
दिन पर दिन शरीर का शेप बिगड़ता जा रहा तो स्ट्रेस हो सकता है जिम्मेदार, 40 की उम्र में महिलाएं दें ध्यान
Women Attention: महिलाएं अगर 40 के आसपास पहुंच रहीं और उनके शरीर का शेप अब बदल रहा। हिप और थाईज एरिया पर ज्यादा मांस दिखने लगा है तो ध्यान दें। डायटीशियन ने बताया महिलाओं में ये समस्या हाई कॉर्टिसोल लेवल के कारण होती है।
अगर आप 40 की उम्र के पास पहुंच रही हैं और धीरे-धीरे शरीर पियर शेप में दिखने लगा है। तो वक्त है खुद पर ध्यान देने का, क्योंकि डाइट के खराब ना होने के बाद भी लोअर बेली, हिप और जांघ पर अगर फैट स्टोर हो रहा तो ये क्रॉनिक स्ट्रेस का कारण हो सकता है। 5 तरह से स्ट्रेस शरीर को फैट स्टोरेज मोड पर डाल देता है। जिसकी वजह से हिप्स और थाइज के आसपास फैट जमा होता है। जिसे कम करना भी महिलाओं के लिए मुश्किल हो जाता है। डायटीशियन मनप्रीत कौन ने जो कि हार्मोन एंड गट हेल्थ एक्सपर्ट हैं। इंस्टाग्राम पेज पर इन्होंने महिलाओं के धीरे-धीरे बॉडी के पियर शेप में कन्वर्ट होने से जुड़े कारणों को शेयर किया है।
5 तरह से स्ट्रेस हिप्स, जांघ और लोअर बेली पर फैट जमा करता है
हाई कॉर्टिसोल
ज्यादा स्ट्रेस लेने की वजह से शरीर में हाई कॉर्टिसोल का निर्माण होता है जो बॉडी के फैट को हिप्स और थाईज में जमा करना शुरू कर देता है। जिसकी वजह से महिलाओं के शरीर का आकार पियर शेप में कन्वर्ट होने लगता है।
प्रोजेस्टेरॉन लेवल को कम करना
स्ट्रेस की वजह से प्रोजेस्टेरॉन लेवल कम होने लगता है। जिसकी वजह से शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोंस ज्यादा एक्टिव वर्क करते हैं। फीमेल के दो हार्मोंसा इंबैलेंस बॉडी पर निगेटिव इफेक्ट डालता है क्योंकि एस्ट्रोजन मूड्स और एंजायटी को भी महिलाओं में रेगुलेट करता है। लेकिन इन हार्मोंस का डिसबैलेंस लोअर बॉडी पर फैट को स्टोर करना शुरू कर देता है।
थायराइड फंक्शन का स्लो हो जाना
स्ट्रेस की वजह से मेटाबॉलिज्म स्लो होने लगता है और थायराइड फंक्शन इससे प्रभावित होता है। नतीजा शरीर के निचले एरिया यानी हिप्स, थाईज और लोअर बेली के आसपास फैट ज्यादा स्टोर होता है।
ठीक से नींद ना आना
अगर आपको स्ट्रेस है तो ये नींद को भी डिस्टर्ब करेगा। जिससे हार्मोंस डिस्टर्ब होंगे और साथ ही मेटाबॉलिज्म भी स्लो हो जाएगा। जिसकी वजह से हार्मोंस को फैट लोअर बॉडी पार्ट पर स्टोर करना आसान हो जाता है।
मसल्स ब्रेकडाउन
हाई कॉर्टिसोल नींद को डिस्टर्ब करता है। जिससे नींद में ग्रोथ हार्मोन डिस्टर्ब होते हैं। कॉर्टिसोल मसल्स की बजाय फैट सेल्स में ज्यादा एनर्जी भेजता है। कैलोरी कम बर्न करता है। जिससे फैट सेल्स बढ़ती हैं और वहीं मसल्स में एनर्जी ना होने की वजह से ब्रेकडाउन होता है। और सारा फैट हिप, थाईज और लोअर बेली में जाकर इकट्ठा होता है।

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