
Kanya Pujan 2025: अष्टमी-नवमी पूजन के लिए नहीं मिल रहीं छोटी कन्या? तो इन 5 तरीकों से सफल करें अपना व्रत
नवरात्रि व्रत का समापन कन्या पूजन के साथ होता है। इसमें कम से कम नौ कन्या और एक लांगूर होना शुभ माना जाता है। हालांकि अगर आपको पूजन के लिए कन्या नहीं मिल रही हैं, तो आप ये तरीके अपना सकते हैं।
नवरात्रि के व्रत का समापन कन्या पूजन के साथ होता है। नवरात्रि के आठवें और नौवें दिन, यानी अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन किया जाता है। जहां छोटी कन्याओं को देवी दुर्गा का स्वरूप मानकर पूजा जाता है और उन्हें भोग लगाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कम से कम नौ कन्या और एक लांगूर होना शुभ माना जाता है। हालांकि इतनी सारी कन्याएं मिलना थोड़ा मुश्किल होता है। कई बार आसपास इतनी छोटी बच्चियां होती नहीं हैं, और आजकल तो सेफ्टी के लिहाज से भी कई लोग बच्चियों को कहीं भेजने से कतराते हैं। ऐसे में अगर आपको भी पूजन के लिए कन्या नहीं मिल रही हैं, तो आप ये तरीके अपना सकते हैं।

घर की कन्याओं का विधिवत पूजन करें
कहीं बाहर कन्या नहीं मिल रही हैं, तो अपने घर-परिवार में मौजूद कन्याओं का पूजन करें। आपके रिश्तेदार, दोस्तों या आस-पड़ोस में जो भी दो-चार कन्या आपको मिलती हैं, उन्हें ही विधिवत रूप से भोज करा दें। अगर आपके घर में कोई हाउस हेल्प हैं, ड्राइवर हैं या सिक्योरिटी गार्ड हैं, तो उनके बच्चों को भी इनवाइट कर सकते हैं।
मंदिर में बांटे प्रसाद
अगर आपको कन्या नहीं मिल रही हैं, तो आप प्रसाद के छोटे-छोटे पैकेट बनाकर मंदिर में भी बांट सकते हैं। आमतौर पर मंदिर में कुछ कन्याएं मिल जाती हैं, उन्हें प्रसाद जरूर दें। बाकी आप मां भगवती को भोग लगाने के बाद इन्हें दूसरे लोगों में भी बांट सकते हैं।
देवी दुर्गा को करें आमंत्रित
कन्या पूजन के लिए आप स्वयं देवी दुर्गा को भी आमंत्रित कर सकते हैं। इसके लिए हलवा, पूड़ी, काले चने का प्रसाद बनाएं और एक थाली में माता रानी के आगे परोसें। सच्चे संकल्प के साथ मां भगवती को ही भोज के लिए आमंत्रित करें। उन्हें विधिवत भोजन कराएं और दक्षिणा भी दें। ये भोजन आप बाद में किसी कन्या या गौ माता को भी खिला सकते हैं। ये दक्षिणा आप किसी भी छोटी कन्या को दे सकते हैं।
सूखा प्रसाद चढ़ाएं
कन्या पूजन का एक तरीका ये भी है कि आप सूखा प्रसाद निकलाकर रख सकते हैं। जैसे बताशे, मखाने, नारियल और फल आदि। इन्हें माता रानी को भोग लगाएं और निकलाकर रख लें। अब जब भी आपको कन्या मिलें, आप ये उन्हें भेंट कर सकते हैं। इन सामग्रियों को मंदिर में भी दान किया जा सकता है।
दक्षिणा निकालकर रख लें
अगर आपको ज्यादा समय नहीं मिल रहा है और आसपास कन्या भी नहीं हैं, तो थोड़ी दक्षिणा निकालकर अलग रख सकते हैं। अपनी श्रद्धानुसार आप जितने भी रुपए पैसों का पूजन करना चाहते हैं, उतने पैसे माता रानी के चरणों में अर्पित कर दें। आप इसे मंदिर में भेंट कर सकते हैं या भविष्य में कन्याओं को भी भेंट कर सकते हैं।
(Image Credit: Pinterest)

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Anmol Chauhanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




