बच्चे को साइकिल सिखाते वक्त ध्यान रखें ये 5 बातें, रहेगा सुरक्षित और सीख जाएगा जल्दी
बच्चा जब बड़ा हो जाता है, उसे साइकिल सीखने का मन करता है। ऐसे में पेरेंट्स उसे साइकिल चलाना सिखाना शुरू करते हैं। बच्चे को साइकिल सिखाते समय कुछ बातों का खास ध्यान रखें, इससे वह जल्दी सीख जाएगा और सुरक्षित भी रहेगा।

बच्चा जब बड़ा हो जाता है, तो उसे साइकिल सीखने की इच्छा रहती है। पहले वह तीन पहिया वाली साइकिल चला रहा होता है, जिसमें गिरने का डर नहीं रहता। फिर दोपहिया वाली साइकिल सीखना शुरुआत में उसके लिए थोड़ा सा मुश्किल होता है। हालांकि, साइकिल वाली एक्टिविटी बच्चे के लिए बेहद जरूरी है। साइकिल चलाने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं और ये एक अच्छी फिजिकल एक्टिविटी भी है। साथ ही साइकिल चलाने से बच्चा बैलेंस बनाना भी सीखता है। अगर आप अपने बच्चे को साइकिल चलाना सिखा रहे हैं, तो कुछ बातों का खास ध्यान रखें। इससे बच्चा साइकिल चलाना जल्दी सीख जाएगा और सुरक्षित भी रहेगा।
1- सही साइकिल और उपकरण चुनें
सबसे पहले तो आप सही साइज वाली साइकिल का चुनाव करें। साइकिल ऐसी होनी चाहिए, जिसमें बच्चे को दोनों पैर आसानी से जमीन तक पहुंच जाए। इससे बच्चे का बैलेंस हमेशा बना रहेगा और गिरने का डर कम लगेगा। साथ ही साइकिल चलाने के दौरान पहनने वाले उपकरण भी बच्चे के लिए खरीदें। इनमें हेलमेट, नी-एल्बो बैंड आते हैं। इनसे बच्चा गिरेगा भी तो ज्यादा चोट नहीं लगेगी।
2- खुली जगह से करें शुरुआत
साइकिल सिखाने की शुरुआत हमेशा खुली जगह से करें। अगर आपके घर, सोसायटी के आस-पास गार्डन या पार्क है, तो वहां बच्चे को साइकिल चलाना सिखाएं। पार्क में चलाने पर बच्चा घास पर गिरेगा, तो कम चोट लगेगी। जगह ऐसी चीजें जहां पर जमीन एक समान हो न कि ऊंची-नीची होनी चाहिए।
3- बैलेंस बनाना सिखाएं
साइकिल सिखाने का रूल नंबर वन है बैलेंस बनाना। आप पीछे से साइकिल का कैरियर पकड़ लें और बच्चे को पैडल मारकर चलने के लिए कहें। जब उसका बैलेंस बनने लगेगा तब आप कैरियर छोड़ना शुरू करें। धीरे-धीरे बच्चा बैलेंस बनाने में परफेक्ट हो जाएगा।
4- हैंडल को सीधा रखना और सामने देखना
बच्चे को साइकिल सिखाते समय रूल नंबर 2 है कि उससे कहें कि बिल्कुल सामने देखना है और हैंडल को सीधा रखना है। सामने देखने का फायदा होगा कि कुछ रास्ते में पड़ा होगा, तो दिखेगा और हैंडल सीधा रखने पर बैलेंस बना रहेगा। जरूरत पड़ने पर ब्रेक मारने के लिए कहें।
5- रोजाना वाली प्रैक्टिस है जरूरी
हर बच्चा अलग होता है इसलिए आप ये न समझें कि वह 1-2 दिन में ही सीख लेगा। हर दिन सिर्फ 20-25 मिनट की प्रैक्टिस करवाएं। इससे बच्चा साइकिल चलाने में परफेक्ट हो जाएगा और महीनेभर में उसमें कॉन्फिडेंस भी आ जाएगा। उसकी छोटी-छोटी उपलब्धियों की तारीफ करें, इससे उसका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
लेखक के बारे में
Deepali Srivastavaदीपाली श्रीवास्तव पिछले 8 वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और 5 सालों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में डेप्युटी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। संस्थान में साल 2021 में वेब स्टोरी से अपने सफर की शुरुआत करने के बाद, वह आज लाइफस्टाइल टीम का अहम हिस्सा हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स, यूजर बिहेवियर और पाठकों की रुचि को समझने में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक भरोसेमंद और प्रभावशाली कंटेंट प्रोफेशनल बनाती है।
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