
चीनी की जगह क्या खाना हेल्दी है? कैंसर सर्जन ने शुगर के पॉपुलर विकल्पों को दी रेटिंग!
चीनी के साइड इफेक्ट्स से ज्यादातर लोग वाकिफ हैं, इसलिए चीनी के कई विकल्पों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। कैंसर सर्जन डॉ जयेश शर्मा ने चीनी और उसके विकल्पों को रेटिंग दी है और बताया है कि इनमें से कौन कितना हेल्दी है।
मीठा खाना भला किसे नहीं पसंद। हमारे यहां तो खाने के बाद कुछ मीठा ना मिले या सुबह की शुरुआत मीठी चाय ना हो, तो बात नहीं बनती। लेकिन यह बात भी सब जानते हैं कि मीठा हमारी सेहत के लिए कितना नुकसानदायक है। चीनी के साइड इफेक्ट्स से ज्यादातर लोग वाकिफ हैं, इसलिए चीनी के कई विकल्पों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। अब चीनी के ये जो विकल्प हैं, इनमें कौन कितना हेल्दी है या फिर हेल्दी है भी या नहीं, ये जानना बहुत जरूरी है। कैंसर सर्जन डॉ जयेश शर्मा ने चीनी और उसके विकल्पों को रेटिंग दी है और बताया है कि इनमें से कौन कितना हेल्दी है। तो चलिए विस्तार में जानते हैं।
आर्टिफिशल स्वीटनर्स हेल्दी हैं?
चीनी का सबसे पॉपुलर विकल्प है आर्टिफिशियल स्वीटनर्स, जैसे एस्पार्टेम, सैकरीन जिन्हें शुगर फ्री बोलकर मार्केट किया जाता है। ये आमतौर में शुगर फ्री ड्रिंक्स और स्नैक्स में इस्तेमाल होते हैं। डॉ जयेश बताते हैं कि ये टॉक्सिक नहीं है और कैलोरी कम करने के लिए अच्छा विकल्प हैं। लेकिन कई बार पेट के बैक्टीरिया पर इनके इफेक्ट देखे गए हैं और कुछ लोगों को इन्हें लेने के बाद भूख भी ज्यादा लगती है। ऐसे में अगर वेट लॉस की सोच रहे हैं, तो ये आपके लिए नहीं हैं। डॉक्टर इन्हें 100 में से 55% रेट करते हैं।
लो कैलोरी शुगर सब्सिट्यूट
चीनी की जगह कुछ लो कैलोरी शुगर सब्सिट्यूट भी इस्तेमाल किए जाते हैं, जैसे सुक्रालोज और एरिथ्रिटोल। ये आमतौर पर शुगर फ्री मिठाइयों और कैंडीज में यूज किए जाते हैं। ये ठीक चीनी की तरह लगते हैं और पेट में जा कर एब्जॉर्ब नहीं होते। इससे शुगर स्पाइक बिल्कुल नहीं होती और कैलोरी भी बहुत कम होती है। हालांकि ये भी गट बैक्टीरिया के लिए अच्छे नहीं होते हैं। डॉक्टर इन्हें 70% रेट करते हैं।
नेचुरल स्वीटनर्स कितने सेफ हैं?
आजकल नेचुरल स्वीटनर्स जैसे स्टीविया और मॉन्क फ्रूट एक्सट्रेक्ट काफी पॉपुलर हो रहे हैं। इनमें भी कैलोरी नहीं होती हैं और शुगर स्पाइक नहीं होता। स्टीविया को तो गर्म करने पर भी वो स्टेबल रहता है, इसलिए कुकिंग में इस्तेमाल किया जा सकता है। डॉक्टर इन्हें 80 परसेंट की रेटिंग देते हैं।
शुगर के देसी विकल्प कितने हेल्दी हैं?
चीनी की जगह कई लोग गुड़, खांड या शहद जैसे देसी विकल्पों का इस्तेमाल करते हैं। डॉ जयेश बताते हैं कि ये सेम चीनी वाली फैमिली से आते हैं। इनमें लगभग उतनी ही कैलोरी होती है और ये ब्लड शुगर को भी स्पाइक करते हैं। हालांकि इनमें थोड़े बहुत मिनरल जरूर पाए जाते हैं। अगर आप नेचुरल समझकर इस्तेमाल कर रहे हैं और ये सोच रहे हैं कि ये हेल्दी हैं तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है।
शुगर से जुड़ी जरूरी टिप
डॉ कहते हैं कि हमारा शुगर इंटेक हमारी टोटल कैलोरी का 5 प्रतिशत या उससे कम होना चाहिए। मोटा-मोटा देखें तो एक हेल्दी एडल्ट के लिए रोजाना 4 से 5 चम्मच शक्कर खाना सेफ है। ध्यान रहे ये शुगर आपके टोटल शुगर इंटेक का हिस्सा है, यानी दिन भर में जो आप चाय, कॉफी, बिस्किट या कैंडी खा रहे हैं, उसमें इससे ज्यादा चीनी नहीं होनी चाहिए।
नोट: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह की चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या स्थिति के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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Anmol Chauhanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




