बच्चे को बार-बार फोन नहीं, ये 5 काम करने को दें! खेल-खेल में बेहतर होगा दिमागी विकास!

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क्या आपका बच्चा भी बार बार टीवी या फोन की जिद करता है? अगर हां, तो हर बार फोन थमाने की जगह उसे ये 5 मजेदार काम करने को दें। खेल खेल में उसे काफी कुछ सीखने को मिलेगा और उसका दिमागी विकास भी बेहतर होगा।

Screen-Free Activities for kids
बच्चे को बार-बार फोन नहीं, ये 5 काम करने को दें

आज के समय में मोबाइल, टीवी और टैबलेट बच्चों के रोज की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। कई बार बच्चे घंटों तक स्क्रीन देखते रहते हैं, जिससे उनका समय तो निकल जाता है, लेकिन शरीर और दिमाग दोनों थक जाते हैं। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि बच्चा खेलते-खेलते नई चीजें सीखे और पूरे दिन एक्टिव भी रहे, तो छोटी-छोटी ऑफलाइन एक्टिविटी बहुत काम आ सकती हैं। चाइल्ड साइकियाट्रिस्ट डॉ. गायत्री राठौड़ ने कुछ ऐसी ही आसान और मजेदार एक्टिविटी बताई है जो बच्चों की थिंकिंग, मेमोरी और कैंडिडेंट्स को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं। आइए जानते हैं वो एक्टिविटीज कौन सी है, जो स्क्रीन टाइम की जगह बच्चों के लिए कहीं ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती हैं।

ट्रेजर हंट हो सकता है मजेदार

डॉ. गायत्री राठौड़ के अनुसार ट्रेजर हंट बच्चों के लिए एक शानदार एक्टिविटी हो सकती है। इसके लिए बस घर में छोटी-छोटी चीजें या क्लू छिपाकर बच्चे को उन्हें ढूंढ़ने के लिए कहें। यह एक मजेदार खेल है, लेकिन इसके साथ बच्चा ध्यान लगाना, चीजों को याद रखना और सही तरीके से सोचकर हल निकालना भी सीखता है। बच्चे को यह खेल खेलने में मजा भी आएगा और उसका दिमाग भी अच्छी तरह एक्टिव रहेगा।

गार्डनिंग से जिम्मेदारी सीखते हैं बच्चे

अगर घर में जगह है तो बच्चे से एक छोटा पौधा लगवाएं और उसकी रोज देखभाल करने के लिए कहें। डॉ. गायत्री के मुताबिक इससे बच्चा जिम्मेदारी लेना सीखता है। साथ ही उसमें धैर्य आता है और वह पौधे में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों को ध्यान से देखना भी सीखता है। इससे बच्चे का नेचर के साथ बॉन्ड भी बढ़ता है।

घर में बनाएं छोटा ऑब्स्टेकल कोर्स

एक्सपर्ट बताती हैं कि तकिया, कुशन और कुर्सियों की मदद से घर में एक छोटा-सा ऑब्स्टेकल कोर्स बनाया जा सकता है। फिर बच्चे को उसे पार करने के लिए कहें। इस एक्टिविटी से बच्चे का बैलेंस बेहतर होता है, शरीर का तालमेल बढ़ता है और उसका कॉन्फिडेंस भी स्ट्रॉन्ग होता है। साथ ही बच्चे की अच्छी-खासी फिजिकल एक्टिविटी भी हो जाती है।

बच्चों को साथ ले कर करें कुकिंग

पेरेंट्स किचन की कुछ आसान जिम्मेदारियां बच्चों के साथ शेयर करें। जैसे आटा मिलाना, सब्जियां धोना या चीजों की गिनती करना। डॉ. गायत्री के अनुसार ऐसी छोटी-छोटी एक्टिविटीज से बच्चे के हाथों की पकड़ और काम करने की क्षमता बेहतर होती है। साथ ही गिनती जैसी शुरुआती गणित की समझ भी बढ़ती है और बच्चा धीरे-धीरे खुद छोटे काम करना सीखता है।

बेडशीट और तकियों से बनाएं फोर्ट

बच्चों को बेडशीट, तकिए और कुर्सियों की मदद से अपना छोटा-सा फोर्ट बनाने दें। एक्सपर्ट का कहना है कि यह एक्टिविटी बच्चों की क्रिएटिव सोच को बढ़ाने का शानदार तरीका है। बच्चा खुद प्लान बनाता है, चीजों को कैसे जोड़ना है यह सोचता है और अपनी इमेजिनेशन का इस्तेमाल करता है। इस तरह की ओपन-एंडेड एक्टिविटी स्क्रीन देखने की तुलना में बच्चे के दिमाग को ज्यादा एक्टिव रखती है।

नोट: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर मौजूद यूजर-जनरेटेड कंटेंट पर आधारित है। लाइव हिन्दुस्तान ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही इनका समर्थन करता है।

Anmol Chauhan

लेखक के बारे में

Anmol Chauhan

अनमोल चौहान लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में टकंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वह लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए हेल्थ, रिलेशनशिप, फैशन, ट्रैवल और कुकिंग टिप्स से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए रीडर-सेंट्रिक और सरल भाषा में उपयोगी जानकारी प्रस्तुत करना उनके लेखन की खास पहचान है।

करियर की शुरुआत
अनमोल ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2024 में लाइव हिन्दुस्तान से की। बतौर फ्रेशर, वह डिजिटल मीडिया के कंटेंट फॉर्मेट, रीडर बिहेवियर और सर्च ट्रेंड्स को समझते हुए लाइफस्टाइल और फूड से जुड़े प्रैक्टिकल विषयों पर काम कर रही हैं, जिनमें डेली कुकिंग टिप्स, आसान रेसिपी आइडियाज़ और किचन हैक्स शामिल हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
अनमोल चौहान ने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास और राजनीति विज्ञान में स्नातक (BA) की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया। इस अकादमिक पृष्ठभूमि ने उन्हें सामाजिक समझ, फैक्ट-बेस्ड रिपोर्टिंग और जिम्मेदार पत्रकारिता की मजबूत नींव दी।

लेखन शैली और दृष्टिकोण
अनमोल का मानना है कि लाइफस्टाइल जर्नलिज्म का उद्देश्य सिर्फ ट्रेंड बताना नहीं, बल्कि रोजमर्रा में काम आने वाली, भरोसेमंद और आसानी से अपनाई जा सकने वाली जानकारी देना होना चाहिए। उनकी स्टोरीज में हेल्थ, फूड और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया जाता है।

विशेषज्ञता के क्षेत्र
लाइफस्टाइल और डेली लाइफ हैक्स
हेल्थ, फिटनेस और वेलनेस
रिलेशनशिप और इमोशनल वेल-बीइंग
कुकिंग टिप्स, किचन हैक्स और आसान रेसिपी आइडियाज
फैशन और एथनिक स्टाइलिंग
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