
आपकी सोच से ज्यादा खतरनाक हो सकता है खर्राटे लेना! डॉक्टर से जानें कब है डरने की जरूरत
Snoring: डॉ जुबैर कहते हैं कि खर्राटे केवल आवाज नहीं हैं, बल्कि कई लोगों में ये इस बात का संकेत भी हो सकते हैं कि सोते समय बार-बार उनकी सांस ब्लॉक हो रही है। इसे हल्के में लेना समझदारी नहीं है।
कई लोग सोते समय बड़े तेज खर्राटे लेते हैं। खासतौर से एक उम्र के बाद तो लोगों में ये आदत बड़ी कॉमन हो जाती है। हममें से ज्यादातर लोग इसे एक सामान्य आदत मानते हैं। कुछ लोगों को ये भी लगता है कि जितनी तेज खर्राटे ले रहे हैं, उसका मतलब है कि उतनी ही गाढ़ी नींद भी है, जिसे एक अच्छा साइन माना जाता है। वरना ज्यादातर लोग खर्राटे लेने को मजाक का विषय मानते हैं, जिसमें कोई भी चिंता करने वाली वजह उन्हें नहीं नजर आती। इसी विषय पर डॉ जुबैर अहमद एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बताते हैं कि रोजाना खर्राटे लेना आपकी सोच से काफी ज्यादा खतरनाक हो सकता है। इसे हल्के में लेना समझदारी नहीं है। आइए विस्तार में जानते हैं।
खर्राटे सिर्फ आवाज नहीं, इस बात का संकेत हैं
डॉ जुबैर कहते हैं कि खर्राटे केवल आवाज नहीं हैं, बल्कि कई लोगों में ये इस बात का संकेत भी हो सकते हैं कि सोते समय बार-बार उनकी सांस ब्लॉक हो रही है। यह स्थिति बार-बार हो तो शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। ये एक गंभीर संकेत है, जिसे लंबे समय तक नजरंदाज नहीं करना चाहिए।
बार-बार खर्राटे लेने से क्या होता है?
अगर आप लगभग रोज ही खर्राटे लेते हैं, तो इसका मतलब है कि आपका सांस ब्लॉक हो रहा है। इसकी वजह से शरीर के सभी जरूरी अंगों जैसे दिल, दिमाग तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती है। डॉक्टर के अनुसार ऑक्सीजन की कमी होने से दिल और ब्लड वेसल्स पर लगातार दबाव बना रहता है, जिससे हाई बीपी, हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। खर्राटे या सांस की रुकावट के कारण नींद भी बार बार टूटती है, भले ही व्यक्ति को इसका अंदाजा ना हो। इससे नींद ठीक तरह पूरी नहीं होती और चिड़चिड़ापन भी बना रहता है।

ये चेतावनी संकेत नजरअंदाज ना करें
डॉ जुबैर कहते हैं कि कुछ संकेत तो आपको बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करने चाहिए। जैसे लगभग हर रात ही तेज खर्राटे लेना, नींद में घुटन या हांफने जैसा महसूस होना, सुबह उठते ही सिरदर्द रहना, उठने पर मुंह सुखा हुआ रहना और दिन में ज्यादा नींद आना। ये सभी संकेत इशारा करते हैं कि आपकी बॉडी में कुछ सही नहीं चल रहा है।
खर्राटे बंद किए जा सकते हैं या नहीं?
डॉक्टर कहते हैं कि गुड न्यूज ये है कि खर्राटे लेना कोई परमानेंट नहीं है, आप इसे बंद भी कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले इनका कारण जानने की जरूरत है। कई लोग अगर अपना वजन ठीक कर लेते हैं, तो खर्राटे लेना बंद हो जाता है। वहीं कुछ लोगों में अपना सोने का पोस्चर ठीक करने पर, कुछ लोगों में गले और नाक की रुकावट को ठीक करने पर रिजल्ट दिख जाते हैं। कई लोगों के लिए अपने लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करना जरूरी हो जाता है, तो वहीं कुछ लोगों को डॉक्टर कोई थेरेपी या डिवाइस भी सजेस्ट करते हैं।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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Anmol Chauhanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




