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Hindi News लाइफस्टाइल जीवन मंत्रSecret Of Happy Life: हैप्पी लाइफ जीनी है तो संस्कृत के इन श्लोकों को जरूर समझ लें

Secret Of Happy Life: हैप्पी लाइफ जीनी है तो संस्कृत के इन श्लोकों को जरूर समझ लें

Secret Of Happy Life: खुशहाल जिंदगी जीने का फार्मूला केवल आज ही नहीं पुराने समय में भी बताया जाता था। इन संस्कृत के श्लोकों को समझकर आप भी खुशहाल जिंदगी जीने का सीक्रेट समझ जाएंगे।

Secret Of Happy Life: हैप्पी लाइफ जीनी है तो संस्कृत के इन श्लोकों को जरूर समझ लें
Aparajitaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 07 Dec 2023 07:07 PM
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सुखी जीवन जीने का क्या फार्मूला है। इस बारे में काफी सारे गुरु और लाइफ कोच बताते हैं। लेकिन आज से काफी साल पहले संस्कृत भाषा में लिखे गए सुभाषित के श्लोक भी जीवन को सही ढंग से जीने का तरीका बताते थे। उन्हें अगर आज की भाषा में परिभाषित किया जाए तो आसानी से सुखी और खुशहाल जीवन जीने का सही तरीका पता चल जाएगा। इन श्लोकों के अर्थ आपको दुख और सुख में समान तरीके से जीवन जीने की सीख देते हैं। 

क्षमावशीकृतिर्लोके क्षमया किं ना साध्यते।
शान्तिखड्ग: करे यस्य किं करिष्यति दुर्जन:।।

संस्कृत के इस श्लोक का अर्थ है कि क्षमा करना सबसे बड़ा गुण है। ये एक वशीकरण है, जिसके माध्यम से आप किसी को भी प्रभावित यानी इंप्रेस कर सकते हैं। समाज में रहकर हैप्पी लाइफ जीना है तो हमेशा दूसरों को माफ करना सीखें। शांत रहकर और दूसरों को माफ करके दुनिया के बहुत सारे काम किए जा सकते हैं।

धनधान्यप्रयोगेषु विद्याया: संग्रहेषु च।
आहारे व्यवहारे च त्क्तलज्ज: सुखी भवेते्।।

सुभाषितानि के इस मंत्र में बताया गया है कि जो इंसान धन के इस्तेमाल में, विद्या को ग्रहण करने में, भोजन करने में और अच्छे व्यवहार में संकोच नहीं करते, वो सुखी जीवन जीते हैं। इसका मतलब है कि इंसान को हमेशा नई स्किल सीखते रहनी चाहिए। साथ ही अच्छा फूड, लोगों से अच्छा व्यवहार करना और धन का सही इस्तेमाल इंसान को सुखी और खुश रखने में मदद करता है।

न ही कश्चित् विजानाति किं कस्य श्वो भविष्यति। 
अतः श्वः करणीयानि कुर्यादद्यैव बुद्धिमान्।।
 

कल क्या होने वाला है इसका जवाब किसी के पास नही है। इसलिए बुद्धिमान इंसान वो है जो अपने सारे काम आज ही खत्म कर लेता है। यहीं सुखी जीवन जीने का भी मंत्र है। अपने कामों को कल पर ना टालें। फिर चाहे वो आपके ऑफिस के काम हो या फिर निजी और पारिवारिक। जीवन का आनंद आज को अच्छे से बिताने में है। कल पर टाला गया काम कभी पूरा नहीं होता।

उदये सविता रक्तो रक्त:श्चास्तमये तथा। 
सम्पत्तौ च विपत्तौ च महतामेकरूपता॥

हर किसी की लाइफ में उतार-चढ़ाव आते हैं। लेकिन महापुरुषों के बताए संस्कृत के इस श्लोक का अर्थ है कि उगता सूरज और डूबता सूरज हमेशा लाल रंग का होता है। उसी तरह से इंसान को अपने कठिन समय और अच्छे समय दोनों समय में एक जैसा ही व्यवहार रखना चाहिए। तभी जीवन को सुख और शांति के साथ बिता सकता है। 
 

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