घंटों बैठकर काम करते हैं? ऑर्थोपेडिक सर्जन ने बताया बैठने का सही तरीका

Feb 13, 2026 11:33 am ISTShubhangi Gupta लाइव हिन्दुस्तान
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लंबे समय तक बैठकर काम करना आपकी रीढ़ की सेहत बिगाड़ सकता है। ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. मानन वोरा बता रहे हैं कि 'आइडियल सिटिंग पोस्चर' क्या है और क्यों एक ही पोजिशन में बैठना सबसे बड़ी गलती है।

घंटों बैठकर काम करते हैं? ऑर्थोपेडिक सर्जन ने बताया बैठने का सही तरीका

ऑफिस का काम हो, वर्क फ्रॉम होम या स्टडी- आज की लाइफस्टाइल में घंटों बैठना लगभग तय हो गया है। लगातार मीटिंग्स, स्क्रीन के सामने लंबा समय और ब्रेक ना लेना धीरे-धीरे शरीर पर असर डालता है, खासकर रीढ़ (स्पाइन) पर। अक्सर लोग सोचते हैं कि सीधा बैठना ही सबसे सही तरीका है, लेकिन क्या वाकई ऐसा है?

मुंबई के ऑर्थोपेडिक सर्जन, हेल्थ एजुकेटर और NutriByte Wellness के को-फाउंडर Dr Manan Vora के अनुसार, 'आइडियल सिटिंग पोस्चर' जैसा कुछ तय नहीं है। असली समस्या पोस्चर नहीं, बल्कि एक ही पोजिशन में लंबे समय तक बैठे रहना है।

क्या सच में कोई ‘आइडियल’ सिटिंग पोस्चर होता है?

डॉ. वोरा बताते हैं कि लोग आमतौर पर दो ऑप्शन में उलझे रहते हैं -

  1. बिल्कुल सीधा बैठना
  2. थोड़ा झुककर (स्लाउच) बैठना

लेकिन उनके अनुसार, दोनों ही लंबे समय तक सही नहीं हैं। वे कहते हैं, 'अगर आपने सोचा कि सीधा बैठना सही है, तो भी आप गलत हैं और अगर आपने झुककर बैठना चुना, तब भी आप गलत हैं- क्योंकि कोई एक ऐसा पोस्चर नहीं है जो आपकी स्पाइन को पूरी तरह सुरक्षित रखे।'

बैठने से रीढ़ पर क्या असर पड़ता है?

रिसर्च के अनुसार, बैठने पर लोअर बैक पर खड़े रहने की तुलना में ज्यादा दबाव पड़ता है।

  • लगातार सीधा बैठना: इसमें कोर मसल्स लगातार टाइट रहती हैं, जिससे स्पाइनल कंप्रेशन बढ़ सकता है।
  • झुककर बैठना: इससे रीढ़ का नेचुरल कर्व फ्लैट हो जाता है और डिस्क पर ज्यादा स्ट्रेस पड़ता है।

यानि दोनों ही स्थिति में, अगर समय ज्यादा हो, तो नुकसान तय है।

तो सही तरीका क्या है?

डॉ. मानन वोरा के अनुसार, ना बहुत सीधा और ना ही बहुत झुका हुआ।

  • हल्का सा reclined posture
  • पीठ के लिए अच्छा बैक सपोर्ट
  • पैरों को जमीन पर टिकाकर बैठना

यह पोजिशन स्पाइन पर कम दबाव डालती है। लेकिन ध्यान रहे- यह भी तभी तक ठीक है, जब तक आप इसमें बहुत देर तक ना बैठे रहें और बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें।

सबसे जरूरी मंत्र: मूवमेंट

  1. डॉ. वोरा साफ कहते हैं, 'आपकी स्पाइन कोई खंभा नहीं है। यह 24 मूवेबल वर्टिब्राज, डिस्क्स और मसल्स से बनी है, जिसे मूवमेंट के लिए डिजाइन किया गया है, ना कि एक ही पोजिशन में जमे रहने के लिए।' इसलिए हर 30–40 मिनट में खड़े हों, हल्का स्ट्रेच करें और पोजिशन बदलें।
  2. सबसे हेल्दी पोस्टचर वही है जिसे आप लंबे समय तक होल्ड ना करें। कोई भी पोजिशन- चाहे कितनी भी सही क्यों ना लगे- अगर घंटों तक बनी रहे, तो वह स्पाइन के लिए नुकसानदायक बन जाती है। परफेक्शन नहीं, वैरायटी और मूवमेंट ही असली इलाज है।

हेल्थ नोट: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी मेडिकल समस्या में अन्य डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

Shubhangi Gupta

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