क्या है 'पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म' के लक्षण और कारण, बचाव के लिए कौन से रास्ते अपनाना है जरूरी
Pulmonary Thromboembolism Causes and Symptoms: प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म को बताया गया है। सामान्य भाषा में समझना जरूरी है कि आखिर क्या है पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म, इसके लक्षण और बचाव भी जानें….

पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म एक गंभीर समस्या है, जिसमे फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जम जाता है और इलाज में जरा सी देरी होते ही इंसान की मौत हो जाती है। सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की मौत का कारण सामने आ चुका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म के लक्षण मिले हैं। क्लीवलैंड की रिपोर्ट के मुताबिक ये एक खतरनाक और गंभीर समस्या है, जिसका सही समय पर इलाज ना मिलने से एक तिहाई लोगों की मौत लक्षण दिखने के कुछ घंटों के अंदर ही हो जाती है। ऐसे में जानना जरूरी है कि आखिर फेफड़ों में थक्का जमने के लक्षण क्या है और इसके बचाव क्या हैं?
क्या है पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म
आसान भाषा में समझें तो ये एक खून का थक्का होता है जो शरीर के किसी दूसरे हिस्से में बनता है लेकिन वो ब्लड वेसल्स के साथ फेफड़े तक पहुंच जाता है और वहां पर ब्लड को रोक देता है। जिससे ऑक्सीजन की सप्लाई भी बाधित होती है और इंसान की मौत हो जाती है। आमतौर पर ये खून का थक्का पैर या पेल्विस एरिया की नसों में बनता है और वहां से टूटकर ब्लड के जरिए फेफड़े तक पहुंच जाता है।
पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म के लक्षण
पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म के लक्षण कुछ हल्के और कुछ बेहद गंभीर हो सकते हैं। ऐसे में इन लक्षणों के बारे में जरूर जानना चाहिए। अगर किसी को इनमे से एक भी लक्षण दिखे तो फौरन इलाज बेहद जरूरी होता है।
सीने में तेज दर्द जो गहरी सांस लेने पर और बढ़ जाता है।
आराम की स्थिति में भी सांस फूलना
सांस तेजी से लेना
खांसी आना ( कई बार मरीज को खांसी में खून आने लगता है)
सांस लेने के दौरान घरघराहट की आवाज आना
चक्कर आना
बेहोशी लगना
दिल जोर-जोर से धड़कना
पैरों में दर्द
पैरों में सूजन
या गर्मी लगना
पल्मोनरी एम्बोलिज्म से बचाव
पल्मोनरी एम्बोलिज्म के लक्षण हार्ट अटैक की तरह अचानक दिखते हैं। ऊपर लिखे लक्षणों के दिखते ही फौरन इमरजेंसी में मरीज को डॉक्टर के पास ले जाना बेहतर होता है। कई बार पैरों में दर्द, सूजन और गर्मी जैसे लक्षण भी फेफड़ों में खून का थक्का बनने के होते हैं। ऐसे मौके खून को पतला करने वाली दवा देना सबसे आम इलाज है। जिससे थक्का घुल जाता है और नए थक्के बनना भी रुकता है।
पल्मोनरी एम्बोलिज्म के कारण
फेफड़ों में ब्लड का थक्का जमना पल्मोनरी एम्बोलिज्म होता है। ये थक्का आमतौर पर डीप वेन थ्रोम्बोसिस के रूप में शुरू होता है। जिसमे पैर की नसों में खून के थक्के बनते हैं। ये थक्के ही खिसककर फेफड़ों तक पहुंचते हैं और वहां पर ब्लड के साथ ऑक्सीजन की सप्लाई को रोक देते हैं।
लेखक के बारे में
Aparajitaअपराजिता शुक्ला पिछले छह सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर कंटेट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।
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