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Multigrain Atta: हेल्दी रहने के लिए डाइट में लेते हैं मल्टीग्रेन आटा, तो जान लें इसके नुकसान

Side Effects Of Multigrain Flour: हेल्दी और फिट रहने के लिए अगर आप भी मल्टीग्रेन आटे को रोजाना खाते हैं। तो जान लें इसे खाने के केवल फायदे ही नहीं बल्कि कुछ नुकसान भी हैं। जानें कैसे खाना है सही।

Multigrain Atta: हेल्दी रहने के लिए डाइट में लेते हैं मल्टीग्रेन आटा, तो जान लें इसके नुकसान
Aparajitaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 28 Dec 2023 01:59 PM
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सेहतमंद और बीमारियों से बचकर रहने के लिए डॉक्टर से लेकर न्यूट्रिशनिस्ट गेंहू की रोटी को छोड़ने की बात करते हैं। इसके ऑप्शन में काफी सारे लोग मल्टीग्रेन आटा खाने लगते हैं। मल्टीग्रेन आटा यानी कई सारे अनाज को मिलाकर तैयार आटा। जिसमे किनोआ, बाजरा, ज्वार से लेकर जौ और ब्राउन राइस तक मिला होता है। काफी सारे मल्टीग्रेन आटे में अनाज के साथ ही कई तरह के बीज जैसे फ्लैक्स सीड, सनफ्लावर सीड और पंपकिन सीड्स भी मिले होते हैं। अगर आप इस तरह के आटे को हेल्दी समझकर खाते हैं तो जान लें ये शरीर के लिए किस तरह से नुकसानदेह हो सकते हैं। 

मल्टीग्रेन आटे को खाने से हो सकते हैं ये नुकसान

पाचन से जुड़ी समस्याएं
न्यूट्रशनिस्ट का कहना है कि मल्टीग्रेन आटे में कई तरह के अनाज और बीजों को मिक्स कर दिया जाता है। जिसकी वजह से ये कई सारे लोगों के लिए पचाना मुश्किल होता है। हर अनाज को पचने और खाने का समय अलग-अलग होता है। जब आप इन सबको एक साथ खाते हैं तो ये डाइजेस्ट होने में काफी टाइम लेते हैं और ब्लॉटिंग, पेट दर्द, गैस और पेट फूलने की समस्या पैदा करने लगते हैं।

नहीं मिलता पूरा फायदा
मल्टीग्रेन आटे को खाने से सारे अनाजों को खाने का फायदा पूरी तरह से नहीं मिल पाता। क्योंकि जब अनाज ठीक तरीके से पचेगा नहीं तो बॉडी जरूरी न्यूट्रिशन को अब्जॉर्ब नहीं कर पाएगी। जबकि खाना ऐसा होना चाहिए जो आसानी से पच जाए और उसके सारे जरूरी पोषक तत्व आसानी से बॉडी में अब्जॉर्ब हो जाएं।

हो सकती है कब्ज
कुछ लोगों को मल्टीग्रेन आटे को खाने से कब्ज की समस्या भी पैदा हो सकती है। पाचन में समय लगने की वजह से ये आंतों में ही रह जाते हैं और कब्ज की समस्या पैदा करने लगते हैं। 

पोर्शन कंट्रोल की समस्या
मल्टीग्रेन आटे में कई बार काफी सारे अनाज की वजह से कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती है। अगर आप इसे माइंडफुल तरीके से नहीं खाते और पोर्शन कंट्रोल नहीं करते। तो इसकी ज्यादा मात्रा खाकर आप ज्यादा कैलोरी ले लेंगे। जो आपके वेट लॉस की सबसे बड़ी समस्या बन सकता है। 

नहीं मिल पाते सही मात्रा में पोषक तत्व
ज्वार, बाजरा, जौ, किनोआ, फ्लैक्स सीड, पंपकिन सीड्स हर किसी में पोषक तत्वों की मात्रा अलग-अलग होती है। जब आप सबको साथ में खाते हैं तो जरूरी नहीं कि सारे जरूरी न्यूट्रिशन मिल जाएं। पोषक तत्वों के इंबैलेंस की वजह से कुछ पोषक तत्वों की कमी भी शरीर में हो सकती है। 

क्या है अनाज खाने का सही समय
हर अनाज को खाने के लिए न्यूट्रिशनिस्ट अलग-अलग समय बताते हैं। जौ को ब्रेकफास्ट में खाना फायदेमंद है तो वहीं ब्राउन राइस लंच के लिए परफेक्ट है। वहीं राजगिरा को डिनर में खाया जा सकता है। साथ ही हर दिन अलग अनाज भी खाए जा सकते हैं। वहीं पंपकिन सीड्स, फ्लैक्स सीड्स, सनफ्लावर सीड्स को अलग से स्नैक्स में भूनकर खाना ज्यादा फायदेमंद है।

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