Quote of the Day: गुस्से को कैसे करें कंट्रोल? गीता के श्लोकों में छिपा है जवाब

Mar 07, 2026 06:54 am ISTShubhangi Gupta लाइव हिन्दुस्तान
share

गुस्सा एक नॉर्मल इमोशन है, लेकिन अगर यह कंट्रोल से बाहर हो जाए तो रिश्तों और जीवन को नुकसान पहुंचा सकता है। भगवद गीता के कुछ महत्वपूर्ण श्लोक हमें इसे समझने और नियंत्रित करने का सही रास्ता बताते हैं।

Quote of the Day: गुस्से को कैसे करें कंट्रोल? गीता के श्लोकों में छिपा है जवाब

गुस्सा एक ऐसी भावना है जो हर इंसान को कभी-ना-कभी आती है। लेकिन जब यही गुस्सा बार-बार या ज्यादा बढ़ जाता है तो यह रिश्तों, फैसलों और जीवन की शांति को नुकसान पहुंचा सकता है। कई बार गुस्से में लिया गया फैसला बाद में पछतावे का कारण बन जाता है। भारतीय ग्रंथ भगवद गीता जीवन की कई समस्याओं का समाधान देती है। इसमें मन को शांत रखने, भावनाओं को संतुलित करने और क्रोध पर नियंत्रण पाने के कई मार्ग बताए गए हैं। गीता के कुछ श्लोक हमें बताते हैं कि गुस्से से कैसे बचा जाए और शांत मन के साथ जीवन जिया जाए। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 महत्वपूर्ण श्लोक और उनका सिंपल मीनिंग।

1. सुख-दुख में संतुलित मन रखना

दु:खेष्वनुद्विग्नमना: सुखेषु विगतस्पृह: |

वीतरागभयक्रोध: स्थितधीर्मुनिरुच्यते || (अध्याय 2, श्लोक 56)

  • इस श्लोक में भगवान कृष्ण कहते हैं कि जो व्यक्ति दुख में परेशान नहीं होता और सुख में ज्यादा आसक्त नहीं होता, वही स्थिर बुद्धि वाला माना जाता है। ऐसा व्यक्ति राग, भय और क्रोध से दूर रहता है।
  • सीख: अगर हम जीवन की परिस्थितियों को संतुलित मन से स्वीकार करें, तो गुस्सा अपने-आप कम होने लगता है।

2. इच्छाओं और क्रोध पर नियंत्रण

कामक्रोधवियुक्तानां यतीनां यतचेतसाम् |

अभितो ब्रह्मनिर्वाणं वर्तते विदितात्मनाम् || (अध्याय 5, श्लोक 26)

  • इस श्लोक में बताया गया है कि जो लोग कामना और क्रोध से मुक्त होते हैं और अपने मन को नियंत्रित रखते हैं, उन्हें सच्ची शांति और आनंद मिलता है।
  • सीख: जब हम अपनी इच्छाओं और भावनाओं को समझकर नियंत्रित करते हैं, तब मन में शांति आती है।

3. क्रोध से दूर रहना एक दिव्य गुण

अहिंसा सत्यमक्रोधस्त्याग: शान्तिरपैशुनम् |

दया भूतेष्वलोलुप्त्वं मार्दवं ह्रीरचापलम् || (अध्याय 16, श्लोक 2)

  • भगवान कृष्ण बताते हैं कि अहिंसा, सत्य, दया और क्रोध से दूर रहना दिव्य गुणों में शामिल है।
  • सीख: जब हम दूसरों के प्रति दया, सत्य और सहानुभूति रखते हैं, तो गुस्से के कारण भी कम हो जाते हैं।

4. क्रोध विनाश का कारण बन सकता है

त्रिविधं नरकस्येदं द्वारं नाशनमात्मन: |

काम: क्रोधस्तथा लोभस्तस्मादेतत्त्रयं त्यजेत् || (अध्याय 16, श्लोक 21)

  • इस श्लोक में कहा गया है कि काम, क्रोध और लोभ तीन ऐसे द्वार हैं जो इंसान को विनाश की ओर ले जाते हैं।
  • सीख: अगर जीवन में शांति चाहिए तो इन तीनों से दूरी बनाना जरूरी है।

5. क्रोध कैसे करता है बुद्धि को नष्ट

क्रोधाद्भवति सम्मोह: सम्मोहात्स्मृतिविभ्रम: |

स्मृतिभ्रंशाद् बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात्प्रणश्यति || (अध्याय 2, श्लोक 63)

  • इस श्लोक में बताया गया है कि क्रोध से भ्रम पैदा होता है, भ्रम से याददाश्त कमजोर होती है और अंत में बुद्धि नष्ट हो जाती है।
  • सीख: गुस्सा हमें सही-गलत की समझ से दूर कर सकता है।

जीवन मंत्र: भगवद गीता हमें सिखाती है कि गुस्सा जीवन का समाधान नहीं, बल्कि समस्या बन सकता है। अगर हम धैर्य, समझ और संतुलित सोच को अपनाएं, तो गु्स्से पर काबू पाया जा सकता है। इन श्लोकों की सीख को जीवन में अपनाकर हम अधिक शांत, सकारात्मक और संतुलित जीवन जी सकते हैं।

Shubhangi Gupta

लेखक के बारे में

Shubhangi Gupta

परिचय एवं अनुभव

शुभांगी गुप्ता एक अनुभवी जर्नलिस्ट हैं जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह पिछले 4+ वर्षों से देश के प्रतिष्ठित डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म लाइव हिंदुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) से जुड़ी हुई हैं। यहां वह बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। इससे पहले शुभांगी लगभग एक साल अमर उजाला डिजिटल में भी काम कर चुकी हैं।


करियर का सफर

लाइव हिंदुस्तान में शुभांगी लाइफस्टाइल टीम का हिस्सा हैं, जहां वह हेल्थ, फिटनेस, फैशन, ब्यूटी, फूड और रिश्तों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लगातार पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार कर रही हैं।


विशेषज्ञता

शुभांगी की लेखन शैली की खास बात यह है कि वह जटिल विषयों को भी बेहद सरल और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत करती हैं। उनका मानना है कि अच्छी पत्रकारिता केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पाठकों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर और आसान बनाने में भी सहायक होनी चाहिए। इसी सोच के साथ वह एक्सपर्ट्स की राय, रिसर्च और अपने व्यक्तिगत अनुभवों को जोड़कर ऐसे ‘हैंडी टिप्स’ साझा करती हैं जिनसे पाठक खुद को सीधे जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।


पुरस्कार

लाइव हिंदुस्तान में काम करते हुए शुभांगी को ज्यादा रीडर एंगेजमेंट के लिए मंथली अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है, जो उनके कंटेंट की लोकप्रियता और प्रभाव को दर्शाता है। डिजिटल ट्रेंड्स और ऑडियंस की पसंद को समझना उनकी बड़ी ताकत है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

शुभांगी ने जर्नलिज्म के साथ-साथ एल.एल.बी की पढ़ाई भी की है, जिससे उनके कंटेंट में तथ्यात्मक मजबूती और संतुलित दृष्टिकोण देखने को मिलता है। वह पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़ने और लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम मानती हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।