चंद्रग्रहण के समय खाने में क्यों डालते हैं तुलसी, मान्यता के पीछे छिपी है साइंस
आज यानी 3 मार्च को साल का पहला चंदग्रहण है। कहा जता है कि ग्रहण के दौरान खाते नहीं है और जो खाना बना होता है उसमें तुलसी पत्तों को डालकर रखना चाहिए। लेकिन क्या आप जानते हैं ऐसा करने का कारण क्या है? नहीं, तो जानिए-

साल का पहला चंद्र ग्रहण आज यानी 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शुरू हो चुका है। जो की शाम को 6 बजकर 46 मिनट के बाद खत्म हो जाएगा। ये ग्रहण भारत में भी दिखने वाला है, इसलिए इसका सूतक काल ग्रहण के साथ ही खत्म होगा। हिंदू धर्म का पालन करने वाले लोग चंद्रग्रहण में बहुत सी चीजों को फॉलो करते हैं जिनमें से एक खाना न खाने की परंपरा है। ग्रहण के समय भारत में खाना न खाने की परंपरा काफी पुरानी है। कहा जाता है जो खाना घर में बना हुआ रखा है, उसमें भी तुलसी पत्ते डालकर रखने होते हैं। वैसे तो ये एक धार्मिक मान्यता है लेकिन इसके पीछे कुछ वैज्ञानिक कारण भी बताए जाते हैं।
क्यों नहीं खाते ग्रहण में खाना
दरअसल जिस समय से ग्रहण लगता है, तब पृथ्वी की छाया के कारण चंद्रमा की रोशनी कम हो जाती है। पुराने समय की बात करें तो तब माना जाता था कि इस दौरान वातावरण में अल्ट्रावायलेट किरणें यानी यूवी रेज कम होती हैं, जो कई बैक्टीरिया को मारने में मदद करती हैं। इस वजह से माना गया कि ग्रहण के दौरान खाने में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं, इसलिए ताजा खाना न करने की सलाह दी गई।
पाचन तंत्र पर असर
ग्रहण के दौरान खाने से परहेज करना एक पारंपरिक रिवाज है। हालांकि इसके पीछे आयुर्वेदिक मान्यताएं भी हैं। खगोलीय घटनाएं नकारात्मक एनर्जी को बढ़ाती हैं जो भोजन को खराब कर सकती हैं या पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकती हैं। ग्रहण के समय शरीर का मेटाबॉलिज्म और पाचन शक्ति थोड़ी कमजोर मानी जाती है। इसलिए भारी खाने से बचने की सलाह दी जाती थी। हालांकि, इसके पीछे को वैज्ञानिक कारण नहीं है, फिर भी लोग इसके निगेटिव प्रभावों से बचने के लिए खाना या खाना पकाने से परहेज करते हैं।
क्या है तुलसी डालने की परंपरा
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को पवित्र माना जाता है। हर घर में पूजनीय तुलसी निगेटिव एनर्जी को दूर करती है, ये सुख-समृद्धि लाती है और स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत फायदेमंद होती है। कहते हैं कि अगर भगवान विष्णु या कृष्ण का भोग लगाना है तो खाने में तुलसी पत्ते को जरूर डालें, इस पत्ते के बिना खाना अधूरा माना जाता है। भारतीय घरों में भी ग्रहण से पहले खाने में तुलसी के पत्ते डाल दिए जाते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से तुलसी के एंटी-बैक्टीरियल गुण खाने को खराब होने से बचाते हैं।
आधुनिक विज्ञान क्या कहता है
जहां धार्मिक तौर से खाने को लेकर अलग-अलग मान्यताएं है वहीं आधुनिक खगोल विज्ञान की अलग राय है। उनके अनुसार चंद्रग्रहण का खाने पर कोई सीधा वैज्ञानिक प्रभाव साबित नहीं हुआ है। यानि अगर खाना साफ-सुथरा और सही तरीके से रखा गया है, तो ग्रहण के दौरान उसे खाने से कोई नुकसान नहीं होता।
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