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Hindi News लाइफस्टाइलकंधों का मामूली दर्द हो सकता है फ्रोजन शोल्डर का इशारा, जानें क्या करें और क्या नहीं

कंधों का मामूली दर्द हो सकता है फ्रोजन शोल्डर का इशारा, जानें क्या करें और क्या नहीं

Dos And Donts For Frozen Shoulder: मेडिकल भाषा में इस समस्या के दौरान होने वाले दर्द को एडहेसिव कैप्सूलाइटिस कहा जाता है। यह दर्द धीरे-धीरे और अचानक शुरू होता है, जो बाद में पूरे कंधे को जाम कर देता है।

कंधों का मामूली दर्द हो सकता है फ्रोजन शोल्डर का इशारा, जानें क्या करें और क्या नहीं
Manju Mamgainलाइव हिन्दुस्तानTue, 21 May 2024 07:17 PM
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Dos And Donts For Frozen Shoulder: लंबे समय तक कंप्यूटर के आगे एक जैसे पॉश्चर में बैठे रहने बैठे रहने या फिर वर्कआउट की कमी की वजह से व्यक्ति के जॉइंट्स जाम होने लगते हैं। जिसकी वजह से व्यक्ति को फ्रोजन शोल्डर की समस्या हो सकती है। मेडिकल भाषा में इस समस्या के दौरान होने वाले दर्द को एडहेसिव कैप्सूलाइटिस कहा जाता है। यह दर्द धीरे-धीरे और अचानक शुरू होता है, जो बाद में पूरे कंधे को जाम कर देता है।

क्या होता है फ्रोजन शोल्डर-

शोल्डर की समस्या ज्यादातर 40 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों, खासतौर पर महिलाओं में काफी आम होती है। फ्रोजन शोल्डर की समस्या होने पर कंधे की हड्डी को हिलाने में दिक्कत महसूस होती है। बता दें, हर ज्वॉइंट्स के बाहर एक कैप्सूल होती है, जब यह कैप्सूल स्टिफ और सख्त होने लगती है तो कंधे में दर्द और अकड़न होनी शुरू हो जाती है, जिसकी वजह से कंधे जाम हो जाते हैं। जिन लोगों का कंधा काफी लंबे समय तक रेस्ट की पोजीशन में रहता है उनमें फ्रोजन शोल्डर का खतरा काफी ज्यादा होता है।

फ्रोजन शोल्डर के लक्षण-

-कंधों के आसपास सूजन

-कंधों में दर्द और जलन

-कंधे को हिलाना-डुलाने में दिक्कत

फ्रोजन शोल्डर की तीन स्टेज-

फ्रीज पीरियड- इस स्टेज पर कंधा फ्रीज या जाम होने लगता है। कंधे को घुमाना या मूव करना मुश्किल हो जाता है। जिसकी वजह से कंधे में तेज दर्द होने लगता है, जो अकसर रात में बढ जाता है।

फ्रोजन पीरियड- इस स्टेज पर कंधे की स्टिफनेस बढ़ जाती है। जिससे कंधे में दर्द बढञने से उसकी गतिविधि कम हो जाती हैं। हालांकि यह दर्द असहनीय नहीं होता।

सुधार- इस स्टेज पर महसूस होता है कि दर्द में सुधार आ रहा है। मूवमेंट भी थोडा सुधर जाता है, लेकिन कभी-कभी तेज दर्द हो सकता है।

फ्रोजन शोल्डर होने पर फॉलो करें ये टिप्स-

मालिश-

फ्रोजन शोल्डर होने पर कंधों की मसाज अवश्य करें। मसाज करने से प्रभावित स्थान का ब्लड सर्कुलेशन बढ़ेगा और दर्द से राहत मिलेगी। मालिश करने के लिए हल्का गुनगुना सरसों का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं।

कंधे के बल सोएं-

फ्रोजन शोल्डर होने पर राहत पाने के लिए कंधे के बल सोएं और प्रभावित कंधे की बगल के नीचे एक तकिया रखें। ऐसा करने से दर्द में आराम मिलेगा।

एक्सपर्ट जांच-

कई बार फ्रोजन शोल्डर और अन्य दर्द के लक्षण समान लगने लगते हैं। ऐसे में समस्या से निजात पाने के लिए समय पर एक्सपर्ट से जांच करवाना आवश्यक है। ताकि समस्या के सही कारण का पता चल सके।

वर्कआउट-

फ्रोजन शोल्डर की समस्या से राहत पाने के लिए रूटिन में वर्कआउट शामिल करना बेहद जरूरी है। वर्कआउट में स्ट्रेचिंग, व्यायाम शामिल करने से कंधे की गतिशीलता को बढ़ाने में मदद मिलेगी। जिससे दर्द में बी आराम मिलेगा।

फ्रोजन शोल्डर होने पर ना करें ये गलतियां-

धूम्रपान और अल्कोहल के सेवन से बचें

फ्रोजन शोल्डर के दौरान दर्द को कम करने के लिए डॉक्टर रोगी को दवा देते हैं। ऐसे में अगर आप धूम्रपान और अल्कोहल का सेवन करते हैं, तो दवाओं का असर कम हो सकता है।

फ्रीजिंग पीरियड में ना करवाएं फिजियोथेरेपी-

तीन से नौ महीने तक के समय को फ्रीजिंग पीरियड माना जाता है। इस दौरान फिजियोथेरेपी नहीं कराई जानी चाहिए। दर्द बढने पर डॉक्टर की सलाह से पेनकिलर्स ले सकते हैं।

डाइट-

फ्रोजन शोल्डर को दौरान ऐसे भोजन से दूरी बनाए रखें, जो सूजन को बढ़ाते हैं। डाइट में हरी सब्जियों के साथ नट्स को शामिल करें।