सुबह उठते ही महसूस होती है थकान? आपकी खाने की यह 1 आदत हो सकती है जिम्मेदार
क्या आप सुबह उठते ही थकान महसूस करते हैं या दिनभर सुस्ती बनी रहती है? इसकी वजह सिर्फ कम नींद नहीं, बल्कि खाने का गलत समय भी हो सकता है। जानिए इस बारे में क्या कहती हैं न्यूट्रिशनिस्ट डिंपल जांगड़ा।

क्या आप उन लोगों में हैं जो सुबह उठते ही कहते हैं, 'आज भी पता नहीं इतनी थकान क्यों लग रही है?' अगर पूरी नींद लेने के बाद भी शरीर में सुस्ती बनी रहती है, तो इसका कारण सिर्फ तनाव या भागदौड़ भरी जिंदगी नहीं हो सकता। कई बार आपकी थाली में क्या है, उससे ज्यादा फर्क इस बात से पड़ता है कि आप उसे कब खा रहे हैं।
आजकल ज्यादातर लोग दिनभर काम में व्यस्त रहते हैं, जल्दी-जल्दी कुछ खा लेते हैं और रात को आराम से बैठकर भरपेट भोजन करते हैं। सुनने में यह आदत बिल्कुल सामान्य लगती है, लेकिन यही आपकी कम ऊर्जा, सुबह के भारीपन और दिनभर की थकान का कारण बन सकती है। न्यूट्रिशनिस्ट डिंपल जांगड़ा के अनुसार, खाने के समय में किया गया एक छोटा-सा बदलाव आपको पहले से ज्यादा ऊर्जावान और हल्का महसूस करा सकता है।
रात को भारी खाना क्यों बन सकता है परेशानी की वजह?
हमारा शरीर दिन और रात के हिसाब से काम करता है। सुबह और दोपहर के समय पाचन की क्षमता बेहतर मानी जाती है। जैसे-जैसे दिन ढलता है, शरीर की गति भी थोड़ी धीमी होने लगती है। ऐसे में अगर रात को बहुत ज्यादा या भारी भोजन किया जाए, तो उसे पचाने में शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। इसका असर नींद और अगले दिन की ऊर्जा पर भी पड़ सकता है।
देर रात खाना कैसे बढ़ा सकता है थकान?
जब शरीर आराम की तैयारी कर रहा होता है, उस समय भारी भोजन करने से पाचन तंत्र लगातार काम करता रहता है।
इस वजह से:
- सुबह उठने पर भारीपन महसूस हो सकता है।
- दिनभर सुस्ती बनी रह सकती है।
- पेट फूलने या असहजता की समस्या हो सकती है।
- नींद की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
दिन का सबसे भरपूर भोजन कब करना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार, दिन का सबसे बड़ा और संतुलित भोजन दोपहर के समय लेना बेहतर माना जाता है। इस समय शरीर भोजन को बेहतर तरीके से पचा और उपयोग कर सकता है। इससे शरीर को दिनभर काम करने के लिए पर्याप्त ऊर्जा भी मिलती है।
सुबह की शुरुआत कैसी होनी चाहिए?
- दिन की शुरुआत हल्के और पानी से भरपूर खाद्य पदार्थों से करना अच्छा होता है।
- इससे शरीर को ताजगी मिलती है और पाचन तंत्र भी धीरे-धीरे सक्रिय होने लगता है।
रात का भोजन कैसा रखें?
रात का भोजन हल्का और समय पर करना बेहतर माना जाता है। ध्यान रखें कि सोने से ठीक पहले भोजन ना करें, जरूरत से ज्यादा खाने से बचें और हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन ही चुनें।
खानपान में बहुत बड़े बदलाव करने की जरूरत नहीं होती। सिर्फ भोजन के समय में थोड़ा बदलाव करके भी शरीर में फर्क महसूस किया जा सकता है।
नोट: दिन में संतुलित और भरपूर भोजन तथा रात में हल्का खाना शरीर को बेहतर ऊर्जा देने में मदद कर सकता है। कई बार सिर्फ यही छोटा बदलाव आपको पहले से ज्यादा सक्रिय और तरोताजा महसूस करा सकता है। इसके अलावा किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए अन्य डॉक्टर से उचित सलाह ले सकते हैं।
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