
अस्थमा की परेशानी रहती है तो आज से ही इन ड्रिंक्स को पीना शुरू कर दें, दिवाली के पलूशन से बचे रहेंगे
Aurvedic drink to manage Asthma during diwali Pollution: दिवाली के टाइम शहर में पलूशन बढ़ जाता है और यंग लोग जिन्हें अस्थमा की समस्या होती है। उन्हें सांस लेने में तकलीफ, जुकाम-खांसी बढ़ जाती है। ऐसे में उन्हें इन आयुर्वेदिक ड्रिंक को पीने से राहत मिल सकती है।
दिवाली की आहट के साथ ही गली-मोहल्ले में पटाखे और दीयों का जलना शुरू हो जाता है। खासतौर पर दिल्ली में ये शोर-शराबा दिखने लगेगा। ऐसे में सबसे ज्यादा समस्या उन लोगों को होती है जो अस्थमा से परेशान हैं। जो यंग हैं और घर में नहीं बैठ सकते। दिवाली के टाइम होने वाले पलूशन से उन्हें सांस फूलने की समस्या, एलर्जी, नाक बहना, छींक, खांसी की प्रॉब्लम तेजी से होने लगती है। अब त्योहार का मजा खराब ना हो इसलिए पहले से ही कुछ प्रीकॉशन जरूर कर लें। जैसे अपनी ओवर द काउंटर दवाओं के अलावा कुछ घरेलू और आयुर्वेदिक काढ़े को रूटीन में शामिल करें। जो लंग्स को साफ कर सांस लेने में मदद करेगी और खांसी, जुकाम से राहत देगी। तो अब से लेकर दिवाली के बीत जाने तक इनमे से किसी भी एक ड्रिंक को जरूर पिएं।

मुलेठी टी
मुलेठी जिसे लिकोराइस अंग्रेजी में बोलते हैं। ये गले की खराश और कंजेशन दूर करने में मदद करती है। ये नेचुरल एंटी इंफ्लेमेटरी होती है और सांस नली में हो रही सूजन को कम करती है। साथ ही गले में बन रहे म्यूकस को भी बाहर निकालने में मदद करती है। तो अगर गले में खराश और कफ बन रही है तो मुलेठी टी पीना शुरू करें।
जिंजर टी
अदरक में एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं। जो सांस से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने में मदद करती हैं और राहत देती हैं। सांस नली की सूजन को कम कर सांस लेने में आराम पहुंचाती है। तो जिन लोगों को पलूशन से सांस फूलने लगती है उन्हें जिंजर टी और उसमे थोड़ा सा शहद डालकर तैयार करें और सिप-सिप करके पिएं।
ग्रीन टी
ग्रीन टी एंटीऑक्सीडेंट्स होने के साथ ही एंटीहिस्टामाइन होती है। इसका मेन कंपाउंड एपिगलकैटेचिन गैलेट इंफ्लेमेशन कम करता है और अस्थमा अटैक से बचाता है। ग्रीन टी में मौजूद थियोफाइलिन फेफड़ों की मसल्स को रिलैक्स करने में मदद करता है। इसलिए रोजाना एक से दो कप ग्रीन टी अस्थमा के लक्षणों को मैनेज करने में मदद करेगी।
स्ट्रांग ब्लैक कॉफी
अगर खांसी हो रही और सांस नहीं ले पा रहे हैं तो ब्लैक कॉफी भी पी सकते हैं। ये थोड़ा राहत देने में मदद करेगी। ये लंग्स के एयरवेज को खोलने में मदद करती है। जिससे सांस लेना आसान हो जाता है। तो अचानक से अस्थमा के लक्षण दिख रहे और इनहेलर पास नहीं है तो ब्लैक कॉफी से थोड़ी राहत मिलेगी।
हल्दी वाला दूध
हल्दी वाला दूध अस्थमा को मैनेज करने में मदद करता है और एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रॉपर्टी इम्यून सिस्टम को बढ़ाता है। लेकिन कुछ लोगों को डेयरी प्रोडक्ट्स अस्थमा की समस्या में परेशानी पैदा करते हैं। ऐसे में गोल्डन मिल्क अवॉएड करना ठीक होगा।
डिस्क्लैमर: यह लेख मात्र सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है। किसी भी इस्तेमाल से पहले विशेषज्ञ की राय अवश्य लें।

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