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भारती सिंह की प्रेगनेंसी में हुई शुगर हाई, क्या मां से बच्चे को भी हो सकती है डायबिटीज?

भारती सिंह की प्रेगनेंसी में हुई शुगर हाई, क्या मां से बच्चे को भी हो सकती है डायबिटीज?

संक्षेप: What Is Gestational Diabetes : अगर भारती की तरह आपके मन को भी यह सवाल अकसर परेशान करता है कि क्या कोख में पल रहे बच्चे पर मां की हाई शुगर का असर पड़ता है या नहीं तो पढ़ें ये खबर। इस खबर में जानेंगे कि क्या बच्चा मां की वजह से पेट में ही डायबिटिक हो सकता है?

Mon, 17 Nov 2025 07:47 PMManju Mamgain लाइव हिन्दुस्तान
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kd/e Bharti Singh Pregnancy High Sugar: स्टार कॉमेडियन भारती सिंह एक बार फिर मां बनने वाली हैं। इस बात का जिक्र खुद भारती ने अपने यूट्यूब चैनल पर करते हुए सेहत का हाल और टेंशन की वजह भी बताई है। भारती ने अपने फैंस को बताया कि फिलहाल उनकी सेहत ठीक नहीं है। उनके ब्लड शुगर लेवल्स जरूरत से ज्यादा बढ़ गए हैं। जिसके लिए उन्हें अपनी डॉक्टर से डांट भी पड़ी है। प्रेग्नेंट भारती सिंह ने बताया कि वो इस वजह से आजकल बहुत टेंशन में रहती हैं और नहीं चाहतीं कि उनकी हाई शुगर का असर उनकी कोख में पल रहे बच्चे पर पड़े। भारती ने बताया अपनी शुगर कंट्रोल करने के लिए वो बेहद स्ट्रिक्ट डाइट फॉलो कर रही हैं, बावजूद इसके उनका शुगर लेवल बढ़ रहा है। अगर भारती की तरह आपके मन को भी यह सवाल अकसर परेशान करता है कि क्या कोख में पल रहे बच्चे पर मां की हाई शुगर का असर पड़ता है या नहीं तो पढ़ें ये खबर। इस खबर में जानेंगे कि क्या बच्चा मां की वजह से पेट में ही डायबिटिक हो सकता है? इसके अलावा यह भी जानने की कोशिश करेंगे कि गर्भधारण के समय शुगर बढ़ना कितना सामान्य है और कब यह खतरनाक हो सकता है?

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क्या होता है गर्भकालीन मधुमेह?

गर्भकालीन मधुमेह एक प्रकार का मधुमेह है जो गर्भावस्था के दौरान विकसित होता है जब प्लेसेंटा से निकलने वाले हार्मोन शरीर को इंसुलिन का ठीक से उपयोग करने से रोकते हैं, जिससे रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है। यह आमतौर पर गर्भावस्था के 24वें से 28वें सप्ताह के बीच विकसित होता है। ज्यादातर मामलों में, प्रसव के बाद यह स्थिति ठीक हो जाती है, लेकिन इसके कारण मां और बच्चे दोनों के लिए जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।

क्यों होती है गर्भकालीन मधुमेह की समस्या?

कई महिलाओं में अकसर प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी इंसुलिन को ठीक से इस्तेमाल नहीं कर पाती है, जिससे गर्भकालीन मधुमेह (Gestational Diabetes) की समस्या होने लगती है। यह आमतौर पर डिलीवरी के बाद ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ मामलों में मां और बच्चे दोनों के लिए खतरा भी बन सकता है।

क्या मां से बच्चे को हो सकती है डायबिटीज

डॉक्टरों की मानें तो गर्भावस्था के दौरान मां की बढ़ी हुई शुगर (Gestational Diabetes) सिर्फ मां की सेहत ही नहीं बल्कि बच्चे की हेल्थ पर भी बुरा असर डाल सकती है। हालांकि यह बात सच है कि हर बच्चा डायबिटिक पैदा नहीं होता, लेकिन आगे चलकर उसके शुगर लेवल और स्वास्थ्य पर इसका प्रभाव जरूर देखने को मिल सकता है। यही वजह है कि प्रेग्नेंसी के दौरान डॉक्टर अकसर महिला को बार-बार शुगर कंट्रोल में रखने की सलाह देते हैं। बता दें कि शुगर प्लेसेंटा के जरिए बच्चे तक पहुंचती है ऐसे में बच्चा शुगर को बैलेंस करने के लिए ज्यादा इंसुलिन बनाता है। इस वजह से जन्म के बाद ऐसे बच्चे में आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है और ऐसे बच्चों में मोटापा और हार्मोनल असंतुलन की समस्या भी ज्यादा दिखाई देती है।

प्रेग्नेंसी के दौरान कितना शुगर बढ़ना सामान्य होता है?

आजकल ज्यादातर महिलाओं में यह समस्या देखी जाती है। डॉक्टरों की मानें तो लगभग 10 में से 2-3 महिलाओं में गर्भकालीन मधुमेह पाया जाता है। जिसके पीछे हार्मोनल बदलाव, बढ़ता वजन, खराब लाइफस्टाइल, आनुवंशिक कारण, पहले से इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसे कारण छिपे होते हैं। गर्भधारण के समय महिला का फास्टिंग ब्लड शुगर 95 mg/dL से कम होना चाहिए। जबकि खाना खाने के 1 घंटे बाद 140 mg/dL से कम होना चाहिए। इसके अलावा खाना खाने के 2 घंटे बाद 120 mg/dL से कम होना चाहिए।

शुगर लेवल हाई होने पर क्या समस्या हो सकती हैं?

अगर प्रेगनेंसी के दौरान शुगर लेवल इससे ज्यादा हो तो, उस स्थिति को गर्भकालीन मधुमेह कहते हैं (Gestational Diabetes)। जिसकी वजह से गर्भ में पल रहे बच्चे का वजन अधिक बढ़ सकता है, डिलीवरी कठिन हो सकती है, मां के लिए हाई बीपी का खतरा बढ़ता है, बच्चे को लो शुगर की समस्या के साथ भविष्य में डायबिटीज का रिस्क भी बढ़ जाता है। इस बात का ध्यान रखें कि बच्चे से मां को डायबिटीज हो सकती है लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि मां को किस प्रकार की डायबिटीज है और गर्भधारण के समय मां का ब्लड शुगर कितना नियंत्रित था।

बचाव के लिए क्या करना चाहिए

मां को गर्भावस्था के दौरान अपने शुगर लेवल्स कंट्रोल में रखने का प्रयास करना चाहिए जिससे बच्चा डायबिटीज के खतरों से बचा रहे। इसके लिए प्रेग्नेंट महिला को चाहिए कि वो गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक वजन बढ़ाने से बचें, चुस्त और सक्रिय रहें,फाइबर से भरपूर और वसा व कैलोरी में कम भोजन करें।

Manju Mamgain

लेखक के बारे में

Manju Mamgain
मंजू ममगाईं लाइव हिन्दुस्तान में लाइफस्टाइल सेक्शन में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। मंजू ने अपना पीजी डिप्लोमा भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली और ग्रेजुएशन दिल्ली विश्वविद्यालय से किया हुआ है। इन्हें पत्रकारिता जगत में टीवी, प्रिंट और डिजिटल का कुल मिलाकर 16 साल का अनुभव है। एचटी डिजिटल से पहले मंजू आज तक, अमर उजाला, सहारा समय में भी काम कर चुकी हैं। आज तक में लाइफस्टाइल और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन लीड करने के बाद अब मंजू एचटी डिजिटल में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए काम कर रही हैं। और पढ़ें

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