
प्रेग्नेंसी के दौरान वजाइनल डिस्चार्ज होना नॉर्मल है या नहीं? नोएडा की गायनेकोलॉजिस्ट से जानें
प्रेग्नेंसी किसी भी महिला के लिए सबसे जरूरी समय होता है, ऐसे में कोई भी लापरवाही खतरा बन सकती है। प्रेग्नेंसी के दौरान वजाइनल डिस्चार्ज काफी ज्यादा होता है, जिसे लेकर महिलाएं परेशान रहती हैं। इस बारे में गायनेकोलॉजिस्ट रौनक खंडेलवाल ने बताया कि ये नॉर्मल है या नहीं।
प्रेग्नेंसी का समय किसी भी महिला के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। इस समय महिलाओं को डॉक्टर्स खास देखभाल करने की सलाह देते हैं लेकिन कई बार कुछ चीजों को लेकर मन में डर पैदा होने लगता है। इसमें से एक है वजाइनल डिस्चार्ज होना। कई महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान हैवी फ्लो के साथ वजाइनल डिस्चार्ज होता है। इस पर उनका डॉक्टर से सवाल होता है कि क्या है सामान्य है? नोएडा की गायनेकोलॉजिस्ट रौनक खंडेलवाल ने इस बारे में बताते हुए अपने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया है। उन्होंने बताया कि कब ये नॉर्मल होता है और कब आपको डॉक्टर के पास पहुंच जाना चाहिए।
क्यों होता है
प्रेग्नेंसी में महिलाओं के शरीर में हार्मोन इंबैलेंस बढ़ जाता है और एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के उच्च स्तर के कारण भी वजाइनल डिस्चार्ज होता है। गर्भावस्था के दौरान होने वाला डिस्चार्ज तरल, सफेद और मिल्की होता है। डिलीवरी की डेट पास आने पर इसकी थिकनेस बढ़ने लगती है।
नॉर्मल है या नहीं
डॉक्टर रौनक के मुताबिक, प्रेग्नेंसी के दौरान व्हाइट वजाइनल डिस्चार्ज होना बिल्कुल नॉर्मल है। अगर वजाइनल डिस्चार्ज में कोई बदबू नहीं है, उससे खुजली नहीं हो रही तो वो बिल्कुल सामान्य है। अगर वजाइनल डिस्चार्ज का कलर चेंज दिख रहा है, जैसे ग्रे, ग्रीन, येलो, इससे आपको खुजली हो रही है, मछली जैसी बदबू आ रही है, तो फौरन अपने डॉक्टर से मिलकर सलाह लें।
कब है खतरा
प्रेग्नेंसी के दौरान वजाइनल डिस्चार्ज का कलर बदलने के साथ अगर इसमें खून या पानी भी बह रहा है, तब भी आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए। वॉटरी डिस्चार्ज का मतलब एमनियोटिक फ्लूइड का स्राव हो सकता है, ये फ्लूइड पेट में पल रहे बच्चे की ग्रोथ से जुड़ा होता है। अगर बदबू-खुजली है, तो ये कोई इंफेक्शन भी हो सकता है, जो गर्भ तक पहुंच सकता है। प्रेग्नेंसी के दौरान वजाइनल डिस्चार्ज ज्यादा गाढ़ा आ रहा है, तो ये यीस्ट इंफेक्शन भी हो सकता है।
क्या करना चाहिए
नॉर्मल वजाइनल डिस्चार्ज होने पर आपको घबराना नहीं है, बस अपनी हाइजीन का थोड़ा ख्याल रखना है। इस समय महिलाओं की इम्यूनिटी कमजोरी होती है, ऐसे में इंफेक्शन फैलने का खतरा ज्यादा रहता है। वजाइना को क्लीन रखें और पसीने से बचने के लिए पैंटी लाइनर का इस्तेमाल कर सकती हैं और ढीले कपड़े पहनें।

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Deepali Srivastavaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




