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World Diabetes Day 2025 : ये 5 लक्षण देखकर समझ जाएं प्री-डायबिटीज हो चुके हैं आप, जानें कारण और बचाव

World Diabetes Day 2025 : ये 5 लक्षण देखकर समझ जाएं प्री-डायबिटीज हो चुके हैं आप, जानें कारण और बचाव

संक्षेप: Signs That Indicate You Are Pre-Diabetic : आखिर क्या होती है प्री-डायबिटीज, इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय। साथ ही यह भी जानेंगे कि क्या इस समस्या को पूरी तरह रिवर्स किया जा सकता है।

Fri, 14 Nov 2025 04:52 PMManju Mamgain लाइव हिन्दुस्तान
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आज दुनियाभर के लोग वर्ल्ड डायबिटीज डे 2025 मना रहे हैं। बता दें, विश्व डायबिटीज दिवस 2025 हर साल 14 नवंबर को मनाया जाता है। इस खास दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों के बीच डायबिटीज रोग को लेकर जागरूकता फैलाने और रोग से जुड़े खतरों और रोकथाम के तरीके बताना है। बता दें, डायबिटीज ऐसी कंडीशन है जिसमें बॉडी इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाती और ब्लड शुगर बढ़ने लगता है। लेकिन आज बात डायबिटीज की नहीं बल्कि इससे पहले की स्टेज प्री-डायबिटीज की होने वाली है। जिसे कंट्रोल करने पर व्यक्ति डायबिटीज रोग से बचाव कर सकता है। आइए जानते हैं आखिर क्या होती है प्री-डायबिटीज, इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय। साथ ही यह भी जानेंगे कि क्या इस समस्या को पूरी तरह रिवर्स किया जा सकता है।

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क्या होती है प्री-डायबिटीज की समस्या?

फोर्टिस हॉस्पिटल की एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. अनु मैथ्यू बताती हैं कि प्री-डायबिटीज का मतलब डायबिटीज होने से पहले की स्थिति से है। हालांकि ज्यादातर लोग अक्सर इस समस्या पर ध्यान नहीं देते। जिसकी वजह से भविष्य में यह शुगर और दिल की बीमारियों के खतरे को बहुत बढ़ा देती है। डॉ. अनु मैथ्यू कहती हैं कि लगभग 90 से 95 प्रतिशत प्री-डायबिटीज वाले लोगों को पता ही नहीं होता कि उन्हें यह समस्या है, क्योंकि इसमें कोई खास लक्षण नजर नहीं आते हैं। लेकिन अगर सही समय पर जांच करके परेशानी का पता चल जाए, तो शरीर में शुगर को बढ़ने से रोका जा सकता है।

आसान शब्दों में समझें तो प्री-डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है, जिसमें रोगी का ब्लड शुगर लेवल सामान्य से ज्यादा होता है, लेकिन डायबिटीज लेवल से कम ही बना रहता है। इस तरह की स्थिति को टाइप-2 डायबिटीज का शुरुआती फेज कहा जा सकता है। इस स्थिति में पैंक्रियाज इंसुलिन तो बनाता है, लेकिन शरीर की कोशिकाएं इस इंसुलिन के प्रति ठीक से प्रतिक्रिया नहीं करती हैं। इसे इंसुलिन रेजिस्टेंस कहते हैं। इसके कारण ग्लूकोज कोशिकाओं में प्रवेश करने के बजाय खून में जमा होता रहता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। हालांकि प्री-डायबिटीज के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं नजर आते हैं, जिसकी वजह से कई बार इसका पता चलने में देरी हो जाती है। लेकिन आप शरीर के कुछ हल्के संकेत देखकर इसका पता लगा सकते हैं। लोगों के मन में अकसर यह सवाल आता है कि क्या प्री-डायबिटीज को पूरी तरह रिवर्स किया जा सकता है। अगर आप भी इस सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो आपको बता दें, जी हां लाइफस्टाइल में बदलाव और खानपान को सही करके आप प्री-डायबिटीज को पूरी तरह रिवर्स कर सकते हैं।

प्री-डायबिटीज के लक्षण

प्री-डायबिटीज की शुरुआती स्टेज में कोई खास लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। लेकिन जैसे-जैसे यह कंडीशन बढ़ती जाती है, कुछ लक्षण नजर आने लगते हैं जैसे-

बार-बार प्यास लगना- अगर आपको बार-बार प्यास लगती है और आप बहुत पानी पी रहे हैं तो यह प्री-डायबिटीज का संकेत हो सकता है।

बार-बार पेशाब आना- अगर आपको रात के समय बार-बार पेशाब आती है तो यह भी प्री-डायबिटीज की ओर इशारा करता है।

थकान महसूस होना- अगर आपको लगातार थकान महसूस होती रहती है और आपके काम करने की क्षमता कम हो गई है तो यह भी प्री-डायबिटीज का लक्षण हो सकता है।

वजन बढ़ना- तेजी से वजन बढ़ना, खासकर पेट के आसपास की चर्बी का बढ़ना, प्री-डायबिटीज की ओर इशारा हो सकता है।

धुंधला दिखना- अगर ठीक से दिखाई नहीं दे रहा या चीजें धुंधली दिख रही हैं तो यह प्री-डायबिटीज का संकेत हो सकता है।

त्वचा पर खुजली- अगर आपको त्वचा पर खुजली हो रही है तो यह भी प्री-डायबिटीज का संकेत हो सकता है।

प्री-डायबिटीज के कारण

-ज्यादा वजन होने से शरीर इंसुलिन का असरदार तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता है।

-फिजिकल एक्टिविटी की कमी होने पर शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ सकता है।

-अगर आपके परिवार में किसी को डायबिटीज है तो आपको भी होने का खतरा ज्यादा बना होता है।

-बढ़ती उम्र के साथ प्री-डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।

प्री-डायबिटीज की समस्या को कैसे करें रिवर्स

-डाइट में पौष्टिक आहार शामिल करके आप प्री-डायबिटीज की समस्या को रिवर्स कर सकते हैं। इसके लिए कम फैट और प्रोटीन से भरपूर डाइट लें।

-हर हफ्ते 150 मिनट से ज्यादा व्यायाम करना।

-रोजाना लगभग 7 घंटे की अच्छी नींद लेना।

-6 महीने के भीतर अपने बढ़े हुए वजन का 5-7 प्रतिशत कम करना।

-स्मोक करने से डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। इससे परहेज करें।

-तनाव भी ब्लड शुगर के स्तर को प्रभावित करता है। तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान या अन्य तकनीकों की मदद लें।

-शुगर और सेचुरेटेड फैट वाले फूड खाने से परहेज करें।

Manju Mamgain

लेखक के बारे में

Manju Mamgain
मंजू ममगाईं लाइव हिन्दुस्तान में लाइफस्टाइल सेक्शन में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। मंजू ने अपना पीजी डिप्लोमा भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली और ग्रेजुएशन दिल्ली विश्वविद्यालय से किया हुआ है। इन्हें पत्रकारिता जगत में टीवी, प्रिंट और डिजिटल का कुल मिलाकर 16 साल का अनुभव है। एचटी डिजिटल से पहले मंजू आज तक, अमर उजाला, सहारा समय में भी काम कर चुकी हैं। आज तक में लाइफस्टाइल और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन लीड करने के बाद अब मंजू एचटी डिजिटल में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए काम कर रही हैं। और पढ़ें

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