Hindi Newsलाइफस्टाइल न्यूज़हेल्थwhy you feel electric shock while shaking hands or touching chair scientific reason behind it will left you in surprise
दोस्त से हाथ मिलाते या कुर्सी को छूते वक्त क्या आपको भी कभी लगा है करंट? वजह कर देगी हैरान

दोस्त से हाथ मिलाते या कुर्सी को छूते वक्त क्या आपको भी कभी लगा है करंट? वजह कर देगी हैरान

संक्षेप:

कई बार किसी व्यक्ति, सतह को छूने पर हल्का करंट जैसा झटका महसूस होता है। हो सकता है आपको भी कभी ऐसा कोई अनुभव हुआ हो, लेकिन क्या आप इसके पीछे की असल वजह जानते हैं ? अगर नहीं तो पढ़ें ये रोचक खबर। 

Dec 04, 2025 07:14 pm ISTManju Mamgain लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

रोजमर्रा के जीवन में हमारे साथ कई ऐसी अजीबो-गरीब घटनाएं होती हैं, जिनका जवाब व्यक्ति के पास अकसर मौजूद नहीं होता है। ऐसा ही एक सवाल है कि आखिर क्यों कई बार किसी व्यक्ति, सतह को छूते ही आपको हल्का करंट जैसा झटका महसूस होता है। हो सकता है आपने भी कभी अपने दोस्त से हाथ मिलाते हुए या फिर किसी सतह को छूने पर ऐसा कुछ महसूस किया हो। पर क्या आप इसके पीछे की असल वजह जानते हैं, अगर नहीं तो आपको बता दें, इसका जवाब विज्ञान में छिपा हुआ है, जो जानना बेहद दिलचस्प है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

क्या होता है स्टैटिक इलेक्ट्रिक शॉक?

सर्दियों में दरवाजे का हैंडल छूने पर, ऊनी स्वेटर उतारते पहनते वक्त या किसी इंसान को छूते ही अचानक करंट जैसा झटका महसूस होने की स्थिति को स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी कहते हैं। जिसका सीधा संबंध हमारे शरीर में बनने वाले इलेक्ट्रिक चार्ज से होता है। आसान शब्दों में समझें तो हमारा शरीर और कपड़े हर समय हवा के साथ रगड़ खाते हैं। इस रगड़ से शरीर पर बहुत छोटे-छोटे इलेक्ट्रॉन इकट्ठे हो जाते हैं, यानी शरीर में स्टैटिक चार्ज (स्थिर बिजली) बन जाता है। ऐसे में जब व्यक्ति किसी ऐसे व्यक्ति को छूता हैं, जिसमें पॉजिटिव चार्ज होता है तो इलेक्ट्रॉन तेजी से एक जगह से दूसरी जगह दौड़ते हैं। इसी तेज हलचल की वजह से आपको झटका सा लगता है और कभी-कभी छोटी सी चिंगारी यानी स्पार्क भी दिखता है। जिसे स्टैटिक इलेक्ट्रिसिटी कहा जाता है।

एटम और इलेक्ट्रॉन का खेल

हमारे आसपास मौजूद हर चीज छोटे-छोटे कणों से बनी होती है, जिन्हें एटम के नाम से पहचाना जाता है। बता दें, हर एटम में तीन तरह के कण होते हैं, जो इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन से मिलकर बने होते हैं। इन तीनों कणों में इलेक्‍ट्रॉन का चार्ज नेगेटिव (-) होता है, प्रोटॉन में पॉजिटिव (+) चार्ज होता है और न्यूट्रॉन बिल्कुल न्‍यूट्रल होता है। जब एटम में इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन की संख्या बराबर होती है, तो वो सामान्य बना रहता है। लेकिन जब किसी वजह से इलेक्ट्रॉन ज्यादा इकट्ठा हो जाते हैं, तो उस चीज में नेगेटिव चार्ज बन जाता है। ये नेगेटिव चार्ज जब किसी दूसरी चीज या व्यक्ति के पॉजिटिव इलेक्ट्रॉन्स की ओर अट्रैक्ट होते हैं, तो छूने पर झटका महसूस होता है। ऐसा इलेक्ट्रॉन की तेज स्पीड की वजह से ही होता है।

सर्दियों में ज्यादा लगता है करंट

स्टैटिक इलेक्ट्रिक शॉक सर्दियों में ज्यादा महसूस होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सर्दियों में अक्सर मौसम ड्राई बने रहने से इलेक्ट्रिक चार्ज सबसे ज्यादा बनते हैं। जबकि गर्मियों में हवा में मौजूद नमी निगेटिव चार्ज वाले इलेक्ट्रॉन को खत्म कर देती है। जिसकी वजह से गर्मियों में इलेक्ट्रिक चार्ज या करंट कम महसूस होता है।

करंट से खुद को बचाने के उपाय

हालांकि यह करंट प्राकृतिक हल्की-फुल्की प्रक्रिया है, जो सेहत के लिए नुकसानदेह नहीं होती है। लेकिन अगर आप खुद को इस करंट से दूर रखना चाहते हैं तो शरीर में नमी बनाए रखें, सूती कपड़े पहनें और हाथों को सूखा न रहने दें, मॉइश्चराइजर लगाकर रखें। इसके अलावा किसी को छूने से पहले पहले दीवार या लोहे की कोई चीज छूकर सारा चार्ज पहले ही निकाल दें।

Manju Mamgain

लेखक के बारे में

Manju Mamgain
मंजू ममगाईं लाइव हिन्दुस्तान में लाइफस्टाइल सेक्शन में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। मंजू ने अपना पीजी डिप्लोमा भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली और ग्रेजुएशन दिल्ली विश्वविद्यालय से किया हुआ है। इन्हें पत्रकारिता जगत में टीवी, प्रिंट और डिजिटल का कुल मिलाकर 16 साल का अनुभव है। एचटी डिजिटल से पहले मंजू आज तक, अमर उजाला, सहारा समय में भी काम कर चुकी हैं। आज तक में लाइफस्टाइल और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन लीड करने के बाद अब मंजू एचटी डिजिटल में लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए काम कर रही हैं। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।