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Deal With Jealousy: दूसरों को देख मन में आ जाती जलन की भावना तो ऐसे करें खुद को डील

Deal With Jealousy: दूसरों को देख मन में अक्सर ईर्ष्या की भावना पैदा होने लगती है तो जरूरी है कि इस बात का असर अपने व्यक्तित्व पर ना पड़ने दें। जलन की भावना को डील करने के लिए इन तरीकों का सहारा लें।

Aparajita लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्लीSat, 11 May 2024 01:25 PM
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मन में जलन की भावना आना काफी नॉर्मल है लेकिन इस नेचुरल इमोशन को दूसरों के साथ रिलेशन में और खुद की भावनाओं पर असर ना पड़ने देने में समझदारी है। ईष्या की भावना मन में तभी पैदा होती है जब किसी चीज को खोने का डर होता है या फिर बहुत जरूरी चीज होती है। जलन की वजह से मन में गुस्सा और दुख की भावना पैदा होने लगती है। मन में पैदा हो रही ईर्ष्या की को इस तरह से डील करना चाहिए।

क्यों होती है ईर्ष्या
ऑफिस के कलीग को प्रमोशन मिल गया या फ्रेंड्स किसी नए रिलेशनशिप में बिजी हैं। पड़ोसी को बिजनेस में तरक्की मिल गई या फिर पार्टनर का टाइम किसी और के साथ ज्यादा बीत रहा। किसी भी वजह से मन में ईर्ष्या की भावना आ सकती है। जानें इससे कैसे करें डील

मन में ईर्ष्या की भावना को स्वीकार करें
अगर आपको दूसरों से जलन की भावना पैदा हो रही है तो उसे अनदेखा ना करें बल्कि एक्सेप्ट करें। साथ ही इसका कारण पता करें। अगर ऐसा आत्मविश्वास की कमी की वजह से हो रहा। या उस इंसान के पास कुछ ऐसा है जो आपके पास नहीं। ईर्ष्या की जड़ तक पहुंचने का प्रयास करें। अगर कुछ ऐसा है तो उसे पाने के लिए आप पॉजिटिव तरीके से कोशिश करें।

क्यों आती है जलन की भावना
जलन की भावना आने का कौन सा कारण है। इसकी पहचान करना जरूरी है। कब कौन सी चीज आपके मन में जलन पैदा कर देती है। इसकी पहचान करें और फिर सॉल्यूशन खोजें। 

किसी करीबी से इस बारे में बात करें
अगर अक्सर जलन की भावना मन में आ जाती है। तो इस बारे में अपने किसी करीबी रिश्तेदार, पार्टनर या फैमिलीमेंबर से बात करें। खुलकर अपनी भावनाओं को शेयर करें। बातें बताने से सॉल्यूशन मिलना आसान हो जाता है। 

ईर्ष्या से होने वाले नुकसान के बारे में सोचें
-जब भी किसी को लेकर मन में जलन की भावना पैदा हो तो उससे होने वाले खुद के नुकसान के बारे में सोचें। ईर्ष्या से आपको ये नुकसान होते हैं।
-समय की बर्बादी होती है
-बार-बार एक ही बात सोचने से दूसरी चीजों को सोचने की क्षमता कम होती जाती है।
-आप जलन की वजह से पर्सनल रिश्तों को खराब कर लेते हैं।
-पर्सनैलिटी पर जलन का निगेटिव असर पड़ता है और आप खुद में आत्मविश्वास खोने लगते हैं। साथ ही प्रोडक्टिविटी पर भी असर पड़ता है। 
-मन में निगेटिविटी आती है और आप दूसरों के मन में भी वो निगेटिविटी डालना शुरू कर देते हैं। इसलिए जलन की भावना को मन में ना आने दें। 

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