बच्चों को जंक फूड खिलाने वाले पेरेंट्स हो जाएं सावधान, आंखों पर पड़ सकता है बुरा असर
Side Effects Of Junk Food On Kids Eye Health: बच्चे के जन्म के प्रारंभिक वर्षों के दौरान, उसकी नजर महत्वपूर्ण विकास के दौर से गुजर रही होती है। ऐसे में जंक फूड का अधिक सेवन शरीर में किसी भी प्रकार की पोषण संबंधी कमी और कमजोर दृष्टि का कारण बन सकता है।
जंक फूड के प्रति लोगों का क्रेज दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। लेकिन बात अगर बच्चों की करें तो पिज़्ज़ा, बर्गर और नूडल्स के प्रति उनकी दीवानगी अलग ही लेवल पर है। आजकल के बच्चे रोटी-सब्जी की जगह लंच और डिनर में बर्गर और पिज्जा खाना ज्यादा पसंद करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं फास्ट फूड के लिए बच्चों का यह प्यार लंबे समय में उन्हें हृदय संबंधी समस्याएं, मधुमेह और कैंसर जैसे जानलेवा रोगों के करीब ला रहा है। कुछ समय पहले एक खबर आई थी कि जंक फूड खाने की लत ने ब्रिटेन के एक 17 साल के लड़के को अंधा और बहरा बना दिया। वह जंक फूड के अलावा कुछ और नहीं खाता था। जिससे वह कुपोषण का शिकार हो गया।
विशेषज्ञों की मानें तो जंक फूड का अधिक सेवन ना सिर्फ बच्चों में मोटापे का खतरा बढ़ाता है बल्कि इससे बच्चों की दृष्टि पर भी बुरा असर पड़ता है। यही वजह है कि डॉक्टर्स अकसर बच्चे के जन्म के समय से ही उसके न्यूरोलॉजिकल विकास और बेहतर इम्यूनिटी के लिए बच्चे को स्तनपान करवाने की सलाह देते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि कुपोषण से पीड़ित बच्चों में अकसर खराब दृष्टि, कमजोर मांसपेशी,तंत्रिका संबंधी असंतुलन और कई गंभीर मामलों में दिल से संबंधित रोग और मृत्यु भी हो सकती है।
बता दें, बच्चे के जन्म के प्रारंभिक वर्षों के दौरान, उसकी नजर महत्वपूर्ण विकास के दौर से गुजर रही होती है। ऐसे में जंक फूड का अधिक सेवन शरीर में किसी भी प्रकार की पोषण संबंधी कमी और कमजोर दृष्टि का कारण बन सकता है।
जरूरत से ज्यादा जंक फूड खाने से होते है ये नुकसान
हाई बीपी
जंक फूड में मौजूद सोडियम की अधिकता रक्तचाप की समस्या को बढ़ा सकती है। जिसकी वजह से बच्चे की आंखों की संरचना को नुकसान पहुंचाता है। जिसकी वजह से धुंधली दृष्टि, आंख के भीतर रक्तस्राव या ग्लूकोमा की समस्या हो सकती है, जो कई बार दृष्टि हानि या अंधापन का कारण भी बन सकती है।
कोरॉइडोपैथी
सेंट्रल सीरस कोरियोरेटिनोपैथी (सीएससी) एक ऐसी स्थिति है जिसमें रेटिना के नीचे तरल पदार्थ जमा हो जाता है। बता दें, कोरॉइड, रेटिना को पोषक तत्व देने वाली रक्त वाहिकाओं की परत होती है। सीएससी आमतौर पर एक आंख को प्रभावित करती है, लेकिन कभी-कभी दोनों आंखें भी प्रभावित हो सकती हैं। सीएससी की वजह से धुंधला दिखना या काले धब्बे दिखना जैसी दृष्टि विकृति हो सकती है।
कमजोर रक्त वाहिका
आंखों की सेहत अच्छी बनाए रखने के लिए विटामिन और खनिज महत्वपूर्ण होते हैं। इन पोषक तत्वों की कमी से आंखों के ऊतक कमजोर हो सकते हैं, जिससे कॉर्नियल डिजनरेशन या कमजोर रक्त वाहिकाओं जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
सलाह
विशेषज्ञों के अनुसार, पैकेट में मिलने वाली सलाद की ड्रेसिंग, मेयोनीज, केचअप, बारबेक्यू सॉस जैसी वसा से भरी हुई चीजों का उपयोग करने से बचें। ये सभी चीजें शर्करा, वसा और एडिटिव्स से भरी हुई होती हैं। इसकी जगह बच्चे को विटामिन से भरपूर फल और सब्जियां खाने के लिए दें। जिससे आंखों की सेहत को अच्छा बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इसमें आप खट्टे फल जैसे संतरे और अंगूर, कीवी, कच्ची गाजर, हरी पत्तेदार सब्जियां जैसी चीजें बच्चों की डाइट में शामिल कर सकते हैं।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।