
अधेड़ उम्र में क्यों बढ़ रहे हैं तलाक के मामले? एक्सपर्ट से जानें क्या है मेनोपॉज और शादी के बीच कनेक्शन
World Menopause Day 2025 : मिडलाइफ तलाक को ग्रे डिवोर्स भी कहा जाता है। जिसमें मेनोपॉज एक बड़ा लेकिन अक्सर अनदेखा कारण रहा है। मेनोवेदा की फाउंडर और मेनोपॉज कोच तमन्ना सिंह से जानते हैं तलाक के बढ़ते मामलों के पीछे मेनोपॉज कैसे अनदेखा कारण हो सकता है।
दुनिया भर में हर साल 18 अक्टूबर को विश्व रजोनिवृत्ति दिवस 2025 मनाया जाता है। यह खास दिन रजोनिवृत्ति से जुड़े कलंक को तोड़ने और इस प्राकृतिक बदलाव के बारे में खुली चर्चा को प्रोत्साहित करता है। भारत जैसे देश में विवाह का मतलब सिर्फ दो लोगों का ही नहीं बल्कि दो परिवारों का भी मिलन माना जाता है। यही वजह है कि कुछ साल पहले तक लोग अपनी शादी को बचाए रखने के लिए हर संभव कोशिश में लगे रहते थे। लेकिन आज भारत में तलाक की दरें अब केवल युवाओं तक ही सीमित नहीं रह गई हैं। हाल के कुछ वर्षों में मिडलाइफ, खासकर 40 से 55 साल की उम्र की महिलाओं के बीच भी तलाक के मामले बढ़ते देखे गए हैं। मिडलाइफ तलाक को ग्रे डिवोर्स भी कहा जाता है। जिसमें मेनोपॉज एक बड़ा लेकिन अक्सर अनदेखा कारण रहा है। मेनोवेदा की फाउंडर और मेनोपॉज कोच तमन्ना सिंह से जानते हैं तलाक के बढ़ते मामलों के पीछे मेनोपॉज कैसे अनदेखा कारण हो सकता है।

हार्मोन और रिश्ते
मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन तेजी से घटते हैं। इसके कारण महिलाओं को नींद की समस्या, मूड स्विंग, चिड़चिड़ापन और थकान का सामना करना पड़ता है। यौन जीवन पर भी इसका असर पड़ता है। जिसकी वजह से महिला कामेच्छा में कमी, योनि का सूखापन और दर्द जैसे लक्षण महसूस करने लगती है। यह सब कारण मिलकर रिश्तों में तनाव और दूरी पैदा कर सकते हैं। जो तलाक के मामले बढ़ाता है।
सामाजिक और मानसिक दबाव
इस उम्र में महिलाएं अक्सर कई जिम्मेदारियां जैसे बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल और करियर का दबाव संभाल रही होती हैं। जब साथी से संवाद कम हो जाता है तो शादी में दरार और गहरी हो सकती है।
बदलती सोच और स्वतंत्रता
आज की महिलाएं पहले से ज्यादा आत्मनिर्भर और जागरूक हैं। वे अपनी खुशी और मानसिक शांति के लिए कठिन फैसले लेने से नहीं हिचकिचातीं हैं। अगर उन्हें लगता है कि शादी में सम्मान और सहयोग नहीं है, तो वे अलग होने का विकल्प चुन लेती हैं।
उपाय
-पार्टनर से खुलकर इस विषय पर बातचीत करें।
-कपल थेरेपी या काउंसलिंग का सहारा लें।
-साथी को मेनोपॉज के लक्षणों के बारे में शिक्षित करें।
सलाह
मेनोपॉज कोई अंत नहीं बल्कि जीवन का नया अध्याय है। अगर संवाद, समझ और सहयोग बना रहे तो यह समय भी रिश्तों को और मजबूत बना सकता है।

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Manju Mamgainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


