ब्रेन ट्यूमर का खतरा होने पर केवल सिरदर्द नहीं दिखने लगते हैं ये लक्षण, ना करें अनदेखा
Signs Of Brain Tumor: सिरदर्द और उल्टी के साथ दिमाग से जुड़े इस तरह के लक्षणों को जरा भी नजरअंदाज ना करें। दौरे पड़ना, मूड स्विंग होना या याददाश्त की कमी भी ब्रेन ट्यूमर के लक्षण हो सकते हैं।

ब्रेन ट्यूमर के शुरूआती लक्षणों को लोग केवल सिरदर्द से जोड़कर देखते हैं। सिरदर्द के साथ शरीर में और भी कई सारे लक्षण हैं जिन्हें अनदेखा नहीं किया जा सकता। ये लक्षण ब्रेन ट्यूमर होने की निशानी होते हैं। ब्रेन ट्यूमर एक खतरनाक मेडिकल सिचुएशन होती है। जिसमे कई बार कैंसर की भी संभावना रहती है। दिमाग में बढ़ने वाले एब्नार्मल सेल्क को ही ब्रेन ट्यूमर कहते हैं। ब्रेन ट्यूमर भी दो तरह के होते हैं एक जिनमे कैंसर का खतरा होता है और एक जिनमे कैंसर का रिस्क ना के बराबर होता है। दिमाग में बन रहे ट्यूमर कई बार इतनी तेजी से बढ़ते हैं कि उनका फौरन इलाज करना जरूरी होता है। लेकिन कई बार ये ट्यूमर दिमाग के छोटे हिस्से में मौजूद होते हैं और जल्दी नहीं बढ़ते। लेकिन जब ये नर्व सिस्टम की किसी नस को दबाने लगते हैं तो शरीर की एक्टीविटी पर असर पड़ता है।
क्या होते हैं ब्रेन ट्यूमर के लक्षण
ब्रेन ट्यूमर होने पर ज्यादातर लोगों को सिरदर्द, चक्कर, आंखे कमजोर होना, फिजिकल एक्टिविटी करने में दिक्कत होती है। लेकिन इन सबके अलावा भी कुछ लक्षण होते हैं। जिसे अनदेखा नहीं करना चाहिए क्योंकि ये लक्षण ब्रेन ट्यूमर के हो सकते हैं।
दौरे पड़ना
दिमाग में बन रहे ट्यूमर नस या सेल्स को दबाने लगते हैं। जिससे सेल्स के बीच होने वाले ट्रांसमिशन में बाधा आती है। जिसकी वजह से किसी भी इंसान को दौरे आते हैं। दौरे आना ब्रेन ट्यूमर का सबसे शुरूआती लक्षण हो सकता है जिसे ज्यादातर लोग इग्नोर करते हैं।
सिर के दर्द में बदलाव
सिर में दर्द होने के तरीके या पैटर्न में बार-बार बदलाव हो रहा है तो ये ब्रेन ट्यूमर का ही लक्षण हो सकता है। जब दिमाग में ट्यूमर बढ़ने लगता है तो खून की धमनियों और नर्व्स को दबाता है। जिससे दिमाग में फ्ल्यूड के मूवमेंट पर भी असर पड़ता है। नर्व्स में होने वाले प्रेशर की वजह से सिर दर्द लगातार होता है और इसके होने का पैटर्न भी बार-बार बदलता रहता है।
पूरी तरह से मूड चेंज हो जाना
अगर बार-बार आपका मूड बदल जाता है तो ये ब्रेन ट्यूमर के शुरूआती लक्षण हो सकते हैं। एक झटके में सॉफ्ट तरीके से बात करना और थोड़ी ही देर में लड़ना। कभी एक्टिव रहना तो कभी अचानक से काम करने का दिल ना करना। बात-बात पर हो रहे मूड स्विंग से भी सावधान रहने की जरूरत है।
याददाश्त में कमी
ब्रेन ट्यूमर की वजह से कई बार याददाश्त में कमी भी देखी गई है। किसी काम को करने में दिक्कत, कन्सन्ट्रेशन की कमी और बेहोशी भी ब्रेन ट्यूमर के शुरूआती लक्षण हो सकते हैं। जिन्हें अनदेखा करने की गलती ना करें और समय रहते ही डॉक्टर से जरूर मिलें।

लेखक के बारे में
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अपराजिता शुक्ला पिछले छह सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में बतौर कंटेट प्रोड्यूसर काम कर रही हैं।
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