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करोड़ों रुपये नहीं, संतोष है असली दौलत: सुधा मूर्ति का जीवन मंत्र

करोड़ों रुपये नहीं, संतोष है असली दौलत: सुधा मूर्ति का जीवन मंत्र

संक्षेप:

अक्सर लोग पूछते हैं कि जीवन में कितनी कमाई काफी है। इस सवाल का बेहद सरल लेकिन गहरा जवाब लेखिका और समाजसेवी सुधा मूर्ति अपनी सादगी, अनुभव और जीवन दर्शन के जरिए देती हैं।

Dec 16, 2025 12:59 pm ISTShubhangi Gupta लाइव हिन्दुस्तान
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आज के समय में जब सफलता को बैंक बैलेंस और लग्जरी लाइफस्टाइल से मापा जाने लगा है, तब यह सवाल और भी अहम हो जाता है कि जीवन में वास्तव में कितना पैसा काफी है। लेखिका और समाजसेवी सुधा मूर्ति उन शख्सियतों में से हैं जिन्होंने अपार संपत्ति के बावजूद सादा और अर्थपूर्ण जीवन को चुना। उनका मानना है कि पैसा अपने आप में ना तो अच्छा है और ना ही बुरा, बल्कि यह केवल एक साधन है। समस्या तब शुरू होती है जब पैसा जीवन का लक्ष्य बन जाता है।

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सुधा मूर्ति के अनुसार, जीवन में उतना पैसा पर्याप्त है जिससे इंसान अपनी बुनियादी जरूरतें पूरी कर सके, आत्मसम्मान के साथ जी सके और भविष्य को लेकर असुरक्षा महसूस ना करे। वह कहती हैं कि अगर इंसान के पास रहने को घर, खाने को भोजन, पहनने को कपड़े, अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा है तो वही वास्तविक समृद्धि है। उनकी सोच में संतोष का बहुत बड़ा स्थान है। वे मानती हैं कि संतोष के बिना करोड़ों रुपये भी कम पड़ जाते हैं, जबकि संतोष के साथ सीमित आय में भी जीवन सुखी और संतुलित हो सकता है।

सुधा मूर्ति के अनुसार ‘पर्याप्त पैसा’ क्या है?

  • जरूरतें पूरी हों, दिखावा नहीं: पैसा इतना हो कि जरूरतें पूरी हों, ना कि दूसरों को प्रभावित करने का साधन बने।
  • आत्मसम्मान बना रहे: इंसान को किसी के सामने हाथ फैलाने की मजबूरी ना हो।
  • शिक्षा और स्वास्थ्य में निवेश: पैसा वहीं खर्च हो, जहां जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो।
  • भविष्य की सुरक्षा: बुढ़ापे या आपातकाल के लिए न्यूनतम आर्थिक सुरक्षा जरूरी है।
  • समाज को लौटाने की क्षमता: अगर आप दूसरों की मदद कर सकते हैं, तो वही सच्ची समृद्धि है।

जीवन मंत्र: सुधा मूर्ति मानती हैं कि पैसा कभी ‘पर्याप्त’ नहीं लगता, अगर इच्छाओं पर नियंत्रण ना हो। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग ज्यादा कमाने की दौड़ में रिश्ते, स्वास्थ्य और मानसिक शांति खो देते हैं। उनके अनुसार, खुशहाल जीवन का रहस्य ज्यादा कमाने में नहीं, बल्कि सीमित इच्छाओं और संतोष में छिपा है।

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Shubhangi Gupta

लेखक के बारे में

Shubhangi Gupta
चार साल से भी ज्यादा समय से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय शुभांगी गुप्ता लाइव हिंदुस्तान की वेब स्टोरीज टीम का हिस्सा हैं। एंटरटेनमेंट, फैशन और लाइफस्टाइल से जुड़े आर्टिकल लिखने में उनकी रुचि है। इनका उद्देश्य अपने लेखन से पाठकों को बांधे रखना है। लाइव हिंदुस्तान टीम के साथ जुड़ने से पहले ये अमर उजाला में काम कर चुकी हैं। और पढ़ें

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