
World Diabetes Day: रोज के खाने में ये 5 हेल्दी बदलाव डायबिटीज से रखेंगे दूर
संक्षेप: World Diabetes Day 2025: इंडिया दिन पर दिन डायबिटीज कैपिटल बनता जा रहा है। 20 से 35 साल की उम्र वाले एडल्ट तेजी से डायबिटीज का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में डॉक्टर का कहना है कि रोजमर्रा के खानपान में इन चीजों का बदलाव डायबिटीज को दूर रख सकता है।
14 नवंबर को हर साल वर्ल्ड डायबिटीज डे के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य लोगों के बीच बढ़ रहे डायबिटीज की बीमारी के प्रति जागरुक करना है। ये जागरुकता हेल्दी लाइफस्टाइल को लेकर भी है क्योंकि गलत लाइफस्टाइल और खाने-पीने की आदतों की वजह से डायबिटीज का खतरा रहता है। इंडिया को डायबिटीज कैपिटल कहा जाने लगा है। इसका कारण है कम उम्र के लोगों के बीच डायबिटीज होना। जिसे कम करने के लिए जानें रोजाना के खाने में कौन से बदलाव करने चाहिए।

रेगुलर इंडियन मील में रोटी और चावल जरूर होती है, जो कि ब्लड शुगर बढ़ाता है। एचटी लाइफस्टाइल को डॉक्टर अभिनव कुमार गुप्ता, सीनियर कंसल्टेंट एंडोक्रियोनोलॉजी एंड डायबिटीज ने बताया कि इन दिनों 20 से 35 साल के लोगों के बीच डायबिटीज देखने को मिल रहा है। इसका कारण लाइफस्टाइल और जैनेटिक फैक्टर है। वहीं ओबेसिटी भी मेजर रिस्क फैक्टर है। यंग लोग जो अपने करियर और प्रोफेशन में बिजी हैं, वो अक्सर एक्सरसाइज नहीं करते हैं और डाइट भी काफी अनहेल्दी रखते हैं। जिसकी वजह से अर्ली डायबिटीज का रिस्क रहता है। डॉक्टर का कहना है कि कई बार डायबिटीज साइलेंट होता है जो कि काफी खतरनाक है। दरअसल, काफी सारे यंग लोगों को पता ही नहीं होता कि उन्हें डायबिटीज है, जब तक कि वो चेकअप नहीं करवाते। कुछ लोगों के बॉडी पर बढ़े हुए शुगर की वजह से कुछ लक्षण जैसे गर्दन की रंगत काली होना, थकावट महसूस करना या चोट का घाव ना भरना जैसे लक्षण दिखते है। जिसे ज्यादातर लोग इग्नोर भी कर देते हैं। डॉक्टर गुप्ता ने बताया है कि अगर डायबिटीज को कंट्रोल ना किया जाए तो इसकी वजह से आई डैमेज होने, नर्वस सिस्टम में दिक्कत वजह से पैर में झनझनाहट महसूस होने और किडनी की प्रॉब्लम का खतरा रहता है। रोजाना के खाने में कार्बोहाइड्रेट और ज्यादा फैट की मात्रा को कम करना जरूरी है।
रोज के खाने में ये छोटे बदलाव करके डायबिटीज से बचा जा सकता है
व्हाइट राइस को ब्राउन राइस से रिप्लेस करें
रोजाना के खाने में कार्ब की मात्रा कम करनी है तो व्हाइट राइस की बजाय ब्राउन राइस को खाएं। सफेद चावल में फाइबर की मात्रा कम होती है जिसकी वजह से ये ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ाता है। वहीं ब्राउन राइस, रेड राइस या फिर फॉक्सटेल मिलेट भूख को स्थिर रखते हैं और शुगर को धीरे-धीरे बॉडी में रिलीज करते हैं।
फ्राईड फूड की बजाय खाएं स्टीम्ड फूड
फ्राईड फूड की बजाय खाएं स्टीम या रोस्टेड स्नैक्स को खाएं। भुना चना, मुरमुरा, भेल जैसे फूड्स को खा सकते हैं। बेसन के बने ढोकले भी हेल्दी फूड्स में गिने जाते हैं। खाने की ये रिप्लेसमेंट डाइजेशन में मदद करता है और डिनर के बाद आने वाली नींद को कम करता है।
गेहूं के आटे की रोटी को मिलेट या मिक्स ग्रेन रोटी से करें रिप्लेस
अगर आप प्लेन गेंहू के आटे की रोटी को खाते हैं और डायिबिटीज से बचना है तो मिक्स या साबुत अनाज की रोटी को खाएं।
क्रीम सॉस की बजाय नट्स या सीड्स के सॉस खाएं
ग्रेवी के लिए हैवी क्रीम, सॉस या बटर का इस्तेमाल करने की बजाय काजू, तिल या पंपकिन सीड्स की ग्रेवी बनाएं।
नेचुरल स्वीट खाएं
आर्टीफिशियल स्वीटनर की बजाय नेचुरल स्वीट का यूज करें। केला, खजूर,सेब को घिसकर मीठे में यूज करें। जो आपको मिनरल्स दे और कैलोरी की मात्रा बहुत कम हो।

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