Independence Day 2026: देशभक्ति से भरें 5 गानों के बोल, स्कूल-ऑफिस में गाने पर छू लेंगे दिल

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15 अगस्त के मौके पर स्कूल कॉलेज या ऑफिस में देशभक्ति से भरा हुआ गाना गाने का प्लान है, तो यहां पढ़ें उनके बोल। इन गानों की एक-एक लाइन लोगों के दिलों को छू जाएगी। देशप्रेम से भरे ये गाने स्वंत्रता दिवस पर गाने के लिए बेस्ट रहेंगे।

Deshbhakti Hindi Songs Lyrics
देशभक्ति से भरें गानों के बोल

15 अगस्त का दिन हर भारतवासी के लिए गौरव और देशभक्ति से भरा हुआ होता है। इस दिन लोग कोई मौका नहीं छोड़ते अपना देशप्रेम दिखाने का। इसी का एक जरिया हैं देशभक्ति से भरे हुए गाने, जिनकी एक-एक लाइन सुनने वाले के दिल को छू जाती हैं। बॉलीवुड ने हमें कई ऐसे गाने दिए हैं, जिन्हें सुनकर हर भारतवासी का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है और आंखे भर आती है। इस दिन स्कूल कॉलेज और दफ्तरों में खास आयोजन होता है, जिसमें हर कोई अपनी विशेष प्रस्तुति देता है। ऐसे में आप एक देशभक्ति से भरा हुआ गाना भी गा सकते हैं। स्कूली बच्चों के लिए तो ये गाने बेस्ट रहने वाले हैं। यहां पढ़िए उनके दिल छू जाने वाले बोल।

15 अगस्त पर गाने के लिए देशभक्ति से भरे गानों के बोल

गीत 1- ऐ मेरे वतन के लोगों

ऐ मेरे वतन के लोगों

तुम ख़ूब लगा लो नारा

ये शुभ दिन है हम सब का

लहरा लो तिरंगा प्यारा

पर मत भूलो सीमा पर

वीरों ने है प्राण गंवाए

कुछ याद उन्हें भी कर लो

जो लौट के घर न आये

ऐ मेरे वतन के लोगों

ज़रा आंख में भर लो पानी

जो शहीद हुए हैं उनकी

ज़रा याद करो क़ुर्बानी

जब घायल हुआ हिमालय

ख़तरे में पड़ी आज़ादी

जब तक थी सांस लड़े वो

फिर अपनी लाश बिछा दी

संगीन पे धर कर माथा

सो गये अमर बलिदानी

जो शहीद हुए हैं उनकी

ज़रा याद करो क़ुर्बानी

जब देश में थी दीवाली

वो खेल रहे थे होली

जब हम बैठे थे घरों में

वो झेल रहे थे गोली

थे धन्य जवान वो आपने

थी धन्य वो उनकी जवानी

जो शहीद हुए हैं उनकी

ज़रा याद करो क़ुर्बानी

कोई सिख कोई जाट मराठा

कोई गुरखा कोई मदरासी

सरहद पर मरनेवाला

हर वीर था भारतवासी

जो खून गिरा पवर्अत पर

वो खून था हिंदुस्तानी

जो शहीद हुए हैं उनकी

ज़रा याद करो क़ुर्बानी

थी खून से लथ पथ काया

फिर बंदूक उठाके

दस दस को एक ने मारा

फिर गिर गये होश गंवा के

जब अन्त -समय आया तो

कह गये के अब मरते हैं

खुश रहना देश के प्यारों

अब हम तो सफ़र करते हैं

क्या लोग थे वो दीवाने

क्या लोग थे वो अभिमानी

जो शहीद हुए हैं उनकी

ज़रा याद करो क़ुर्बानी

तुम भूल न जाओ उनको

इस लिये कही ये कहानी

जो शहीद हुए हैं उनकी

ज़रा याद करो क़ुर्बानी

जय हिंद...

गीत 2- कर चले हम फिदा...

कर चले हम फ़िदा जानो-तन साथियो

अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो

साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई

फिर भी बढ़ते क़दम को न रुकने दिया

कट गए सर हमारे तो कुछ ग़म नहीं

सर हिमालय का हमने न झुकने दिया

मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो

अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो

ज़िंदा रहने के मौसम बहुत हैं मगर

जान देने की रुत रोज़ आती नहीं

हुस्न और इश्क़ दोनों को रुस्वा करे

वो जवानी जो ख़ूँ में नहाती नहीं

आज धरती बनी है दुलहन साथियो

अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो

राह क़ुर्बानियों की न वीरान हो

तुम सजाते ही रहना नए क़ाफ़िले

फ़तह का जश्न इस जश्न के बाद है

ज़िंदगी मौत से मिल रही है गले

बाँध लो अपने सर से कफ़न साथियो

अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो

खींच दो अपने ख़ूँ से ज़मीं पर लकीर

इस तरफ़ आने पाए न रावन कोई

तोड़ दो हाथ अगर हाथ उठने लगे

छू न पाए सीता का दामन कोई

राम भी तुम, तुम्हीं लक्ष्मण साथियो

अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो।

गीत 3- ऐ वतन मेरे वतन...

ऐ वतन..

मेरे वतन..

ऐ वतन.. आबाद रहे तू

आबाद रहे तू..

आबाद रहे तू

ऐ वतन, वतन मेरे, आबाद रहे तू

ऐ वतन, वतन मेरे, आबाद रहे तू

ऐ वतन, वतन मेरे, आबाद रहे तू

मैं जहाँ रहूँ जहाँ में याद रहे तू

मैं जहाँ रहूँ जहाँ में याद रहे तू

ऐ वतन.. मेरे वतन

ऐ वतन.. मेरे वतन

तू ही मेरी मंजिल, पहचान तुझी से

तू ही मेरी मंजिल, पहचान तुझी से

पहुंचू मैं जहां भी

मेरी बुनियाद रहे तू

पहुंचू मैं जहां भी

मेरी बुनियाद रहे तू

ऐ वतन, वतन मेरे, आबाद रहे तू

मैं जहाँ रहूँ जहाँ में याद रहे तू

ऐ वतन.. मेरे वतन..

ऐ वतन.. मेरे वतन

तुझपे कोई ग़म की आंच आने नहीं दूं

तुझपे कोई ग़म की आंच आने नहीं दूं

कुर्बान मेरी जान तुझपे शाद रहे तू

कुर्बान मेरी जान तुझपे शाद रहे तू

ऐ वतन, वतन मेरे, आबाद रहे तू

मैं जहाँ रहूँ जहाँ में याद रहे तू

ऐ वतन.. ऐ वतन..

मेरे वतन.. मेरे वतन..

आबाद रहे तू..

गीत 4- सारे जहां से अच्छा...

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा।

हम बुलबुलें हैं इसकी वह गुलिस्तां हमारा ॥

ग़ुर्बत में हों अगर हम रहता है दिल वतन में।

समझो वहीं हमें भी दिल हो जहाँ हमारा ॥

परबत वो सबसे ऊँचा, हमसाया आसमां का।

वो संतरी हमारा वो पासवां हमारा ॥

गोदी में खेलती हैं, जिसकी हज़ारों नदियां।

गुलशन है जिसके दम से रश्के जिनां हमारा॥

ऐ आबे रोदे गंगा वह दिन है याद तुझको।

उतरा तेरे किनारे जब कारवां हमारा ॥

मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना।

हिन्दी हैं हम वतन है हिन्दोस्तां हमारा ॥

यूनान, मिस्र, रोमा सब मिट गए जहां से।

अब तक मगर है बाकी नामों निशां हमारा ॥

कुछ बात है कि हस्ती मिटती मिटाये।

सदियों रहा है दुश्मन दौरे जमां हमारा ॥

'इक़बाल' कोई महरम अपना नहीं जहां में।

मालूम क्या किसी को दर्दे निहां हमारा ॥

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा।

हम बुलबुलें हैं इसकी यह गुलिसतां हमारा॥

गीत 5- देश मेरा रंगीला

यहाँ हर कदम कदम पे धरती बदले रंग

यहाँ की बोली मे रंगोली सात रंग

यहाँ हर कदम कदम पे धरती बदले रंग

यहाँ की बोली मे रंगोली सात रंग

धानी पगड़ी पहने मौसम है

नीली चादर ताने अम्बर है

नदी सुनहरी हरा समुन्दर है रे सजीला

देश रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

देश रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

देश रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

देश रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला..

वंदेमातरम.. वंदेमातरम..

वंदेमातरम.. वंदेमातरम..

सिन्दूरी गालो वाला सूरज जो करे ठिठोली

शर्मीले खेतो को ढंक ले चुनर पीली पीली

घूंघट मे रंग पनघट मे रंग चम् चम् चमकीला

देश रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

देश रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला..

हो.. हो..

हो.. हो..

अबीर गुलाल से चेहरे है यहां मस्तानो की टोली

रंग हसी मे रंग ख़ुशी मे रिश्ते जैसे होली

बातो मे रंग यादो मे रंग रंग रंग रंगीला

देश रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला..

इश्क का रंग यहां पर गहरा चढ़ के कभी न उतरे

सच्चे प्यार का ठहरा सा रंग छलके पर न बिखरे

रंग अदा मे रंग हया मे है रसीला

देश रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

देश रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

देश रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

देश रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला..

यहाँ हर कदम कदम पे धरती बदले रंग

यहाँ की बोली मे रंगोली सात रंग

धानी पगड़ी पहने मौसम हैं

नीली चादर ताने अम्बर हैं

नदी सुनहरी हरा समुन्दर है रे सजीला

देश रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला..

हो.. रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

देश रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

देश रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

देश रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

देश रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला..

Anmol Chauhan

लेखक के बारे में

Anmol Chauhan

अनमोल चौहान लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में टकंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वह लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए हेल्थ, रिलेशनशिप, फैशन, ट्रैवल और कुकिंग टिप्स से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए रीडर-सेंट्रिक और सरल भाषा में उपयोगी जानकारी प्रस्तुत करना उनके लेखन की खास पहचान है।

करियर की शुरुआत
अनमोल ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत 2024 में लाइव हिन्दुस्तान से की। बतौर फ्रेशर, वह डिजिटल मीडिया के कंटेंट फॉर्मेट, रीडर बिहेवियर और सर्च ट्रेंड्स को समझते हुए लाइफस्टाइल और फूड से जुड़े प्रैक्टिकल विषयों पर काम कर रही हैं, जिनमें डेली कुकिंग टिप्स, आसान रेसिपी आइडियाज़ और किचन हैक्स शामिल हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
अनमोल चौहान ने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास और राजनीति विज्ञान में स्नातक (BA) की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया। इस अकादमिक पृष्ठभूमि ने उन्हें सामाजिक समझ, फैक्ट-बेस्ड रिपोर्टिंग और जिम्मेदार पत्रकारिता की मजबूत नींव दी।

लेखन शैली और दृष्टिकोण
अनमोल का मानना है कि लाइफस्टाइल जर्नलिज्म का उद्देश्य सिर्फ ट्रेंड बताना नहीं, बल्कि रोजमर्रा में काम आने वाली, भरोसेमंद और आसानी से अपनाई जा सकने वाली जानकारी देना होना चाहिए। उनकी स्टोरीज में हेल्थ, फूड और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया जाता है।

विशेषज्ञता के क्षेत्र
लाइफस्टाइल और डेली लाइफ हैक्स
हेल्थ, फिटनेस और वेलनेस
रिलेशनशिप और इमोशनल वेल-बीइंग
कुकिंग टिप्स, किचन हैक्स और आसान रेसिपी आइडियाज
फैशन और एथनिक स्टाइलिंग
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