सामने वाले को कैसे बताएं कि उनसे स्मेल आ रही है? ऐसे दें हिंट

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

किसी को यह बताना कि उनके शरीर से बदबू आ रही है, आसान नहीं होता। बात गलत तरीके से कही जाए तो सामने वाला शर्मिंदा हो सकता है। ऐसे में सही तरीका जानना जरूरी है।

How to tell someone they smell
किसी को बताना है कि वो स्मेल कर रहे हैं? बिना हर्ट किए ऐसे बताएं

किसी के शरीर से बदबू आ रही हो और उसे खुद इस बात का पता ना हो, तो बताना काफी मुश्किल हो जाता है। आपको डर रहता है कि कहीं सामने वाला शर्मिंदा ना हो जाए या बुरा ना मान जाए। लेकिन कई बार किसी करीबी को यह बात बताना जरूरी भी होता है। ऐसे में सीधे यह कह देना कि 'तुमसे बदबू आ रही है' सही तरीका नहीं है। इससे सामने वाला असहज हो सकता है। चलिए जानते हैं कि ऐसी स्थिति में किस तरह अपनी बात सामने वाले को कहें और वह शर्मिंदगी भी ना महसूस करे।

मौसम की बात से बातचीत शुरू कर सकते हैं...

अगर आप सीधे बात नहीं कह पा रहे हैं, तो बातचीत को गर्मी या पसीने की तरफ ले जा सकते हैं। जैसे आप कह सकते हैं, 'आजकल कितनी गर्मी है, थोड़ी देर बाहर निकलो तो कितना पसीना आ जाता है। तुम कौन सा डियोड्रेंट इस्तेमाल करते हो?' इसके बाद आप अपने इस्तेमाल किए किसी डियोड्रेंट का जिक्र कर सकते हैं और कह सकते हैं कि आपको वह अच्छा लगता है। इससे सामने वाले को इशारा मिल सकता है, बिना उसे सीधे शर्मिंदा किए।

अपनी बात को एक्सपीरियंस से जोड़ें

सामने वाले पर बात डालने के बजाय अपनी बात अपने अनुभव से शुरू करना भी अच्छा तरीका है। आप कह सकते हैं, 'मुझे भी गर्मियों में पसीने की वजह से परेशानी होती है, इसलिए मैंने हाल में एक नया डियोड्रेंट इस्तेमाल करना शुरू किया है।' इस तरह बातचीत उपदेश जैसी नहीं लगेगी। सामने वाला भी इसे सामान्य बातचीत की तरह ले सकता है।

अकेले में ही बात करें

अगर आपको सीधे बताना ही पड़े, तो यह बात कभी भी दूसरे लोगों के सामने ना कहें। सबके सामने किसी के शरीर की बदबू का जिक्र करना उसे बहुत ज्यादा शर्मिंदा कर सकता है। उसे अलग से और आराम से बताएं। आवाज भी सामान्य रखें और ऐसा ना लगे कि आप उससे शिकायत कर रहे हैं। आप कह सकते हैं, 'एक बात बताऊं? बुरा मत मानना, मुझे लगा कि शायद तुम्हें पता नहीं है। कभी-कभी पसीने की थोड़ी गंध आ रही है। मैंने सोचा तुम्हें बता दूं।'

शब्दों का चुनाव बहुत जरूरी है

'तुमसे बहुत बदबू आती है' या 'तुम्हें सफाई का ध्यान रखना चाहिए' जैसी बातें बिल्कुल ना कहें। इससे सामने वाले को लग सकता है कि आप उसकी साफ-सफाई पर सवाल उठा रहे हैं। इसके बजाय 'शायद', 'कभी-कभी' और 'मुझे लगा तुम्हें पता नहीं होगा' जैसे शब्द इस्तेमाल करें। इससे बात थोड़ी नरम हो जाती है।

मजाक उड़ाने से बचें

किसी की शरीर की गंध को लेकर मजाक बनाना आसान लग सकता है, लेकिन सामने वाले के लिए यह काफी बुरा अनुभव हो सकता है। खासकर अगर वह पहले से इस बात को लेकर परेशान हो। आपका मकसद उसे नीचा दिखाना नहीं, बल्कि उसकी मदद करना होना चाहिए।

अगर डियोड्रेंट काम नहीं कर रहा हो तो?

कई बार व्यक्ति डियोड्रेंट इस्तेमाल करता है, फिर भी पसीने की गंध बनी रहती है। इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि वह साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखता। हर व्यक्ति के शरीर की गंध अलग हो सकती है और हर डियोड्रेंट हर व्यक्ति पर एक जैसा काम नहीं करता।

Shubhangi Gupta

लेखक के बारे में

Shubhangi Gupta

परिचय एवं अनुभव

शुभांगी गुप्ता एक अनुभवी जर्नलिस्ट हैं जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वह पिछले 4+ वर्षों से देश के प्रतिष्ठित डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म लाइव हिंदुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) से जुड़ी हुई हैं। यहां वह बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं। इससे पहले शुभांगी लगभग एक साल अमर उजाला डिजिटल में भी काम कर चुकी हैं।


करियर का सफर

लाइव हिंदुस्तान में शुभांगी लाइफस्टाइल टीम का हिस्सा हैं, जहां वह हेल्थ, फिटनेस, फैशन, ब्यूटी, फूड और रिश्तों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लगातार पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार कर रही हैं।


विशेषज्ञता

शुभांगी की लेखन शैली की खास बात यह है कि वह जटिल विषयों को भी बेहद सरल और समझने योग्य भाषा में प्रस्तुत करती हैं। उनका मानना है कि अच्छी पत्रकारिता केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पाठकों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहतर और आसान बनाने में भी सहायक होनी चाहिए। इसी सोच के साथ वह एक्सपर्ट्स की राय, रिसर्च और अपने व्यक्तिगत अनुभवों को जोड़कर ऐसे ‘हैंडी टिप्स’ साझा करती हैं जिनसे पाठक खुद को सीधे जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।


पुरस्कार

लाइव हिंदुस्तान में काम करते हुए शुभांगी को ज्यादा रीडर एंगेजमेंट के लिए मंथली अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है, जो उनके कंटेंट की लोकप्रियता और प्रभाव को दर्शाता है। डिजिटल ट्रेंड्स और ऑडियंस की पसंद को समझना उनकी बड़ी ताकत है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

शुभांगी ने जर्नलिज्म के साथ-साथ एल.एल.बी की पढ़ाई भी की है, जिससे उनके कंटेंट में तथ्यात्मक मजबूती और संतुलित दृष्टिकोण देखने को मिलता है। वह पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज से जुड़ने और लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम मानती हैं।

और पढ़ें
लाइफस्टाइल न्यूज़ , सेहत , रेसिपी , फैशन , ब्यूटी और फिटनेस से जुड़ी ताज़ा खबरें पढ़ने के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।
Hindi Newsलाइफस्टाइल न्यूज़सामने वाले को कैसे बताएं कि उनसे स्मेल आ रही है? ऐसे दें हिंट