आपके बच्चे का दिमाग धीमा कर रही हैं ये रोज की 3 आदतें, 80% पैरेंट्स रोज दोहरा रहे!
क्या आप जानते हैं कि आपकी रोजाना की आदतें आपके बच्चे के दिमागी विकास पर असर डालती हैं? इनमें से तो कुछ ऐसी कॉमन गलतियां हैं, जिन्हें ज्यादातर पैरेंट्स रोज दोहरा रहे हैं और उनका बच्चों की ब्रेन ग्रोथ पर नेगेटिव असर पड़ रहा है।

बच्चों के तेज दिमाग और अच्छी याददाश्त के लिए सिर्फ बादाम, अखरोट या हेल्दी खाना ही काफी नहीं होता। बल्कि हमारी रोज की आदतों पर ध्यान देना भी जरूरी है क्योंकि कई बार हमारी रोजमर्रा की छोटी-छोटी गलतियां बच्चे की ब्रेन ग्रोथ पर नेगेटिव असर डालने लगती हैं। ऐसी गलतियां शुरुआत में नॉर्मल लगती हैं, लेकिन समय के साथ बच्चे की सीखने की क्षमता, फोकस और सोचने-समझने के तरीके लगभग सभी चीजों को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए समय रहते इन आदतों को बदलना जरूरी है। अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा बेहतर तरीके से सीखे, याद रखे और उसका मानसिक विकास सही दिशा में हो, तो चलिए जानते हैं ये छोटी-छोटी गलतियां कौन सी है जिन्हें सुधार कर आप अपने बच्चों की बेहतर ग्रोथ कर सकते हैं।
सोने से पहले बच्चे को फोन या टीवी न दें
अगर बच्चा सोने से ठीक पहले मोबाइल, टैबलेट या टीवी देखता है, तो ये आदत उसकी नींद पर असर डाल सकती है। स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट नींद से जुड़े हार्मोन को प्रभावित करती है। इसका असर यह होता है कि बच्चा गहरी नींद नहीं ले पाता। जब नींद पूरी और अच्छी नहीं होती, तो दिनभर सीखी गई बातें दिमाग में सही तरह से स्टोर नहीं हो पातीं। इसलिए कोशिश करें कि सोने के समय बच्चे को स्क्रीन से दूर रखें, ताकि उसे अच्छी और गहरी नींद मिल सके।
सुबह के नाश्ते में ज्यादा मीठी चीजें देने से बचें
अगर सुबह के नाश्ते में बच्चे को बिस्किट, सीरियल्स या ज्यादा शुगर वाले जूस दिए जाते हैं, तो उसकी एनर्जी पहले बहुत तेजी से बढ़ती है और फिर अचानक कम हो जाती है। इस वजह से स्कूल में उसका ध्यान जल्दी भटक सकता है। ऐसे बच्चों का अटेंशन स्पैन छोटा हो सकता है और उन्हें पढ़ाई पर फोकस करने में परेशानी हो सकती है। इसलिए सुबह के नाश्ते में ऐसी चीजों की जगह बैलेंस्ड डाइट देने की कोशिश करें।
बच्चे से सिर्फ हां या ना में बात न करें
अगर आप पूरे दिन बच्चे से सिर्फ आदेश देने वाले तरीके में या सिर्फ हां और ना में बात करते हैं, तो उसे अपने विचार रखने का मौका कम मिलता है। इससे उसकी सोचने और अपनी बात समझाने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। बच्चे से रोज थोड़ा समय निकालकर खुलकर बात करें। उससे उसके दिन के बारे में पूछें, उसकी राय जानें और उसे अपनी बात कहने का मौका दें। ऐसी बातचीत से बच्चे के विचार विकसित होते हैं और उसकी मेंटल ग्रोथ में भी मदद मिलती है।


