Baby Burp: फीडिंग के बाद बेबी को ऐसे दिलाएं डकार, गायनेकोलॉजिस्ट ने बताए 4 आसान तरीके

लाइव हिन्दुस्तान
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फीडिंग के बाद बेबी को बर्प कराना बहुत जरूरी है। सही तरीके से बर्प कराने से गैस, पेट भारी लगना और बेचैनी जैसी परेशानियां कम करने में मदद मिल सकती है। गायनेकोलॉजिस्ट ने बच्चे को डकार दिलाने के 4 तरीके बताए हैं।

Baby Burp: फीडिंग के बाद बेबी को ऐसे दिलाएं डकार, गायनेकोलॉजिस्ट ने बताए 4 आसान तरीके

नवजात बच्चे फीडिंग के दौरान दूध के साथ हवा भी निगल लेते हैं। यही वजह है कि कई बार दूध पीने के बाद बेबी को गैस, पेट फूलना या बेचैनी महसूस हो सकती है। ऐसे में फीडिंग के बाद बेबी को बर्प कराना (डकार) बहुत जरूरी है। सही तरीके से बर्प कराने से बच्चे को आराम महसूस होता है और वह ज्यादा आराम से सो भी पाता है।

हालांकि, नए पेरेंट्स अक्सर समझ नहीं पाते कि बेबी को किस पॉजिशन में बर्प कराना ज्यादा आसान और कंफर्टेबल हो सकता है। हर बच्चे की जरूरत अलग हो सकती है, इसलिए अलग-अलग पॉजिशंस ट्राई करना सही रहता है। नागपुर की गायनेकोलॉजिस्ट वैदेही मराठे ने बच्चे को डकार दिलाने के 4 आसान और सेफ तरीके बताए हैं।

  1. बांह पर साइड में पकड़कर बर्प कराएं

बच्चे को अपनी बांह पर आराम से साइड की तरफ पकड़ें। ध्यान रखें कि उसका पेट थोड़ा नीचे की तरफ रहे। अब दूसरे हाथ से उसकी पीठ पर हल्के हाथों से थपथपाएं। यह तरीका छोटे बच्चों के लिए काफी आरामदायक माना जाता है और बच्चे को अच्छा सहारा भी मिल जाता है।

2. कंधे पर सीधा पकड़ें

बच्चे को अपने कंधे पर सीधा टिकाकर पकड़ें। उसके सिर और गर्दन को अच्छे से सहारा दें। अब धीरे-धीरे उसकी पीठ थपथपाएं या हल्के हाथों से सहलाएं। दूध पिलाने के बाद यह तरीका काफी आसान रहता है।

3. गोद में बैठाकर बर्प कराएं

बच्चे को अपनी गोद में सीधा बैठाएं और उसके ठोड़ी व सीने को हाथ से सहारा दें। इसके बाद धीरे-धीरे उसकी पीठ पर हाथ फेरें। यह तरीका उन बच्चों के लिए मददगार माना जाता है जिन्हें डकार आने में थोड़ा समय लगता है।

4. गोद पर पेट के बल लिटाएं

बच्चे को अपनी गोद पर पेट के बल हल्का लिटाएं। ध्यान रखें कि उसका सिर थोड़ा ऊपर रहे। अब उसकी पीठ पर धीरे-धीरे थपथपाएं। इससे पेट में फंसी हवा बाहर निकलने में मदद मिल सकती है और बच्चा आराम महसूस कर सकता है।

बेबी को बर्प कराना क्यों जरूरी माना जाता है?

  • गैस कम करने में मदद: फीडिंग के दौरान अंदर गई हवा बाहर निकलने में मदद मिलती है।
  • बच्चा ज्यादा आराम महसूस करता है: बर्प के बाद कई बच्चे ज्यादा शांत और कंफर्टेबल महसूस करते हैं।
  • उल्टी की संभावना कम होती है: दूध बाहर आने की परेशानी कम करने में फायदा होता है।

बर्प कराते समय किन बातों का ध्यान रखें?

  • बेबी को हमेशा हल्के हाथों से पकड़ें।
  • पीठ पर बहुत तेज थपथपाने से बचें।
  • अगर तुरंत बर्प ना आए, तो पॉजिशन बदलकर कोशिश करें।
  • फीडिंग के बाद कुछ मिनट तक बेबी को सीधा पकड़ना सही रहता है।

कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए? अगर बेबी बहुत ज्यादा रो रहा हो, फीडिंग के बाद बार-बार उल्टी हो रही हो, पेट ज्यादा फूला हुआ लगे या फिर बच्चा दूध पीने में परेशानी महसूस करे।

Shubhangi Gupta

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