दिव्यांका त्रिपाठी को हुआ डेंगू, जानें लक्षण, कारण और बचाव के उपाय

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  • Dengue Causes Symptoms And Preventions: गर्म तापमान और बारिश के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ने लगती है, जिससे मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। आइए जानते हैं आखिर क्यों होता है डेंगू बुखार, क्या हैं डेंगू बुखार के कारण और बचाव के उपाय।

Divyanka Tripathi Diagnosed With Dengue

Dengue Causes Symptoms And Preventions: मशहूर टीवी अभिनेत्री दिव्यांका त्रिपाठी, जिन्हें उनके फैंस 'ये है मोहब्बतें' की 'इशी मां' के किरदार के लिए बेहद पसंद करते हैं, डेंगू से पीड़ित हैं। इस बात की जानकारी दिव्यांका त्रिपाठी ने खुद सोशल मीडिया पर अपने फैंस को दी है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर थर्मामीटर की एक तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, 'जो लोग जानना चाहते थे... डेंगू हो गया है। अब धीरे-धीरे ठीक हो रही हूं।' बता दें, इंस्टाग्राम पर शेयर की गई तस्वीर में थर्मामीटर में 102.3°F बुखार दिख रहा था। गर्मियों के मौसम में मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। गर्म तापमान और बारिश के कारण मच्छरों की संख्या बढ़ने लगती है, जिससे मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। आइए जानते हैं आखिर क्यों होता है डेंगू बुखार, क्या हैं डेंगू बुखार के कारण और बचाव के उपाय।

क्यों होता है डेंगू बुखार?

डेंगू एक मच्छर जनित वायरल संक्रमण है, जो एडीज मच्छर के काटने से होता है। डेंगू के लक्षण सामान्य से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं। कुछ मामलों में तो डेंगू जानलेवा तक हो सकता है। ये मच्छर खासतौर पर दिन या खासकर सुबह और शाम को अधिक सक्रिय होते हैं। संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद मच्छर जब किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तो यह वायरस उसके शरीर में पहुंचकर डेंगू का कारण बनता है।

डेंगू के लक्षण

तेज बुखार- डेंगू बुखार में रोगी को अचानक 104°F तक बुखार आ सकता है, जैसा कि दिव्यांका के मामले में देखा गया।

सिरदर्द- डेंगू से पीड़ित व्यक्ति को खासकर माथे और आंखों के पीछे गंभीर दर्द महसूस हो सकता है।

मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द- डेंगू को 'हड्डीतोड़ बुखार' भी कहा जाता है, क्योंकि इस बुखार में पीडित को बहुत तेज दर्द होता है।

त्वचा पर लाल चकत्ते- डेंगू बुखार होने पर शरीर पर लाल चकत्ते या दाने हो सकते हैं।

थकान और कमजोरी- शरीर में अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है। साथ ही पेट में दर्द के साथ उल्टी की भी समस्या हो सकती है।

डेंगू के गंभीर लक्षण

डेंगू के गंभीर मामलों में, डेंगू रक्तस्रावी बुखार (DHF) या डेंगू शॉक सिंड्रोम (DSS) का रूप ले सकता है, जिसमें नाक या मसूड़ों से खून बहना, सांस लेने में तकलीफ, और ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट जैसे लक्षण दिखते हैं। अगर किसी व्यक्ति को तेज बुखार के साथ ये लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

डेंगू से बचाव के उपाय

डेंगू से बचाव के लिए कोई विशेष टीका उपलब्ध नहीं है, इसलिए मच्छरों के काटने से बचना, इसका सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है। इसके लिए नीचे दी गई कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए।

-लंबी आस्तीन के कपड़े और पैंट पहनें।

-बाहर खेलने के लिए जाने से पहले मच्छर भगाने वाली क्रीम का उपयोग हाथ-पैरों पर करें।

-रात में मच्छरदानी का उपयोग करें।

-घर और आसपास की सफाई का विशेष ध्यान रखें। घर के आसपास रुके हुए पानी को साफ करें। उदाहरण के लिए कूलर, गमले, या पुराने टायरों में गंदा पानी जमा ना होने दें।

-पानी की टंकियों को साफ करके ढककर रखें।

Manju Mamgain

लेखक के बारे में

Manju Mamgain

शॉर्ट बायो
मंजू ममगाईं पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।


परिचय एवं अनुभव
मंजू ममगाईं वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिख रही हैं। बीते साढ़े 6 वर्षों से इस महत्वपूर्ण भूमिका में रहते हुए उन्होंने न केवल डिजिटल कंटेंट के बदलते स्वरूप को करीब से देखा है, बल्कि यूजर बिहेवियर और पाठकों की बदलती रुचि को समझते हुए कंटेंट को नई ऊंचाइयों तक भी पहुंचाया है। पत्रकारिता के तीनों मुख्य स्तंभों— टीवी, प्रिंट और डिजिटल में कुल 18 वर्षों का लंबा अनुभव उनकी पेशेवर परिपक्वता का प्रमाण है।

करियर का सफर (प्रिंट की गहराई से डिजिटल की रफ्तार तक)
एचटी डिजिटल से पहले मंजू ने 'आज तक' (इंडिया टुडे ग्रुप), 'अमर उजाला' और 'सहारा समय' जैसे देश के शीर्ष मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। 'आज तक' में लाइफस्टाइल और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन को लीड करने का उनका अनुभव आज भी उनकी रिपोर्टिंग में झलकता है। वे केवल खबरें नहीं लिखतीं, बल्कि पाठकों के साथ एक 'कनेक्ट' भी पैदा करती हैं।

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दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी (ऑनर्स) और भारतीय विद्या भवन से मास कम्युनिकेशन करने वाली मंजू, साल 2008 से ही मेडिकल रिसर्च और हेल्थ विषयों पर अपनी लेखनी चला रही हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत जटिल वैज्ञानिक तथ्यों और मेडिकल रिसर्च को 'एक्सपर्ट-वेरिफाइड' मेडिकल एक्सप्लेनर स्टोरीज के रूप में सरल भाषा में प्रस्तुत करना है। स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी हर खबर डॉक्टरों द्वारा प्रमाणित होती है, जो डिजिटल युग में विश्वसनीयता की कसौटी पर खरी उतरती है।

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