
40 के बाद महिलाएं बरतें सेहत से जुड़ी ये सावधानियां, जवां दिखने के लिए इन चीजों से करें परहेज
दुनिया में हमारी जिंदगी से ज्यादा जुड़ी क्या खबरें हैं? कौन-सी खबर हमारे लिए ज्यादा उपयोगी है? किस शख्सियत की कामयाबी ने हमें गर्व से भर दिया है? ऐसी तीन खास खबरें यहां साझा कर रही हैं जयंती रंगनाथन
चालीस साल एक तरह से एक चेतावनी है कि हम उम्र का आधा दौर तय कर चुके हैं। यह वो समय है, जब शरीर को खास देखभाल की जरूरत पड़ती है, खासकर महिलाओं को। अमेरिका में हुए एक हालिया अध्ययन में फिजिकल थेरेपिस्ट डॉ. वेंडी चार्नी ने बताया कि अगर इस उम्र में महिलाएं अपना खास ख्याल रखेंगी, तो उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत दुरुस्त रहेगी और बुढ़ापा आराम से कटेगा। दरअसल, चालीस की उम्र तक आते-आते शरीर का मेटाबॉलिज्म कमजोर होने लगता है। जरूरी है कि चालीस साल के बाद आप नियमित तौर पर व्यायाम करने के साथ वजन उठाएं। इससे आपकी मांसपेशियां शिथिल नहीं होंगी, मेटाबॉलिज्म ठीक रहेगा और शरीर ताकतवर बनेगा। यही नहीं, अब खानपान को लेकर भी बचपना छोड़ना होगा। जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनानी होगी और लंबे समय तक खाली पेट रहने से बचना होगा। शरीर को पौष्टिक आहार की जरूरत है। आपको हरी सब्जियां, फली और प्रोटीन को अपने आहार में शामिल करना होगा। यही नहीं, रोज कम से कम सात हजार कदम चलने होंगे ताकि शरीर की चाल सही रहे। दिल, किडनी और रक्तचाप का खास ख्याल रखना होगा। जरूरी है कि नियमित आठ घंटे की नींद ली जाए और चिंता से दूर रहा जाए। ये कुछ नियम हैं, जो आपकी जिंदगी को सुकून दे सकते हैं। महिलाएं अगर चालीस साल की उम्र में अपनी जीवनशैली सुधार लेती हैं, तो आने वाले समय में कई बीमारियों से बच सकती हैं।

पेट स्वस्थ, तो सेहत मस्त
आपने घर के बड़े-बूढ़ों से कभी न कभी तो यह सुना ही होगा कि अगर पेट ठीक है, तो इसका मतलब है कि अंदर से सब ठीक है। यह बात अब विज्ञान भी कह रहा है। मेयो क्लीनिक में हुए हालिया शोध में यह बात सामने आई है कि महिलाओं से जुड़ी 37 प्रतिशत बीमारियों का संबंध पेट से ही होता है। पीरियड से जुड़ी समस्याएं, गर्भावस्था, प्रजनन और फिर मेनोपॉज महिलाओं की जिंदगी का हिस्सा हैं। इन सबका संबंध पेट से है। आपका खानपान यह तय करता है कि आपकी आंत की सेहत कैसी है। अगर आप अपने पेट की सेहत ठीक रखेंगी तो आपका स्वास्थ्य सही रहेगा। इसके लिए जरूरी है, ऐसा खानपान जिसकी वजह से पाचन तंत्र सही काम करे। खमीर युक्त खानपान, पानी, प्रोटीन और विटामिन-डी युक्त भोजन आपका पेट सही रखेगा।
जापान को मिली पहली महिला प्रधानमंत्री
जापान को पहली महिला प्रधानमंत्री मिल गई हैं। साने ताकाइची जापान जैसे विकसित देश की उन चुनिंदा महिलाओं में से हैं, जिन्हें राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। हालांकि साने को लेकर जापान में दो तरह की बातें हो रही हैं। युवा लड़कियों को उनके विचार उतने लुभा नहीं रहे। वे मान रही हैं कि साने एक महिला होते हुए भी महिलाओं के लिए बहुत कुछ नहीं सोचतीं, वे उतनी प्रगतिशील नहीं हैं, जितना उन्हें होना चाहिए। हालांकि, जापान का पुरुष वर्ग यह मानता है कि साने की परंपरावादी सोच उनके देश के हित में है। साने बेशक बहुत ज्यादा स्त्रीवादी या प्रगतिशील नहीं हैं, पर वो महिलाओं को आगे आने के लिए प्रेरित करती हैं। खुद बहुत अच्छा ड्रम बजाती हैं। पिछले दिनों उन्होंने जापान की युवा लड़कियों के लिए मॉर्निंग आफ्टर पिल लेने के लिए सहमति दे दी, जिसकी वजह से लड़कियां अनचाहे गर्भधारण से बच सकती हैं। वहीं, अभी भी जापानी लड़कियों की कुछ मांगें हैं, जिनके लिए साने राजी नहीं हैं। जैसे जापान में एक ही सेक्स के लोगों का विवाह वर्जित है। लड़कियों से उम्मीद की जाती है कि वे करिअर के बजाय शादी और परिवार बढ़ाने पर जोर दें, क्योंकि जापान में पिछले दो दशकों से शिशु जन्म दर में जबर्दस्त गिरावट आई है। यही नहीं, वहां राजनीति में भी महिलाओं की भागीदारी बेहद कम है। साने खुद यह चाहती हैं कि वे सिर्फ महिलाओं के लिए ही नहीं, समाज के हर वर्ग के लिए कुछ नया कर सकें और जापान को एक समृद्धशाली राष्ट्र बना सके।

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Manju Mamgainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




