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शरीर में बिगड़ गया है हार्मोन्स का लेवल? डाइट में शामिल ये 5 चीजें दूर करेंगी समस्या

शरीर में हार्मोन्स के संतुलन को बनाए रखना बहुत जरूरी है। शरीर में हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ने पर कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। अगर आपके शरीर में भी हार्मोन्स का लेवल बिगड़ गया है तो तुरंत इन 5 चीजों को अपनी डाइट में शामिल कर लें।

Manju Mamgain लाइव हिन्दुस्तानWed, 5 June 2024 05:29 PM
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बिगड़ती जीवनशैली और खानपान की खराब आदतें, आज के समय में महिलाओं के बीच असंतुलित हार्मोन्स का कारण बन रही है। असंतुलित हार्मोन्स कई बार महिलाओं में अनियमित पीरियड्स, पीरियड्स के दौरान गंभीर दर्द, शरीर के अलग-अलग हिस्सों में अनचाहे बाल, कील-मुंहासे, पीसीओएस, थायराइड डिसऑर्डर जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करने लगते हैं। जो आगे चलकर महिलाओं के लिए परेशानी का सबब बनने लगती हैं। अगर आपके शरीर में भी हार्मोन्स का लेवल बिगड़ गया है तो तुरंत इन 5 चीजों को अपनी डाइट में शामिल कर लें।

हार्मोनल असंतुलन के कारण-

शरीर में हार्मोन्स का संतुलन बिगड़ने के पीछे कई अलग-अलग कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। जो शरीर में हार्मोन्स और ग्रंथियों को प्रभावित कर सकते हैं। आमतौर पर हार्मोनल असंतुलन के पीछे हार्मोन थेरेपी,दवाएं,कैंसर के उपचार जैसे कीमोथेरेपी,ट्यूमर, पिट्यूटरी ट्यूमर,ईटिंग डिसऑर्डर, तनाव,चोट लगना या फिर किसी तरह का सदमा लगने जैसे कुछ सामान्य कारण होते हैं।

असंतुलित हार्मोन्स को ठीक करने के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें-

वर्जिन कोकोनेट ऑयल-

वर्जिन नारियल का तेल इंसुलिन और थायराइड हार्मोन को नियंत्रित करने में मदद करता है। बता दें, नारियल के तेल का सेवन करने के लिए आप उसमें भोजन पका सकते हैं।

हल्दी-

जर्नल ऑफ फूड साइंस के अनुसार, हल्दी बेहद एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंटों में से एक है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन, हार्मोनल स्थितियों, विशेष रूप से पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (PCOS) में बहुत फायदेमंद हो सकता है।

कच्ची घानी सरसों का तेल-

वर्जिन कोकोनेट ऑयल की ही तरह कच्ची घानी सरसों के तेल को भी खाना पकाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यह शरीर की सूजन को कम करके ऑक्सीडेटिव तनाव को कम कर सकता है। जिससे इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार होता है और हार्मोन्स का संतुलन बना रहता है।

कद्दू-अलसी के बीज-

पंपकिन सीड में प्रचूर मात्रा में जिंक मौजूद होता है जो पीरियड में होने वाले दर्द को कम करता है। इसके अलावा कद्दू के बीज में मौजूद फाइटोएस्ट्रोजेन एस्ट्रोजन लेवल को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है। बात अगर अलसी के बीच की करें तो यह शरीर में हार्मोन को संतुलित करने का काम बखूबी करता है। इसमें मौजूद ओमेगा -3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है जो फर्टिलिटी बढ़ाने में मदद करता है। इसके नियमित सेवन से थकान, मूड स्विंग, पेट में ऐंठन जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलती है।

ब्राजील नट्स-

नट्स हेल्दी फैट्स का एक बेहतरीन स्रोत माने जाते हैं। यह न सिर्फ आपके हार्मोन्स को संतुलित रखने में मदद करते हैं बल्कि प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में भी मदद करते हैं। इसके अलावा ये मेनोपॉज के लक्षणों को कम करने में भी मददगार है। शरीर में थायराइड को बेहतर तरीके से काम करने के लिए आप डाइट में ब्राजील नट्स को जरूर शामिल करें। इसके लिए आप एक ब्राजील नट का सेवन कर सकते हैं। इतना ही नहीं इसके नियमित सेवन से लेप्टिन सेंसिटिविटी को बेहतर करने में मदद मिलती है।

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