय किन बातों का ख्याल रखें

0-3 महीने के बच्चे के नाखून काटने के लिए आपको फाइलर का इस्तेमाल करना है। इतने छोटे बच्चे के नाखून काटने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इस दौरान नेल्स काफी सॉफ्ट होते हैं। फाइलर का इस्तेमाल करते समय भी स्किन का पूरी ख्याल रखें।

बच्चा जब 3 से 4 महीने का हो जाए तभी आप नेल्स काटें, लेकिन ऐसा करते समय ध्यार रखें कि लाइट अच्छी हो और आप भी एक्टिव हों। नेल्स पर पूरा ध्यान रखते हुए ऐसा करें, ताकी स्किन न कटे।

स्किन कटने पर क्या करें

अगर पूरा ध्यान रखने के बाद भी स्किन कट जाती है तो आपको सबसे पहले उसे अच्छी तरह से क्लीन करना है और फिर वहां पर एंटी सेप्टिक क्रीम लगाना है। भले ही जरा सी स्किन कटी हो लेकिन फिर भी उस कट को देखते रहना जरूरी है। इसके अलावा अगर सूजन बहुत ज्यादा हो गई है तो बच्चा बहुत ज्यादा रोएगा और पस बनने का खतरा भी हो जाएगा। जिसे ठीक करने के लिए एंटी बायोटिक देना पड़ सकता है पस निकालने के लिए उस जगह को ड्रेन भी करना पड़ सकता है। इसलिए हमेशा नेल्स बहुत ज्यादा ध्यान से काटें।

Avantika Jain

लेखक के बारे में

Avantika Jain
अवंतिका जैन ने जर्नलिज्म एंड मास कॉम में डिग्री ली है। फिलहाल वह बतौर सीनियर कॉन्टेंट प्रोड्यूसर लाइव हिंदुस्तान में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। एंटरटेनमेंट से जुड़ी खबरों को लिखने और वीडियोज बनाने में भी इनकी रुचि है। 5 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहीं अवंतिका लाइव हिन्दुस्तान से पहले ईटीवी भारत के दिल्ली डेस्क पर काम कर चुकी हैं। नई जगहों को एक्सप्लोर करना, नए लोगों से जुड़ना और फिल्में/वेब सीरीज देखने की शौकीन हैं। और पढ़ें

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