हर घर में होना चाहिए ये 1 नियम, बदल सकता है परिवार की जिंदगी! जया किशोरी ने बताया
कुछ ऐसे नियम होते हैं जिन्हें अपनाकर जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। जया किशोरी जी ने अपने परिवार का एक ऐसा ही रूल बताया है, जो ना सिर्फ जानकारी बढ़ाने में मदद करता है। बल्कि परिवार की बॉन्डिंग भी मजबूत होती है।

अपनी नॉलेज बढ़ाने के लिए हमेशा किताबें पढ़ना या घंटों इंटरनेट पर जानकारी खोजना ही जरूरी नहीं है। कई बार हमारे आसपास मौजूद लोगों की सोच भी हमें बहुत कुछ सिखा सकती है। जानी मानी कथावाचक जया किशोरी ने अपने घर का एक रूल बताया है जिसके जरिए हम अपनी नॉलेज हर फील्ड में बढ़ा सकते हैं। जया किशोरी के मुताबिक हर इंसान को अपने घर में यह रूल जरूर बनना चाहिए, जिससे न सिर्फ घर के सदस्यों का आपस में कनेक्शन बढ़ेगा साथ ही अलग अलग विषयों के बारे में जानकारी भी।
हफ्ते में एक दिन घर के सारे सदस्य बैठें साथ
जया किशोरी रहती हैं कि हर घर में यह रूल जरूर होना चाहिए कि परिवार के सभी सदस्य हफ्ते में किसी एक दिन साथ बैठें और कम से कम 2 से 3 घंटे का समय साथ में बिताएं। इस दौरान फोन, टीवी, लैपटॉप जैसी ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूर रहें।
एक विषय चुनकर उस पर गहराई से चर्चा करें
जानकारी बढ़ाने के लिए सबसे पहले किसी एक विषय को चुनें। यह विषय सामाजिक, राजनीतिक, एजुकेशन, करियर, शादी या किसी भी दूसरे मुद्दे से जुड़ा हो सकता है। कोशिश करें कि ऐसा विषय चुना जाए, जिस पर अलग-अलग तरह की राय सामने आ सके। अब उस विषय पर अपनी राय रखें और परिवार के सभी सदस्यों की राय भी ले। परिवार के हर सदस्य को खुलकर अपनी राय रखने का मौका दें। जब एक ही मुद्दे पर अलग-अलग विचार सामने आते हैं, तो आपको उस विषय को समझने के लिए नए नजरिए मिलते हैं।
एक ही विषय को अलग-अलग नजरिए से समझें
अक्सर हम किसी भी मुद्दे को अपनी सोच के हिसाब से देखते हैं। हमें जो सही लगता है, हम उसी को सही मान लेते हैं। लेकिन जब उसी विषय पर दूसरे लोगों की राय सुनते हैं, तो पता चलता है कि किसी मुद्दे को देखने का तरीका अलग भी हो सकता है। जया किशोरी ने भी यही कहा है कि एक विषय पर जितने लोग अपनी राय रखेंगे, उतने ही अलग विचार सामने आ सकते हैं। इन विचारों को ध्यान से सुनने से आपकी सोच उस विषय तक सीमित नहीं रहती, बल्कि आपको उसे कई नजरिए से समझने का मौका मिलता है।
चर्चा के बाद सबसे जरूरी काम करें
जया किशोरी की इस बात का सबसे अहम हिस्सा चर्चा खत्म होने के बाद आता है। बातचीत के बाद थोड़ा समय निकालकर उन सभी विचारों के बारे में सोचें जो चर्चा के दौरान सामने आए। सोचें कि कौन सी बात सही हो सकती है। यह भी देखें कि क्या अलग-अलग लोगों की कही बातों को जोड़कर उस विषय को समझने का कोई नया तरीका सामने आ सकता है। इस तरह से एक टॉपिक को समझने के लिए आपके पास कई नजरिए होंगे जिससे सोचने का तरीका बदलेगा और आपकी नॉलेज भी बढ़ेगी।


