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महिलाओं के पैर बर्फ जैसे ठंडे क्यों हो जाते हैं? जानें क्या है इसकी असली वजह

महिलाओं के पैर बर्फ जैसे ठंडे क्यों हो जाते हैं? जानें क्या है इसकी असली वजह

संक्षेप:

कई महिलाओं के पैर हमेशा ठंडे महसूस होते हैं, चाहे मौसम कोई भी हो या वे मोजे पहने हों। इसके पीछे शरीर की संरचना, हार्मोनल बदलाव और रक्त प्रवाह से जुड़े कई प्राकृतिक कारण जिम्मेदार होते हैं।

Dec 05, 2025 03:39 pm ISTShubhangi Gupta लाइव हिन्दुस्तान
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सर्दियों में महिलाओं के पैर ठंडे रहना आम बात है, लेकिन कई बार यह समस्या मौसम से भी ज्यादा लगातार बनी रहती है, चाहे मोजे पहने हों या नहीं। पैर हमेशा ठंडे रहने के पीछे कई वैज्ञानिक और शारीरिक कारण होते हैं जो महिलाओं में पुरुषों की तुलना में अधिक दिखाई देते हैं। यह समस्या हल्की हो सकती है, लेकिन कभी-कभी किसी स्वास्थ्य स्थिति का संकेत भी हो सकती है, इसलिए इसके कारणों को समझना जरूरी है।

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महिलाओं के पैर ज्यादातर ठंडे रहना शरीर की संरचना, हार्मोन और संचार प्रणाली (circulatory system) से जुड़े कई प्राकृतिक कारणों का परिणाम है। यहां जानें विस्तार से-

  1. महिलाओं का शरीर इस तरह डिजाइन हुआ है कि जब तापमान गिरता है, तो गर्मी सबसे पहले उनके महत्वपूर्ण अंगों- जैसे दिल, दिमाग और विशेष रूप से प्रजनन तंत्र की ओर भेजी जाती है। इन अंगों की सुरक्षा शरीर की सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है। इस प्रक्रिया में गर्म खून हाथ-पैर जैसे बाहरी हिस्सों तक कम पहुंचता है जिसके कारण पैर जल्दी ठंडे हो जाते हैं।
  2. इसके अलावा महिलाओं में मांसपेशियों का प्रतिशत स्वाभाविक रूप से कम होता है। मांसपेशियां शरीर में गर्मी पैदा करने का मुख्य स्रोत होती हैं, इसलिए कम मांसपेशियां होने पर शरीर कम हीट जनरेट कर पाता है। इसका सीधा असर पैरों पर दिखाई देता है, जहां गर्मी सबसे आखिर में पहुंचती है।
  3. हार्मोनल बदलाव भी इसका बड़ा कारण हैं। एस्ट्रोजन, जो महिलाओं का प्रमुख हार्मोन है, रक्त प्रवाह को प्रभावित करता है। इसके उतार-चढ़ाव की वजह से रक्त धारा और तापमान संतुलन में बदलाव आते रहते हैं जिससे हाथ-पैर और भी ठंडे महसूस होते हैं।
  4. एक दिलचस्प बात यह है कि महिलाएं भावनात्मक रूप से भी ज्यादा संवेदनशील होती हैं। तनाव होने पर शरीर तुरंत ब्लड फ्लो को कोर (core) की तरफ भेज देता है जिससे पैरों तक गर्मी नहीं पहुंच पाती है।
  5. थायराइड कम होने पर शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है। इससे शरीर पर्याप्त गर्मी नहीं बना पाता और हाथ-पैर हमेशा ठंडे महसूस होते हैं।
  6. कई महिलाओं में एनीमिया या खून की कमी भी देखी जाती है। आयरन की कमी से हीमोग्लोबिन कम हो जाता है और शरीर की गर्मी बनाए रखने की क्षमता घट जाती है।

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क्या करें?

महिलाओं के पैरों का ठंडा रहना अक्सर प्राकृतिक होता है, लेकिन सही देखभाल से इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। ऊनी मोजे पहनें, रोजाना हल्का व्यायाम या वॉक करें, गर्म पानी में पैर डालकर बैठ सकते हैं, पैरों की मालिश करवाएं ताकि सर्कुलेशन बढ़े और गर्माहट मिले। इसके अलावा आयरन, B12 और थायराइड की जांच करवाएं।

नोट: यह छोटी-सी बात भले मजाक लगे लेकिन यह महिलाओं की खूबसूरत जैविक संरचना और नेचुरल प्रोटेक्शन सिस्टम का एक प्यारा सा संकेत है। लेकिन पैरों में सुन्नपन, तेज दर्द या रंग बदलने जैसी समस्या दिखे, तो डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

Shubhangi Gupta

लेखक के बारे में

Shubhangi Gupta
चार साल से भी ज्यादा समय से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय शुभांगी गुप्ता लाइव हिंदुस्तान की वेब स्टोरीज टीम का हिस्सा हैं। एंटरटेनमेंट, फैशन और लाइफस्टाइल से जुड़े आर्टिकल लिखने में उनकी रुचि है। इनका उद्देश्य अपने लेखन से पाठकों को बांधे रखना है। लाइव हिंदुस्तान टीम के साथ जुड़ने से पहले ये अमर उजाला में काम कर चुकी हैं। और पढ़ें

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