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हिंदी न्यूज़ लाइफस्टाइल हेल्थWorld AIDS Day 2022: हर साल 1 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है विश्व एड्स दिवस? जानें इतिहास और महत्व

World AIDS Day 2022: हर साल 1 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है विश्व एड्स दिवस? जानें इतिहास और महत्व

World AIDS Day 2022: इस खास दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य एड्स को लेकर हर उम्र के लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है। यह खास दिन सबसे पहले वैश्विक स्तर पर मनाने की शुरुआत WHO ने अगस्त 1987 में की थी।

World AIDS Day 2022: हर साल 1 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है विश्व एड्स दिवस? जानें इतिहास और महत्व
Manju Mamgainलाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीThu, 01 Dec 2022 06:27 AM

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World AIDS Day 2022: दुनियाभर में हर साल 01 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस (World AIDS Day) मनाया जाता है। इस खास दिन को मनाने के पीछे का उद्देश्य एड्स को लेकर हर उम्र के लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है। यह खास दिन सबसे पहले वैश्विक स्तर पर मनाने की शुरुआत WHO ने अगस्त 1987 में की थी।

वर्ल्ड एड्स डे 2022 की थीम-
इस साल वर्ल्ड एड्स डे 2022 की थीम समानता (Equalize) रखी गई है। यह थीम उन चुनौतियों की सूची में शामिल हो गई है, जिनके प्रति वर्ल्ड एड्स डे ने विश्व स्तर पर लोगों को अलर्ट किया है।

क्या है एड्स-
एड्स ह्यूमन इम्यूनो डेफिशिएंसी वायरस (HIV) के संक्रमण की वजह से होने वाला एक संक्रामक यौन रोग है। जो व्हाइट ब्लड सेल्स को क्रियाहीन करने के बाद व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक शक्ति को कम करके रोगी के शरीर में वायरस से लड़ने की शक्ति भी खत्म कर देता है। यह वायरस इंफेक्टेड ब्लड, सीमन और वजाइनल फ्लूइड्स आदि के कॉन्टेक्ट में आने से ट्रांसमिट होता है। 

वर्ल्ड एड्स डे का इतिहास-
वर्ल्ड एड्स डे को मनाने की शुरुआत  सबसे पहले साल 1988 में हुई थी। खास बात यह है कि वर्ल्ड एड्स डे ग्लोबल हेल्थ के लिए पहला इंटरनेशनल डे था। जिसमें हर साल, यूनाइटेड नेशंस की एजेंसियां, सरकारें और लोग एचआईवी से जुडी खास थीम पर अभियान चलाने के लिए एक साथ जुड़ते हैं। 

वर्ल्ड एड्स डे का महत्व-
वर्ल्ड एड्स डे का महत्व लोगों और सरकार को इस बात का अहसास करवाना है कि देश में एड्स रोगी अभी भी मौजूद है और इसके लिए लोगों को जागरूक करना और इस बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए धन जुटाने की अभी भी आवश्यकता है।

एड्स से बचाव-
एड्स एक जानलेवा बीमारी है। इस रोग का अभी तक कोई समुचित इलाज उपलब्ध नहीं है। इस रोग से दूर रहने के लिए बचाव ही एकमात्र बेहतरीन उपाय है।
-असुरक्षित सेक्स संबंध, समलैंगिक सेक्स संबंध और वेश्याओं से सेक्स करने से बचें। पार्टनर के साथ ही संबंध बनाएं। 
-संभोग के बाद मूत्र त्याग करके अपने गुप्तांगों को साफ पानी से अच्छी तरह धोएं।
-होठों पर घाव, खून का रिसाव हो तो चुम्बन से बचें। इस बीमारी के वायरस लार के माध्यम से आपके खून में पहुंचकर आपको इस रोग से पीड़ित कर सकते हैं।
-सैलूनों में शेविंग करवाते समय नई ब्लेड का उपयोग करने को कहें।
-ब्लड को शरीर में लेने के पहले उसकी एच.आई.वी. मुक्त होने की जांच अवश्य करवा लें। 
-एड्स से संक्रमित महिलाएं गर्भधारण न करें, क्योंकि यह रोग उनके शिशुओं में भी संक्रमित हो जाता है।
-इंजेक्शन लगवाते समय डिस्पोजेबल सिरिंज और निडिल का ही प्रयोग करें।