बेबी की स्किन पर आप तो नहीं लगा रहे ये 4 प्रोडक्ट्स? कैंसर सर्जन ने बताए भारी नुकसान!
Baby Care Tips: बच्चों की नाजुक स्किन के लिए सही प्रोडक्ट्स चुनना बेहद जरूरी होता है। कैंसर सर्जन ने ऐसे 4 इंग्रेडिएंट्स बताए हैं, जो आपको बेबी के लिए हर हाल में अवॉइड करने हैं। साथ ही उन्होंने सही प्रोडक्ट्स चुनने का तरीका भी शेयर किया है।

आजकल नवजात और छोटे बच्चों के लिए पैरेंट्स कई प्रोडक्ट्स यूज करते हैं, जैसे- टेलकम पाउडर, क्रीम, लोशन, शैंपू , हेयर ऑयल और भी बहुत कुछ। ज्यादा प्रोडक्ट्स यूज करना गलत नहीं है, लेकिन समस्या तब है जब सही प्रोडक्ट्स ना चुने जाएं। ऐसे कई प्रोडक्ट्स मार्केट में मौजूद हैं, जो कहने को तो बेबी केयर प्रोडक्ट्स हैं, लेकिन उनमें ऐसे-ऐसे खतरनाक इंग्रेडिएंट्स मौजूद होते हैं जो बच्चों की स्किन से ले कर हार्मोंस तक को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए बेहद जरूरी है कि आप अपने बच्चे के लिए कोई भी प्रोडक्ट चुनें, उससे पहले एक बार उसका लेबल जरूर चेक कर लें। कैंसर सर्जन डॉ अर्जुन शंकरन ने ऐसी 4 चीजों के बारे में बताया है, जो अगर बेबी केयर प्रोडक्ट में मौजूद है तो उसे बच्चे के लिए बिल्कुल भी इस्तेमाल ना करें। आइए जानते हैं वो 4 इंग्रेडिएंट्स क्या हैं-
फ्रेगरेंस या परफ्यूम वाले प्रोडक्ट्स
बेबी लोशन, पाउडर से ले कर वाइप्स तक में फ्रेगरेंस या परफ्यूम मिलाया जाता है। तभी बच्चों के प्रोडक्ट्स में से इतनी अच्छी और भीनी खुशबू आती है। हालांकि ये आपके बच्चे की स्किन और सेहत दोनों के लिए खराब है। डॉ अर्जुन कहते हैं कि ये फ्रेगरेंस सौ से भी ज्यादा केमिकल्स मिलाकर बनते हैं, जो एंडोक्राइन डिसरप्टर की तरह काम करते हैं। डॉक्टर सलाह देते हैं कि अगर आपके बेबी लोशन या किसी प्रोडक्ट से बहुत तेज और अच्छी खुशबू आ रही हैं, तो आपको उसे फेंकने की जरूरत है।
पैराबेन्स वाले प्रोडक्ट्स
कई बेबी केयर प्रोडक्ट्स में पैराबेन्स भी एड किए जाते हैं। दरअसल ये प्रिजर्वेटिव की तरह काम करते हैं, जिन्हें कॉस्मेटिक या स्किनकेयर प्रोडक्ट्स में काफी इस्तेमाल किया जाता है। लेबल पर ये Methylparaben, Propylparaben या Butylparaben जैसे नामों से लिखे हो सकते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि केमिकल्स शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन की नकल करने की क्षमता रखते हैं, इसलिए इन्हें संभावित एंडोक्राइन डिसरप्टर माना जाता है।
बच्चों के प्रोडक्ट्स में ना हों फॉर्मल्डिहाइड रिलीजर्स
बच्चों के लिए ऐसे प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने से बचें, जिनमें फॉर्मल्डिहाइड रिलीजर्स मौजूद हों। लेबल पर ये DMDM Hydantoin, Quaternium-15, Imidazolidinyl Urea और Diazolidinyl Urea जैसे नामों से लिखे हो सकते हैं। डॉ अर्जुन कहते हैं कि इन्हें कार्सिनोजेन यानी कैंसर पैदा करने वाले तत्वों के रूप में वर्गीकृत किया गया है, इसलिए ऐसे प्रोडक्ट्स हर हाल में अवॉइड करें।
टैल्क युक्त पाउडर से बचें
बच्चों के लिए टैल्क पाउडर या टैल्कम पाउडर काफी ज्यादा इस्तेमाल होता है, लेकिन डॉक्टर की मानें तो ये काफी खतरनाक हो सकता है। कुछ अध्ययनों में टैल्क और ओवेरियन कैंसर के बीच भी लिंक पाया गया है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि बच्चे के मुंह और प्राइवेट पार्ट्स पर कभी भी टैल्क पाउडर का यूज नहीं करना चाहिए।
बच्चों के लिए सही प्रोडक्ट्स कैसे चुनें?
डॉक्टर सलाह देते हैं कि पहले साल तो जितना कम हो सके, उतने कम प्रोडक्ट्स बच्चे के लिए इस्तेमाल करें। इसके अलावा लेबल पर फ्रेगरेंस फ्री और पैराबेन्स फ्री लिखा हुआ जरूर चेक कर लें। आप बच्चों की स्किन को मॉइश्चराइज करने के लिए प्राकृतिक बादाम या नारियल का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं। डायपर रैश के लिए बिना खुशबू वाला जिंक ऑक्साइड बेहतर होता है। वाइप्स की जगह आप साफ कपड़े और पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं। बाकी अगर वाइप्स लेनी ही हैं तो हमेशा वॉटर बेस्ड वाइप्स ही चुनें।
नोट: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर मौजूद यूजर-जनरेटेड कंटेंट पर आधारित है। लाइव हिन्दुस्तान ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है और न ही इनका समर्थन करता है।
लेखक के बारे में
Anmol Chauhanअनमोल चौहान लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में टकंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वह लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए हेल्थ, रिलेशनशिप, फैशन, ट्रैवल और कुकिंग टिप्स से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए रीडर-सेंट्रिक और सरल भाषा में उपयोगी जानकारी प्रस्तुत करना उनके लेखन की खास पहचान है।
करियर की शुरुआत
अनमोल ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2024 में लाइव हिन्दुस्तान से की। बतौर फ्रेशर, वह डिजिटल मीडिया के कंटेंट फॉर्मेट, रीडर बिहेवियर और सर्च ट्रेंड्स को समझते हुए लाइफस्टाइल और फूड से जुड़े प्रैक्टिकल विषयों पर काम कर रही हैं, जिनमें डेली कुकिंग टिप्स, आसान रेसिपी आइडियाज़ और किचन हैक्स शामिल हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
अनमोल चौहान ने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास और राजनीति विज्ञान में स्नातक (BA) की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया। इस अकादमिक पृष्ठभूमि ने उन्हें सामाजिक समझ, फैक्ट-बेस्ड रिपोर्टिंग और जिम्मेदार पत्रकारिता की मजबूत नींव दी।
लेखन शैली और दृष्टिकोण
अनमोल का मानना है कि लाइफस्टाइल जर्नलिज्म का उद्देश्य सिर्फ ट्रेंड बताना नहीं, बल्कि रोजमर्रा में काम आने वाली, भरोसेमंद और आसानी से अपनाई जा सकने वाली जानकारी देना होना चाहिए। उनकी स्टोरीज में हेल्थ, फूड और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया जाता है।
विशेषज्ञता के क्षेत्र
लाइफस्टाइल और डेली लाइफ हैक्स
हेल्थ, फिटनेस और वेलनेस
रिलेशनशिप और इमोशनल वेल-बीइंग
कुकिंग टिप्स, किचन हैक्स और आसान रेसिपी आइडियाज
फैशन और एथनिक स्टाइलिंग
ट्रैवल और सीजनल डेस्टिनेशन
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